{"_id":"5ac295964f1c1bba618b511d","slug":"61522701718-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी और दो बच्चों की मौत के जिम्मेदार पति को सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी और दो बच्चों की मौत के जिम्मेदार पति को सजा
Updated Tue, 03 Apr 2018 02:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
कस्बा चंडौस के मोहल्ला जोगियान में नौ साल पूर्व महिला व उसके दो बच्चों की जलने से मौत के मामले में पति को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोपी करार दिया है। यह फैसला एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या प्रथम अच्छे लाल सरोज के न्यायालय से सुनाया गया है। साथ ही आरोपी को सात साल की सजा व जुर्माने से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी प्रमोद तोमर के अनुसार बुलंदशहर के गांव कहरौली निवासी प्रेमपाल ने दर्ज कराए मुकदमे में उल्लेख किया कि उसकी बहन शारदा की शादी पप्पू निवासी चंडौस संग हुई थी।
दंपति पर तीन बच्चे क्रमश: 9 वर्षीय ऋतु, 7 वर्षीय राजा व 4 वर्षीय जितेंद्र थे। प्रेमपाल पर शराब पीकर परेशान करने का आरोप था। इसी विवाद में अक्सर शारदा शिकायत करती थी। इसी के चलते 14 मई 2009 को शारदा अपने मायके पहुंची, जिसे समझाकर भेजा गया। मगर 15 मई की सुबह पता चला कि शारदा व बच्चों को जलाकर मार दिया गया है। इस मामले में प्रेमपाल के अलावा गांव के ही कन्हैया आदि पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया।
विज्ञापन
अस्पताल में पहले जितेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। बाद में शारदा व ऋतु की मौत हो गई, जबकि राजा को उपचार के बाद बचा लिया गया। इस मामले में पुलिस ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर कन्हैया का नाम निकाल दिया और प्रेमपाल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। सत्र परीक्षण के दौरान अदालत ने आरोपी पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप तय करते हुए उसे सात साल की सजा व 5 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
विज्ञापन
कस्बा चंडौस के मोहल्ला जोगियान में नौ साल पूर्व महिला व उसके दो बच्चों की जलने से मौत के मामले में पति को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोपी करार दिया है। यह फैसला एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या प्रथम अच्छे लाल सरोज के न्यायालय से सुनाया गया है। साथ ही आरोपी को सात साल की सजा व जुर्माने से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी प्रमोद तोमर के अनुसार बुलंदशहर के गांव कहरौली निवासी प्रेमपाल ने दर्ज कराए मुकदमे में उल्लेख किया कि उसकी बहन शारदा की शादी पप्पू निवासी चंडौस संग हुई थी।
विज्ञापन
दंपति पर तीन बच्चे क्रमश: 9 वर्षीय ऋतु, 7 वर्षीय राजा व 4 वर्षीय जितेंद्र थे। प्रेमपाल पर शराब पीकर परेशान करने का आरोप था। इसी विवाद में अक्सर शारदा शिकायत करती थी। इसी के चलते 14 मई 2009 को शारदा अपने मायके पहुंची, जिसे समझाकर भेजा गया। मगर 15 मई की सुबह पता चला कि शारदा व बच्चों को जलाकर मार दिया गया है। इस मामले में प्रेमपाल के अलावा गांव के ही कन्हैया आदि पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया।
विज्ञापन
अस्पताल में पहले जितेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। बाद में शारदा व ऋतु की मौत हो गई, जबकि राजा को उपचार के बाद बचा लिया गया। इस मामले में पुलिस ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर कन्हैया का नाम निकाल दिया और प्रेमपाल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। सत्र परीक्षण के दौरान अदालत ने आरोपी पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप तय करते हुए उसे सात साल की सजा व 5 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।