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जलभराव पर भड़की महिलाएं
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:23 AM IST
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मदीना कॉलोनी में जलभराव से भड़की महिलाएं, प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
भुजपुरा स्थित मदीना कॉलोनी में जलभराव की समस्या का समाधान नहीं होने पर शुक्रवार को वहां पर महिलाएं सड़क पर उतर आयीं। महिलाओं ने प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और 10 साल पुरानी जलभराव की समस्या के समाधान की मांग की।
बुधवार की रात हुई लगातार बारिश के बाद यूं तो शहर के अधिकांश हिस्सों में जलभराव हो गया, लेकिन भुजपुरा की स्थिति ज्यादा गंभीर थी। क्षेत्र की शबनम, नादिरा, नजमा, रेशमा, शाइन, समीना, सईरा, फेमिदा, नीलोफर, शकीला, नूर अफसा, अर्शी, कौसर नादरा आदि ने बताया कि जब उनका सब्र बिल्कुल जवाब दे गया है तो वह यहां पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हुई हैं।
उन्होंने बताया कि शहर को स्मार्ट सिटी घोषित किया गया है, लेकिन यहां पर समस्याएं यथावत बनी हुई हैं। स्थानीय पार्षद से लेकर जिलाधिकारी, नगर निगम तक कई बार गुहार की है, लेकिन यहां पर जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इस समस्या के चलते बच्चों को स्कूल जाने, नमाजियों को मस्जिद जाने आदि में समस्या आती है। बाद में नगर निगम के कुछ अधिकारियों ने फोन पर संपर्क कर समस्या का समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
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गांधी नेत्र चिकित्सालय में जलभराव बरकरार
शहर के कुछ इलाकों में पानी निकासी का काम शुक्रवार को भी जारी रहा। लगातार हुई पंपिंग से स्थिति नियंत्रित रही, लेकिन गांधी नेत्र चिकित्सालय के परिसर में पानी भरने से हुई परेशानी में सुधार नहीं। गांधी नेत्र चिकित्सालय के प्रशासनिक अधिकारी मधुप लहरी ने बताया कि अस्पताल परिसर में पानी भरा हुआ है। यहां पर संक्रामक रोगों का खतरा हो गया है। डाक्टरों को तो शिफ्ट कर दिया है, लेकिन मरीजों का पलायन जारी है।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
भुजपुरा स्थित मदीना कॉलोनी में जलभराव की समस्या का समाधान नहीं होने पर शुक्रवार को वहां पर महिलाएं सड़क पर उतर आयीं। महिलाओं ने प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और 10 साल पुरानी जलभराव की समस्या के समाधान की मांग की।
बुधवार की रात हुई लगातार बारिश के बाद यूं तो शहर के अधिकांश हिस्सों में जलभराव हो गया, लेकिन भुजपुरा की स्थिति ज्यादा गंभीर थी। क्षेत्र की शबनम, नादिरा, नजमा, रेशमा, शाइन, समीना, सईरा, फेमिदा, नीलोफर, शकीला, नूर अफसा, अर्शी, कौसर नादरा आदि ने बताया कि जब उनका सब्र बिल्कुल जवाब दे गया है तो वह यहां पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हुई हैं।
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उन्होंने बताया कि शहर को स्मार्ट सिटी घोषित किया गया है, लेकिन यहां पर समस्याएं यथावत बनी हुई हैं। स्थानीय पार्षद से लेकर जिलाधिकारी, नगर निगम तक कई बार गुहार की है, लेकिन यहां पर जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इस समस्या के चलते बच्चों को स्कूल जाने, नमाजियों को मस्जिद जाने आदि में समस्या आती है। बाद में नगर निगम के कुछ अधिकारियों ने फोन पर संपर्क कर समस्या का समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
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गांधी नेत्र चिकित्सालय में जलभराव बरकरार
शहर के कुछ इलाकों में पानी निकासी का काम शुक्रवार को भी जारी रहा। लगातार हुई पंपिंग से स्थिति नियंत्रित रही, लेकिन गांधी नेत्र चिकित्सालय के परिसर में पानी भरने से हुई परेशानी में सुधार नहीं। गांधी नेत्र चिकित्सालय के प्रशासनिक अधिकारी मधुप लहरी ने बताया कि अस्पताल परिसर में पानी भरा हुआ है। यहां पर संक्रामक रोगों का खतरा हो गया है। डाक्टरों को तो शिफ्ट कर दिया है, लेकिन मरीजों का पलायन जारी है।