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एएमयू में बनेगी महिला हॉकी टीम-Cordination
Updated Tue, 11 Dec 2018 01:15 AM IST
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न्यूज डेस्क, इकराम वारिस, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में अब लड़कियां भी हॉकी खेलेंगी। करीब एक सदी पुराने इस विश्वविद्यालय में अब तक महिला हाकी का कोई वजूद नहीं था। आने वाले वक्त में यहां टीम तैयार होते ही यूनिवर्सिटी के इतिहास में नई उपलब्धि होगी। इस समय हॉकी सीखने के लिए छात्राएं रोजाना मैदान पर पसीना बहा रही हैं।
एएमयू गेम्स कमेटी ने भविष्य में महिला हॉकी टीम बनाने के लिए अभी से ही एएमयू के स्कूलों की छात्राओं को हॉकी सिखाने की कवायद शुरू कर दी है। बाकायदा, गेम्स कमेटी इसके लिए काफी फिक्रमंद है।
यूं तो सर सैयद अहमद खां ने वर्ष 1857 में मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज नाम से इदारा शुरू किया था। बाद में वर्ष 1920 में यह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी हो गई। उस दौर से पुरुष यहां हॉकी है, मगर महिला हॉकी टीम नहीं है।
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अब महिला हॉकी टीम बनाने के लिए लिए गेम्स कमेटी के सचिव प्रो. अमजद अली रिजवी व हॉकी क्लब के अध्यक्ष प्रो. गुलाम सरवर ने स्कूली छात्राओं को हॉकी सिखाने पर जोर दिया है।
बेहतर खिलाड़ी बनने को सीख रहीं गुर
एएमयू के घास मैदान पर ठीक शाम चार बजे एएमयू के डिप्टी डायरेक्टर अनीस उर रहमान की सीटी बजते ही प्रशिक्षु हॉकी खिलाड़ी कतारबद्ध होकर ड्रिबलिंग करने लगती हैं। हॉकी का आधार यही ड्रिबलिंग होती है। अनीस उर रहमान कोच की भूमिका में हैं। वे कहते हैं कि एबीके यूनियन स्कूल की छात्राएं आ रही हैं, जो कक्षा छह से लेकर 10 में पढ़ रही हैं। यही छात्राएं आगे चलकर एएमयू से स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिल लेकर महिला हॉकी टीम का हिस्सा बनेंगी। जो एएमयू के इतिहास में पहली बार महिला हॉकी की टीम होगी।
एएमयू ने देश को दिए हॉकी के हीरे
इस यूनिवर्सिटी ने देश को हॉकी के नायाब हीरे दिए हैं। इनमें पद्मश्री जफर इकबाल, मसूद मिन्हाज, अहसान मोहम्मद खान, ए शकूर, मदन लाल, लतीफ उर रहमान, सैयद अली, अख्तर हुसैन हयात सहित कई नाम हैं।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में अब लड़कियां भी हॉकी खेलेंगी। करीब एक सदी पुराने इस विश्वविद्यालय में अब तक महिला हाकी का कोई वजूद नहीं था। आने वाले वक्त में यहां टीम तैयार होते ही यूनिवर्सिटी के इतिहास में नई उपलब्धि होगी। इस समय हॉकी सीखने के लिए छात्राएं रोजाना मैदान पर पसीना बहा रही हैं।
एएमयू गेम्स कमेटी ने भविष्य में महिला हॉकी टीम बनाने के लिए अभी से ही एएमयू के स्कूलों की छात्राओं को हॉकी सिखाने की कवायद शुरू कर दी है। बाकायदा, गेम्स कमेटी इसके लिए काफी फिक्रमंद है।
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यूं तो सर सैयद अहमद खां ने वर्ष 1857 में मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज नाम से इदारा शुरू किया था। बाद में वर्ष 1920 में यह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी हो गई। उस दौर से पुरुष यहां हॉकी है, मगर महिला हॉकी टीम नहीं है।
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अब महिला हॉकी टीम बनाने के लिए लिए गेम्स कमेटी के सचिव प्रो. अमजद अली रिजवी व हॉकी क्लब के अध्यक्ष प्रो. गुलाम सरवर ने स्कूली छात्राओं को हॉकी सिखाने पर जोर दिया है।
बेहतर खिलाड़ी बनने को सीख रहीं गुर
एएमयू के घास मैदान पर ठीक शाम चार बजे एएमयू के डिप्टी डायरेक्टर अनीस उर रहमान की सीटी बजते ही प्रशिक्षु हॉकी खिलाड़ी कतारबद्ध होकर ड्रिबलिंग करने लगती हैं। हॉकी का आधार यही ड्रिबलिंग होती है। अनीस उर रहमान कोच की भूमिका में हैं। वे कहते हैं कि एबीके यूनियन स्कूल की छात्राएं आ रही हैं, जो कक्षा छह से लेकर 10 में पढ़ रही हैं। यही छात्राएं आगे चलकर एएमयू से स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिल लेकर महिला हॉकी टीम का हिस्सा बनेंगी। जो एएमयू के इतिहास में पहली बार महिला हॉकी की टीम होगी।
एएमयू ने देश को दिए हॉकी के हीरे
इस यूनिवर्सिटी ने देश को हॉकी के नायाब हीरे दिए हैं। इनमें पद्मश्री जफर इकबाल, मसूद मिन्हाज, अहसान मोहम्मद खान, ए शकूर, मदन लाल, लतीफ उर रहमान, सैयद अली, अख्तर हुसैन हयात सहित कई नाम हैं।