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कापी बदलवाने के झांसे में न आएं परीक्षार्थी व अभिभावक
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
यूपी बोर्ड परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी व उनके अभिभावक कापी बदलवाने वाले लोगों के झांसे में न आएं। यह सलाह डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने सभी परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को देते हुए कहा है कि परीक्षा नकल विहीन शुचितापूर्ण रूप से संपन्न कराई जा रही हैं।
कहा कि हालांकि अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है, इसके बावजूद सभी को आगाह किया जा रहा है कि किसी के झांसे में न आएं और परीक्षार्थी शांत और अच्छे वातावरण में परीक्षा दें। इस संबंध में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि रुपये बसूली की अफवाहें सुनने में आई हैं, लेकिन कापियां बदली नहीं जा रही हैं।
क्योंकि सचल दल आखिरी परीक्षाकेंद्र पर उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल स्वयं सील करवाता है और संकलन केंद्र तक बंडल जमा होने तक बंडल वाहक रडार पर रहता है। यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान एक-दो परीक्षा केंद्रों से कापी बदलवाने के नाम पर रुपयों की उगाही की सूचना सामने आईं। इन सूचना पर जब अमर उजाला ने पड़ताल की तो पता चला कि इस प्रकार की अफवाहें सही हैं।
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अतरौली में हिंदी का पेपर आउट होने के संबंध में जांच कर रहे अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि कापी बदलवाने के नाम पर रुपये बसूलने की अफवाहें सुनने में तो आई हैं, लेकिन कहीं भी कापी बदली नहीं जा रही है। कापियों का बदलना संभव भी नहीं है। क्योंकि सचल दल आखिरी वाले परीक्षा केंद्र से स्वयं उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल सील करवाते हैं।
वहीं परीक्षा केंद्र से संकलन केंद्र तक बंडल वाहक पर नजर रखी जाती है। इसके अलावा अलग से पर्यवेक्षक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी परीक्षा केंद्र पर तैनात हैं। इस तरह की अफवाह के नाम पर धन बसूलने वाले के झांसे में बिल्कुल आने की जरूरत नहीं है। अगर कहीं से सूचना मिलती है तो संबंधित को चिह्नित कर विधि अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
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यूपी बोर्ड परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी व उनके अभिभावक कापी बदलवाने वाले लोगों के झांसे में न आएं। यह सलाह डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने सभी परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को देते हुए कहा है कि परीक्षा नकल विहीन शुचितापूर्ण रूप से संपन्न कराई जा रही हैं।
कहा कि हालांकि अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है, इसके बावजूद सभी को आगाह किया जा रहा है कि किसी के झांसे में न आएं और परीक्षार्थी शांत और अच्छे वातावरण में परीक्षा दें। इस संबंध में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि रुपये बसूली की अफवाहें सुनने में आई हैं, लेकिन कापियां बदली नहीं जा रही हैं।
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क्योंकि सचल दल आखिरी परीक्षाकेंद्र पर उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल स्वयं सील करवाता है और संकलन केंद्र तक बंडल जमा होने तक बंडल वाहक रडार पर रहता है। यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान एक-दो परीक्षा केंद्रों से कापी बदलवाने के नाम पर रुपयों की उगाही की सूचना सामने आईं। इन सूचना पर जब अमर उजाला ने पड़ताल की तो पता चला कि इस प्रकार की अफवाहें सही हैं।
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अतरौली में हिंदी का पेपर आउट होने के संबंध में जांच कर रहे अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि कापी बदलवाने के नाम पर रुपये बसूलने की अफवाहें सुनने में तो आई हैं, लेकिन कहीं भी कापी बदली नहीं जा रही है। कापियों का बदलना संभव भी नहीं है। क्योंकि सचल दल आखिरी वाले परीक्षा केंद्र से स्वयं उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल सील करवाते हैं।
वहीं परीक्षा केंद्र से संकलन केंद्र तक बंडल वाहक पर नजर रखी जाती है। इसके अलावा अलग से पर्यवेक्षक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी परीक्षा केंद्र पर तैनात हैं। इस तरह की अफवाह के नाम पर धन बसूलने वाले के झांसे में बिल्कुल आने की जरूरत नहीं है। अगर कहीं से सूचना मिलती है तो संबंधित को चिह्नित कर विधि अनुसार कार्यवाही की जाएगी।