{"_id":"5b675a9e4f1c1b6f668b79d3","slug":"51533500062-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस ने तहरीर के आधार पर शुरू की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस ने तहरीर के आधार पर शुरू की जांच
Updated Mon, 06 Aug 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जेएन मेडिकल कॉलेज मार्ग स्थित जकरिया मार्केट में खून के खरीद फरोख्त के मामले में पुलिस ने तहरीर की जांच शुरू कर दी है। महिला मरीज का पुलिस ने बयान भी लिया।
रविवार को पुलिस ने महिला मरीज से पूछताछ की। महिला ने बताया कि उसे दो यूनिट मुहैया कराया गया था। इसमें एक यूनिट वापस कर दी थी। उसने इसके लिए एडवांस में 1500 रुपये भी दिए थे। पुलिस ने जांच में पाया कि मेडिकल कॉलेज में एक यूनिट खून की वापसी फीस 750 रुपये है। महिला को दोबारा बयान के लिए बुलाया गया है।
बता दें कि मेडिकल स्टोर से खून के खरीद फरोख्त के झांसे में फंसे एएमयू के छात्र तारिक ने बताया था कि युवक अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर खून बेचने का कारोबार करता है। वह एक यूनिट खून के बदले 2 से 4 हजार रुपये लेता है। वह खून की डील होने के बाद अपने दोस्तों को कॉल करते हैं, जिसे अपने रिश्तेदार को मेडिकल में भर्ती बताकर उनसे खून की मांग करते हैं। दोस्त किसी रिश्तेदार की जान खतरे में जानकर फौरन खून देने को तैयार हो जाते हैं। पीड़ित तारिक ने बताया कि नामजदों से उसकी दोस्ती है। उससे भी दो यूनिट खून लेकर बेच दिया।
विज्ञापन
इसका पता तब चला जब उसे रिश्तेदारों पर शक हुआ। खून देने के बाद शक के आधार पर उसने रिश्तेदार (महिला मरीज) से पूछताछ की। मरीज ने बताया कि उन दोनों ने खून के बदले उससे 4000 रुपये मांगे हैं, जिसमें वह 1500 रुपये बतौर एडवांस दे चुके हैं। इसके बाद तारिक ने अपने दोस्तों को कॉल कर सारा मामला बताया। फौरन युवक के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में तहरीर दे दी थी।
विज्ञापन
जेएन मेडिकल कॉलेज मार्ग स्थित जकरिया मार्केट में खून के खरीद फरोख्त के मामले में पुलिस ने तहरीर की जांच शुरू कर दी है। महिला मरीज का पुलिस ने बयान भी लिया।
रविवार को पुलिस ने महिला मरीज से पूछताछ की। महिला ने बताया कि उसे दो यूनिट मुहैया कराया गया था। इसमें एक यूनिट वापस कर दी थी। उसने इसके लिए एडवांस में 1500 रुपये भी दिए थे। पुलिस ने जांच में पाया कि मेडिकल कॉलेज में एक यूनिट खून की वापसी फीस 750 रुपये है। महिला को दोबारा बयान के लिए बुलाया गया है।
विज्ञापन
बता दें कि मेडिकल स्टोर से खून के खरीद फरोख्त के झांसे में फंसे एएमयू के छात्र तारिक ने बताया था कि युवक अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर खून बेचने का कारोबार करता है। वह एक यूनिट खून के बदले 2 से 4 हजार रुपये लेता है। वह खून की डील होने के बाद अपने दोस्तों को कॉल करते हैं, जिसे अपने रिश्तेदार को मेडिकल में भर्ती बताकर उनसे खून की मांग करते हैं। दोस्त किसी रिश्तेदार की जान खतरे में जानकर फौरन खून देने को तैयार हो जाते हैं। पीड़ित तारिक ने बताया कि नामजदों से उसकी दोस्ती है। उससे भी दो यूनिट खून लेकर बेच दिया।
विज्ञापन
इसका पता तब चला जब उसे रिश्तेदारों पर शक हुआ। खून देने के बाद शक के आधार पर उसने रिश्तेदार (महिला मरीज) से पूछताछ की। मरीज ने बताया कि उन दोनों ने खून के बदले उससे 4000 रुपये मांगे हैं, जिसमें वह 1500 रुपये बतौर एडवांस दे चुके हैं। इसके बाद तारिक ने अपने दोस्तों को कॉल कर सारा मामला बताया। फौरन युवक के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में तहरीर दे दी थी।