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तालिबानी मानसिकता से चल रहा है एएमयू: सतीश-Cordination
Updated Wed, 21 Nov 2018 02:23 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कल्चरल एजूकेशन सेंटर (सीईसी) के ड्रामा क्लब द्वारा विवादित पोस्टर जारी करने का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। इस मामले में सांसद सतीश कुमार गौतम ने कुलपति को पत्र लिखकर कहा है कि एएमयू तालिबानी मानसिकता से चल रहा है। उन्होंने यह भी लिखा है कि अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने संबंधी उनके द्वारा लिखे गए पत्रों को देखकर कुलपति को सांप सूंघ जाता है और महीनों तक उसका कोई जवाब प्राप्त नहीं होता है। जवाब नहीं मिलने से खिन्न सांसद ने इस बार कुलपति से जवाब मांगने के बदले ‘पत्र को गंभीरता से पढ़ने’ का उल्लेख किया है। दूसरी ओर एएमयू के पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई का कहना है कि पत्र के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
भाजपा सांसद ने लिखा है कि छात्रों द्वारा लगाए गए पोस्टर में भारत के अभिन्न अंग कश्मीर और उत्तर पूर्व के कुछ हिस्से को नहीं दर्शाया गया। इतनी बड़ी घटना पर एएमयू प्रशासन ऐसे दर्शा रहा है कि जैसे इनके लिए यह एक आम घटना हो। हालांकि पूरा देश जानता है कि एएमयू कैसी मानसिकता रखता है और यहां देश विरोधी कृत्यों का समय-समय पर महिमा मंडन किया जाता है। यहां के छात्र कभी मानव संसाधन विकास मंत्री का जबड़ा खींचने तो कभी आंखें निकालने की धमकी देते रहे हैं। कुलपति छात्रों के सामने भीगी बिल्ली बने रहते हैं। ऐसे छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती तो उद्दंडता पर अंकुश लगता। हाल ही में एएमयू में पढ़ने वाले छात्र मन्नान वानी को कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराया गया।
ऐसे मौकों पर यहां खुशी के बदले मातम मनाया गया। ऐसा करने वाले छात्रों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सांसद ने लिखा है कि ऐसा लगता है कि इंतजामिया, अमुटा, छात्र संघ और अन्य जुड़े हुए व्यक्ति देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना नहीं चाहते और एक दड़बे में कैद रहना चाहते हैं। शर्म की बात यह है कि देश की घटनाओं पर चीख-चीख कर भाषण देने वाले शिक्षक भी अवैध कार्यों पर चुप्पी साध लेते हैं। सांसद ने वीसी को लिखा है कि बहुत दुख होता है कि मेरे लोकसभा क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की खराब कारणों से लोग चर्चा करते हैं। जब बाहर जाता हूं तो लोग मुझसे कहते हैं कि इतना खराब माहौल तो यहां कभी नहीं रहा कि यहां के एक पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष के खिलाफ कुर्की वारंट लेकर पुलिस उसके घर तक जा पहुंचे। लोग कहते हैं कि क्या एएमयू आतंकवाद की नई पौध तैयार करने में जुटा हुआ है जो कि आए दिन यहां ऐसी घटनाएं संचालित होती रहती है।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कल्चरल एजूकेशन सेंटर (सीईसी) के ड्रामा क्लब द्वारा विवादित पोस्टर जारी करने का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। इस मामले में सांसद सतीश कुमार गौतम ने कुलपति को पत्र लिखकर कहा है कि एएमयू तालिबानी मानसिकता से चल रहा है। उन्होंने यह भी लिखा है कि अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने संबंधी उनके द्वारा लिखे गए पत्रों को देखकर कुलपति को सांप सूंघ जाता है और महीनों तक उसका कोई जवाब प्राप्त नहीं होता है। जवाब नहीं मिलने से खिन्न सांसद ने इस बार कुलपति से जवाब मांगने के बदले ‘पत्र को गंभीरता से पढ़ने’ का उल्लेख किया है। दूसरी ओर एएमयू के पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई का कहना है कि पत्र के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
भाजपा सांसद ने लिखा है कि छात्रों द्वारा लगाए गए पोस्टर में भारत के अभिन्न अंग कश्मीर और उत्तर पूर्व के कुछ हिस्से को नहीं दर्शाया गया। इतनी बड़ी घटना पर एएमयू प्रशासन ऐसे दर्शा रहा है कि जैसे इनके लिए यह एक आम घटना हो। हालांकि पूरा देश जानता है कि एएमयू कैसी मानसिकता रखता है और यहां देश विरोधी कृत्यों का समय-समय पर महिमा मंडन किया जाता है। यहां के छात्र कभी मानव संसाधन विकास मंत्री का जबड़ा खींचने तो कभी आंखें निकालने की धमकी देते रहे हैं। कुलपति छात्रों के सामने भीगी बिल्ली बने रहते हैं। ऐसे छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती तो उद्दंडता पर अंकुश लगता। हाल ही में एएमयू में पढ़ने वाले छात्र मन्नान वानी को कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराया गया।
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ऐसे मौकों पर यहां खुशी के बदले मातम मनाया गया। ऐसा करने वाले छात्रों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सांसद ने लिखा है कि ऐसा लगता है कि इंतजामिया, अमुटा, छात्र संघ और अन्य जुड़े हुए व्यक्ति देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना नहीं चाहते और एक दड़बे में कैद रहना चाहते हैं। शर्म की बात यह है कि देश की घटनाओं पर चीख-चीख कर भाषण देने वाले शिक्षक भी अवैध कार्यों पर चुप्पी साध लेते हैं। सांसद ने वीसी को लिखा है कि बहुत दुख होता है कि मेरे लोकसभा क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की खराब कारणों से लोग चर्चा करते हैं। जब बाहर जाता हूं तो लोग मुझसे कहते हैं कि इतना खराब माहौल तो यहां कभी नहीं रहा कि यहां के एक पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष के खिलाफ कुर्की वारंट लेकर पुलिस उसके घर तक जा पहुंचे। लोग कहते हैं कि क्या एएमयू आतंकवाद की नई पौध तैयार करने में जुटा हुआ है जो कि आए दिन यहां ऐसी घटनाएं संचालित होती रहती है।
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