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अलीगढ़... दूध पीने में ज्यादा पसीना आए तो बच्चे के दिल में है छेद
Updated Tue, 06 Feb 2018 02:32 AM IST
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दूध पीने में ज्यादा पसीना आए तो बच्चे के दिल में है छेद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
गंभीर बीमारियों से कुपोषित हुए बच्चों में दिल के मरीज भी हैं। 38 बीमारियों का नि:शुल्क उपचार डीईआईसी में मौजूद है। अब हार्ट सर्जरी भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए बाल कार्डियक मूल्यांकन एवं सर्जरी यूनिट भी स्थापित की जा रही है। ये 15 करोड़ का प्रोजेक्ट है, जिसमें 6 करोड़ की जर्मन की कैथलैब मशीन भी खरीद ली गई है।
10 दिन में 3 हार्ट सर्जरी भी चुकी हैं, लेकिन गांवों के जरूरतमंद बच्चों को यहां तक ला पाने में आरबीएसके टीम अभी तक असफल हैं। सोमवार को जेएन मेडिकल स्थित पीडीएट्रिक विभाग के डीन कार्यालय में जिले की 24 टीमों को बुलाकर ट्रेनिंग दी गई। विशेषज्ञों ने उन्हें बच्चों में दिल के मरीज पहचानने के नुस्खे सिखाये।
मुख्य अतिथि डीन डॉ. एससी शर्मा एवं विशिष्ट अतिथियों में डॉ. एफके बेग, डॉ. एमएच बेग, डॉ. आसिफ हसन, आरबीएसके के नोडल अफसर एसीएमओ डॉ. एसपी सिंह थे। हार्ट सर्जरी इकाई के नोडल अफसर डॉ. साद आबकारी, डॉ. मिर्जा मोहम्मद कामरान, डॉ. असद अब्बास, डॉ. शहजाद, डॉ. नवेद, डॉ. इश्तियाक, डॉ. कासिफ, डॉ. आजम सहित डीईआईसी की नोडल अफसर डॉ. उज्मा फिरदौस आदि विशेषज्ञों ने टीमों का मार्गदर्शन किया। मुनाजिर हुसैन सहित आरबीएसके का 4 दर्जन स्टाफ मौजूद रहा।
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ये लक्षण हैं तो तुरंत दिखाएं
नीलापन, बार बार फेफड़ों में संक्रमण, सांस में दिक्कत, थकान ज्यादा, दूध पीने में परेशानी, दूध पीने में ज्यादा पसीना आये, पैर पेट या आंखों में सूजन हो तो ये दिल की बीमारी के लक्षण हैं। दिल में छेद भी हो सकता है। विकास के दौरान गर्भ में हृदय व बड़ी रक्त वाहिनियों में आये दोषों के कारण ऐसे विकार जन्म लेते हैं।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
गंभीर बीमारियों से कुपोषित हुए बच्चों में दिल के मरीज भी हैं। 38 बीमारियों का नि:शुल्क उपचार डीईआईसी में मौजूद है। अब हार्ट सर्जरी भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए बाल कार्डियक मूल्यांकन एवं सर्जरी यूनिट भी स्थापित की जा रही है। ये 15 करोड़ का प्रोजेक्ट है, जिसमें 6 करोड़ की जर्मन की कैथलैब मशीन भी खरीद ली गई है।
10 दिन में 3 हार्ट सर्जरी भी चुकी हैं, लेकिन गांवों के जरूरतमंद बच्चों को यहां तक ला पाने में आरबीएसके टीम अभी तक असफल हैं। सोमवार को जेएन मेडिकल स्थित पीडीएट्रिक विभाग के डीन कार्यालय में जिले की 24 टीमों को बुलाकर ट्रेनिंग दी गई। विशेषज्ञों ने उन्हें बच्चों में दिल के मरीज पहचानने के नुस्खे सिखाये।
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मुख्य अतिथि डीन डॉ. एससी शर्मा एवं विशिष्ट अतिथियों में डॉ. एफके बेग, डॉ. एमएच बेग, डॉ. आसिफ हसन, आरबीएसके के नोडल अफसर एसीएमओ डॉ. एसपी सिंह थे। हार्ट सर्जरी इकाई के नोडल अफसर डॉ. साद आबकारी, डॉ. मिर्जा मोहम्मद कामरान, डॉ. असद अब्बास, डॉ. शहजाद, डॉ. नवेद, डॉ. इश्तियाक, डॉ. कासिफ, डॉ. आजम सहित डीईआईसी की नोडल अफसर डॉ. उज्मा फिरदौस आदि विशेषज्ञों ने टीमों का मार्गदर्शन किया। मुनाजिर हुसैन सहित आरबीएसके का 4 दर्जन स्टाफ मौजूद रहा।
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ये लक्षण हैं तो तुरंत दिखाएं
नीलापन, बार बार फेफड़ों में संक्रमण, सांस में दिक्कत, थकान ज्यादा, दूध पीने में परेशानी, दूध पीने में ज्यादा पसीना आये, पैर पेट या आंखों में सूजन हो तो ये दिल की बीमारी के लक्षण हैं। दिल में छेद भी हो सकता है। विकास के दौरान गर्भ में हृदय व बड़ी रक्त वाहिनियों में आये दोषों के कारण ऐसे विकार जन्म लेते हैं।