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लखनऊ कांड के बाद जांच की जद में आए 25 होटल

Mon, 25 Jun 2018 02:00 AM IST
Updated Mon, 25 Jun 2018 02:00 AM IST
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लखनऊ कांड के बाद जांच की जद में आए 25 होटल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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लखनऊ के दो होटलों में अगिभनकांड में मौतों के बाद शहर के होटल जांच की जद में आ गए हैं। अगिभनशमन विभाग ने शहर के 25 होटलों को चिह्नित कर उनकी जांच शुरू कर दी है, जिनमें यह देखा जा रहा है कि इनमें अगिभनशमन मानक पूरे हैं या नहीं और आग नियंत्रण के क्या-क्या उपाय हैं। अब तक जिन होटलों की जांच हुई है, उनमें कई खरे नहीं उतरे हैं। सबसे खास बात है कि सात दिन में यह जांच पूरी होनी है, जिसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी विवेक शर्मा ने फायर अफसर संजय जायसवाल को पत्र लिखकर शहर के नामचीन 25 होटल और रेस्टोरेंट की चेकिंग शुरू कराई है। यह चेकिंग 7 दिन में पूरी कर आख्या देनी है। जो जिलाधिकारी को अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रेषित की जाएगी। बीती 19 जून को लखनऊ में होटल विराट व एसएसजे इंटरनेशनल में भीषण आग लगने से छह लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गये थे। मरने वालों में अतरौली का युवक भी शामिल था। इससे पहले भी नोएडा समेत प्रदेश में कई होटलों में ऐसे अग्निकांड हो चुके हैं।
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इन अग्निकांडों को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने शहर में यह जांच शुरू करा दी है। शहर के 25 ऐसे होटल और रेस्टोरेंट चिन्हित किए गए हैं। इनमें से कुछ की जांच हो चुकी हैं और कुछ में जारी है। स्थिति ये है कि अधिकांश मानकों में खरे नहीं उतर रहे हैं। इससे होटलों में ठहरने वाले ग्राहकों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
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जांच के दो प्रमुख मानक
1-फायर प्रिवेंशन के तहत किसी भी कमर्शियल भवन में प्रवेश और निकास की व्यवस्था देखी जाती है। अगर भीड़ अचानक अग्निकांड में घिर जाए तो सैकड़ों लोगों को किस किस रास्ते से सुरक्षित निकाला जा सकता है। शहर के अधिकांश होटल और रेस्टोरेंट में ऐसी व्यवस्था नहीं है। आग बुझाने के लिए भवन के तीन ओर से पानी डालने के लिए जरूरी सेटबैक (तीन रास्ते) भी अधिकांश में नहीं छोड़ा गया है।
2-फायर फाइटिंग अरेजमेंट की जांच में होटल और रेस्टोरेंट में 50 से 70 फीसदी तक उपकरण ठीक मिले हैं। सौ फीसदी सही उपकरण और उपाय कहीं नहीं मिले हैं।

‘नगर निगम प्रशासन शहर के होटलों में अग्नि सुरक्षा उपाय और नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत वर्णित प्रावधानों का अनुपालन देखेगा। साथ ही होटल से प्राप्त हो रहे राजस्व का भी आंकलन किया जाएगा’ -डॉ. संजीव सिन्हा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम

फायर अफसर के स्तर से 25 होटलों को चिह्नित कर उनकी जांच कराई जा रही है। हमें जो भी जांच आख्या मिलेगी उससे जिलाधिकारी को अवगत करा देंगे। इसके बाद उनके निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई होगी। -विवेक शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।


यह है होटलों की सूची
1-होटल रॉयल रेजीडेंसी, जीटी रोड।
2-होटल रूबी, गांधीपार्क बस स्टैंड।
3-होटल सेंट्रल, गांधीपार्क बस स्टैंड।
4-होटल चरन, गांधीपार्क बस स्टैंड।
5-होटल पदम रेजीडेंसी, मसूदाबाद।
6-होटल नीलकंठ, जीटी रोड।
7-होटल मैरिस व्यू, सेंटर प्वाइंट।
8-होटल धीरज पैलेस, गांधीपार्क बस स्टैंड।
9-होटल पहलवान, गांधीपार्क बस स्टैंड।
10-होटल अनुकंपा, गांधीपार्क बस स्टैंड।
11-होटल भगवान पैलेस, गांधीपार्क बस स्टैंड।
12-होटल वायसराय, गांधीपार्क बस स्टैंड।
13-होटल साहिब पैलेस, मसूदाबाद।
14-होटल श्रद्धा, दुबे का पड़ाव।
15-होटल आभा रीजेंसी, रामघाट रोड।
16-होटल पामट्री, मैरिस रोड।
17-होटल रोमानिया, धौर्रा माफ ी।
18-होटल मेट्रो बार एंड रेस्टोरेंट, किशनपुर तिराहा।
19-होटल गुलमर्ग, पुरानी चुंगी अनूपशहर रोड।
20-होटल इंडिया बार एंड रेस्टोरेंट, गांधीपार्क बस स्टैंड।
21-होटल बंधन, गांधीपार्क बस स्टैंड।
22-होटल गायत्री पैलेस, शक्तिनगर बन्नादेवी।
23-होटल आरआर इन, मसूदाबाद।
24-होटल एवेन्यू, आवास विकास मसूदाबाद।
25-होटल रॉयल क्लासिक, दुबे का पड़ाव।

जांच रिपोर्ट: अवंतिका में कमर्शियल
सिलेंडर फटते तो तबाही मच जाती

शनिवार की अलसुबह अवंतिका फेस-2 के एक घर में संचालित ताला और हार्डवेयर गोदाम में भीषण आग लगने के मामले में अग्निशमन विभाग के स्तर से अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दी जा रही है। सीएफओ विवेक शर्मा के अनुसार इस रिपोर्ट के अनुसार ये घर घनी आबादी क्षेत्र में है। जहां घर के ऊपर की मंजिल पर ताला, हार्डवेयर और मूर्ति का गोदाम था। ये गोदाम कमलकांत का है जो डिवाइन कारपोरेशन के नाम से कंपनी संचालित कर रहे हैं। उन्होंने बिना किसी अनुमति ये गोदाम बना लिया था। जिसमें फाइबर शीट का बहुत इस्तेमाल हुआ।


आग बढ़ने की वजह फाइबर शीट थीं। वहां गोदाम में कमर्शियल सिलेंडर भी आग की चपेट में आ सकते थे। अगर ऐसा होता तो आसपास के घरों में भी तबाही मच जाती। ये जांच रिपोर्ट अग्निशमन विभाग ने जिला प्रशासन को भेजी जा रही है। अब जिला प्रशासन के स्तर से आगे की कार्रवाई होनी है। इससे पहले बीते बुधवार को मैरिस रोड पर कोहिनूर फर्नीचर गोदाम एक छोटे प्लाट में बना है, जिसमें आग लगी थी। यहां पर सेटबैक नहीं था। जिससे आग बुझाने में देरी हुई। ये प्लाट छोटा था। अग्निशमन विभाग की इस अग्निकांड की सामान्य रिपोर्ट दी है।
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