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प्रेस कॉलोनी के क्वार्टर खाली, विद्युत उपकरणों की चोरी शुरू
Updated Sun, 10 Jun 2018 02:00 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
पुलिस कंट्रोल रूम के पीछे बसी दशकों पुरानी प्रेस कॉलोनी के क्वार्टर खाली करा लिए गए हैं। अधिकांश क्वार्टर खाली हो गए हैं। कुछेक में कुछ लोग ही रह गए हैं जो भारत सरकार मुद्रणालय कार्यालय में काम करने वाले हैं।
इस प्रेस को बंद करने का एलान पहले ही हो चुका है। कर्मचारियों को दिल्ली की प्रेस से संबद्ध किया जा चुका है। भारत सरकार के मुद्रणालय कार्यालय के निदेशक अजय बंसल ने बताया कि अलीगढ़ का प्रेस कार्यालय दिल्ली से संबद्ध कर दिया गया है। जिससे यहां के कर्मचारी भी वहां संबद्ध कर दिए गए हैं।
अब कर्मचारियों के दिल्ली जाने से बाकी क्वार्टर खाली कराए जा रहे हैं। फिलहाल यहां की जमीन और जो भी सरकारी सामान है उसको सीपीडब्ल्यूडी को सौंप दिया गया है। सभी की देखरेख करने की जिम्मेदारी सीपीडब्ल्यूडी की है। यहां भविष्य में क्या बनेगा क्या होगा..? ये अभी तय होना बाकी है। प्रेस कॉलोनी के डिप्टी मैनेजर बंशीधर दुबे ने बताया कि देखरेख के लिए अभी कुछ कर्मी यहां हैं।
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इधर, प्रेस कॉलोनी के क्वार्टर खाली होने के साथ ही यहां पर लगा बिजली का सामान, अन्य उपकरण और सामान चोरी होने लगा है। जिसकी शिकायतें भी हो रही है। यहां पर प्रेस कॉलोनी का एक बाबू अगर किसी को रोकता टोकता है तो कहासुनी होने लगती है।
दबंग उसको डरा धमका कर शांत कर देते हैं। सांसद सतीश गौतम को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने कहा कि प्रेस के आला अधिकारियों से वार्ता कर इसका समाधान निकाला जाएगा, जिससे अलीगढ़ की पहचान रही सरकारी प्रेस और उसकी कॉलोनी को कुछ नया रूप दिया जा सके।
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पुलिस कंट्रोल रूम के पीछे बसी दशकों पुरानी प्रेस कॉलोनी के क्वार्टर खाली करा लिए गए हैं। अधिकांश क्वार्टर खाली हो गए हैं। कुछेक में कुछ लोग ही रह गए हैं जो भारत सरकार मुद्रणालय कार्यालय में काम करने वाले हैं।
इस प्रेस को बंद करने का एलान पहले ही हो चुका है। कर्मचारियों को दिल्ली की प्रेस से संबद्ध किया जा चुका है। भारत सरकार के मुद्रणालय कार्यालय के निदेशक अजय बंसल ने बताया कि अलीगढ़ का प्रेस कार्यालय दिल्ली से संबद्ध कर दिया गया है। जिससे यहां के कर्मचारी भी वहां संबद्ध कर दिए गए हैं।
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अब कर्मचारियों के दिल्ली जाने से बाकी क्वार्टर खाली कराए जा रहे हैं। फिलहाल यहां की जमीन और जो भी सरकारी सामान है उसको सीपीडब्ल्यूडी को सौंप दिया गया है। सभी की देखरेख करने की जिम्मेदारी सीपीडब्ल्यूडी की है। यहां भविष्य में क्या बनेगा क्या होगा..? ये अभी तय होना बाकी है। प्रेस कॉलोनी के डिप्टी मैनेजर बंशीधर दुबे ने बताया कि देखरेख के लिए अभी कुछ कर्मी यहां हैं।
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इधर, प्रेस कॉलोनी के क्वार्टर खाली होने के साथ ही यहां पर लगा बिजली का सामान, अन्य उपकरण और सामान चोरी होने लगा है। जिसकी शिकायतें भी हो रही है। यहां पर प्रेस कॉलोनी का एक बाबू अगर किसी को रोकता टोकता है तो कहासुनी होने लगती है।
दबंग उसको डरा धमका कर शांत कर देते हैं। सांसद सतीश गौतम को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने कहा कि प्रेस के आला अधिकारियों से वार्ता कर इसका समाधान निकाला जाएगा, जिससे अलीगढ़ की पहचान रही सरकारी प्रेस और उसकी कॉलोनी को कुछ नया रूप दिया जा सके।