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पत्नी की मौत पर पति को सुनाई पांच साल की कैद
Updated Fri, 02 Feb 2018 02:41 AM IST
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पत्नी की मौत पर पति को पांच साल की कैद
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले आरोपी पति को कोर्ट ने पांच साल की कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार हरवीर उर्फ भिरगू पुत्र रामजीलाल निवासी बरानदी थाना हरदुआगंज ईट भट्टे पर ईट पकाई का काम करता था। उसकी पत्नी राजवती उसी के साथ कमरे में रहती थी। 19 मार्च 2010 को हरवीर ने ज्यादा शराब पी ली तो उसके बाद पति-पत्नी में काफी झगड़ा हुआ।
इसकी जानकारी ठेकेदार सुरेश को हुई तो उसने दोनों को समझाया-बुझाया। उसके बाद भी इन दोनों में झगड़ा होता रहा। सुबह जब सुरेश ने देखा तो हरवीर के कमरे के बाहर ताला लगा था। दरवाजा उखाड़ कर अंदर देखा तो राजवती बिस्तर पर मृत पड़ी थी।
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उसके गले में फांसी जैसा निशान था। ऐसा प्रतीत होता था कि राजवती ने झगड़े की कलह से रात में किसी समय फांसी लगा ली। इस मामले की रिपोर्ट हरवीर के खिलाफ धारा 306 के तहत दर्ज की गई। इस मामले में विवेचना के उपरांत कोर्ट में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट प्रस्तुत की गई।
अब एडीजे कोर्ट संख्या 14 संजयवीर सिंह ने इस मामले में दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद धारा 306 में दोषी पाते हुए पांच साल कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी विनय यादव ने पैरवी की।
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले आरोपी पति को कोर्ट ने पांच साल की कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार हरवीर उर्फ भिरगू पुत्र रामजीलाल निवासी बरानदी थाना हरदुआगंज ईट भट्टे पर ईट पकाई का काम करता था। उसकी पत्नी राजवती उसी के साथ कमरे में रहती थी। 19 मार्च 2010 को हरवीर ने ज्यादा शराब पी ली तो उसके बाद पति-पत्नी में काफी झगड़ा हुआ।
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इसकी जानकारी ठेकेदार सुरेश को हुई तो उसने दोनों को समझाया-बुझाया। उसके बाद भी इन दोनों में झगड़ा होता रहा। सुबह जब सुरेश ने देखा तो हरवीर के कमरे के बाहर ताला लगा था। दरवाजा उखाड़ कर अंदर देखा तो राजवती बिस्तर पर मृत पड़ी थी।
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उसके गले में फांसी जैसा निशान था। ऐसा प्रतीत होता था कि राजवती ने झगड़े की कलह से रात में किसी समय फांसी लगा ली। इस मामले की रिपोर्ट हरवीर के खिलाफ धारा 306 के तहत दर्ज की गई। इस मामले में विवेचना के उपरांत कोर्ट में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट प्रस्तुत की गई।
अब एडीजे कोर्ट संख्या 14 संजयवीर सिंह ने इस मामले में दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद धारा 306 में दोषी पाते हुए पांच साल कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी विनय यादव ने पैरवी की।