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मुख्यसचिव, डीजीपी एवं एएमयू वीस प्रेस काउंसिल में तलब
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
जन संपर्क कार्यालय में पत्रकार एवं एएमयू के पूर्व मीडिया सलाहकार डॉ. जसीम मोहम्मद पर हमले के मामले में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने मुख्य सचिव, प्रदेश के गृह विभाग (पुलिस) के सचिव, डीजीपी, एएमयू वीसी, डीएम एवं एसएसपी आदि को बयान के लिए तलब किया है। अधिकारियों को 19 फरवरी 2019 को नई दिल्ली, लोधी रोड, सूचना भवन स्थित कार्यालय में बयान देने जाना है।
डॉ. जसीम मोहम्मद ने 9 जुलाई 2018 को हमले का आरोप एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी एवं 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ लगाया था। इस मामले में थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के बाद जांच के लिए प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की कमेटी 17-18 जुलाई 2018 को अलीगढ़ पहुंची थी। डॉ. जसीम ने पुलिस अधिकारियों के साथ एएमयू प्रशासन पर इस मामले की लीपापोती का प्रयास करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एएमयू प्रशासन की जांच झूठ एवं सत्य से दूर है।
जांच अधिकारियों ने बगैर सुने झूठी रिपोर्ट लगा दी है। उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे। चश्मदीद गवाह के बयान को जांच से अलग रखा गया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में ऐसा महसूस हो रहा है कि आम आदमी, पत्रकार और शिक्षण संस्थान भी सुरक्षित नहीं है। एएमयू पीआरओ उमर सलीम पीरजादा ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की नोटिस से अनभिज्ञता जताई।
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जन संपर्क कार्यालय में पत्रकार एवं एएमयू के पूर्व मीडिया सलाहकार डॉ. जसीम मोहम्मद पर हमले के मामले में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने मुख्य सचिव, प्रदेश के गृह विभाग (पुलिस) के सचिव, डीजीपी, एएमयू वीसी, डीएम एवं एसएसपी आदि को बयान के लिए तलब किया है। अधिकारियों को 19 फरवरी 2019 को नई दिल्ली, लोधी रोड, सूचना भवन स्थित कार्यालय में बयान देने जाना है।
डॉ. जसीम मोहम्मद ने 9 जुलाई 2018 को हमले का आरोप एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी एवं 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ लगाया था। इस मामले में थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के बाद जांच के लिए प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की कमेटी 17-18 जुलाई 2018 को अलीगढ़ पहुंची थी। डॉ. जसीम ने पुलिस अधिकारियों के साथ एएमयू प्रशासन पर इस मामले की लीपापोती का प्रयास करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एएमयू प्रशासन की जांच झूठ एवं सत्य से दूर है।
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जांच अधिकारियों ने बगैर सुने झूठी रिपोर्ट लगा दी है। उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे। चश्मदीद गवाह के बयान को जांच से अलग रखा गया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में ऐसा महसूस हो रहा है कि आम आदमी, पत्रकार और शिक्षण संस्थान भी सुरक्षित नहीं है। एएमयू पीआरओ उमर सलीम पीरजादा ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की नोटिस से अनभिज्ञता जताई।
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