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प्रतियोगिताओं के आयोजन में बजट की कमी
Updated Tue, 08 Aug 2017 01:28 AM IST
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प्रतियोगिताओं के आयोजन में बजट की कमी
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
माध्यमिक विद्यालयों में खेलों के आयोजन को लेकर खेल बजट की कमी भी आड़े आ रही है। स्थिति यह है कि पर्याप्त खेल बजट न होने की वजह से आयोजन भी नहीं हो पा रहे। ऐसे में अब यहां का माध्यमिक शिक्षा महकमा विद्यार्थियों पर क्रीड़ा शुल्क बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि अब प्रदेश स्तरीय माध्यमिक विद्यालयीय खेल प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम फाइनल हो गया है। ऐसे में रायफल शूटिंग प्रतियोगिता यहां होगी। साथ ही अन्य खेलों में यहां के स्कूली बच्चे दूर-दूर तक भाग लेने जाएंगे। इन बच्चों के खर्चे के लिए पर्याप्त बजट यहां माध्यमिक शिक्षा महकमे के पास नहीं है।
हर विद्यालय से जो क्रीड़ा शुल्क प्राप्त होता है। उससे यह आयोजन व आने-जाने का खर्च नहीं निकल पाता। विद्यालयों के क्रीड़ा शिक्षकोें का कहना है कि इतना ही नहीं बच्चोें के खेल के लिए संसाधन की भी समस्या भी बनी रहती है। ऐसे में पिछले दिनों इस पर भी विचार किया गया कि क्यों न हर छात्र का क्रीड़ा शुल्क बढ़ा दिया जाए। शासन से भी और ज्यादा खेल बजट मांगने पर भी विचार हुआ। डीआईओएस का कहना है कि जल्द ही इसे लेकर सभी प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाई जाएगी और तब कोई फैसला लिया जाएगा।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
माध्यमिक विद्यालयों में खेलों के आयोजन को लेकर खेल बजट की कमी भी आड़े आ रही है। स्थिति यह है कि पर्याप्त खेल बजट न होने की वजह से आयोजन भी नहीं हो पा रहे। ऐसे में अब यहां का माध्यमिक शिक्षा महकमा विद्यार्थियों पर क्रीड़ा शुल्क बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि अब प्रदेश स्तरीय माध्यमिक विद्यालयीय खेल प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम फाइनल हो गया है। ऐसे में रायफल शूटिंग प्रतियोगिता यहां होगी। साथ ही अन्य खेलों में यहां के स्कूली बच्चे दूर-दूर तक भाग लेने जाएंगे। इन बच्चों के खर्चे के लिए पर्याप्त बजट यहां माध्यमिक शिक्षा महकमे के पास नहीं है।
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हर विद्यालय से जो क्रीड़ा शुल्क प्राप्त होता है। उससे यह आयोजन व आने-जाने का खर्च नहीं निकल पाता। विद्यालयों के क्रीड़ा शिक्षकोें का कहना है कि इतना ही नहीं बच्चोें के खेल के लिए संसाधन की भी समस्या भी बनी रहती है। ऐसे में पिछले दिनों इस पर भी विचार किया गया कि क्यों न हर छात्र का क्रीड़ा शुल्क बढ़ा दिया जाए। शासन से भी और ज्यादा खेल बजट मांगने पर भी विचार हुआ। डीआईओएस का कहना है कि जल्द ही इसे लेकर सभी प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाई जाएगी और तब कोई फैसला लिया जाएगा।
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