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अलीगढ़ के 46 बच्चे यूक्रेन में फंसे, एयरलिफ्ट कराए सरकार

Thu, 17 Feb 2022 12:32 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Feb 2022 12:32 AM IST
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46 children of Aligarh trapped in Ukraine
माधवी अरोरा। - फोटो : CITY OFFICE
जिले के 46 एमबीबीएस के विद्यार्थी यूक्रेन में फंसे हैं। परेशान परिजनों ने बुधवार को जिलाधिकारी व मंडलायुक्त से मुलाकात करके यूक्रेन में फंसे बच्चों को वापस बुलाने की व्यवस्था कराने की मांग की है। परिजनों ने केंद्र सरकार से बच्चोें को एयरलिफ्ट कराने की गुहार लगाई है।
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यूक्रेन-रूस में युद्ध के हालात की खबर अलीगढ़ और देश में आने के बाद यूक्रेन के अलग-अलग मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे बच्चों के माता-पिता चिंतित हो उठे हैं। हालांकि, बच्चे अपने परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। यूक्रेन में फंसी फाल्गुनी धीरज की मां काजल धीरज ने बताया कि तीन दिन पहले ही यूक्रेन छोड़ने का फरमान सुना दिया गया था, लेकिन भारतीय दूतावास ने स्थिति को गंभीरतापूर्वक नहीं लिया। यूक्रेन में स्थित भारतीय दूतावास ने भारत सरकार को सही समय पर इस भयावह स्थिति की जानकारी नहीं दी। एमबीबीएस की छात्र नेअम रशीद के पिता शेख रशीद ने बताया कि यूक्रेन से भारत आने वाली हवाई सेवा निरस्त है। हवाई यात्रा किराया जहां 22 हजार रुपये लगता था, अब डेढ़ लाख से दो लाख रुपये लिए जा रहे हैं। पंकज धीरज ने बताया कि अलीगढ़ के 45-46 बच्चे यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। भारत सरकार को यूक्रेन में फंसे बच्चों को एयरलिफ्ट कराना चाहिए। हवाई यात्रा भी निरस्त है। इस दौरान डीएम सेल्वा कुमारी जे व मंडलायुक्त गौरव दयाल को ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है। इस अवसर पर पंकज धीरज, डॉ. विश्वमित्र आर्य, शेख रशीद, आमोद कुमार उपाध्याय, काजल धीरज, पुनीत अरोरा, मोर मुकुट यादव आदि मौजूद रहे।
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चिंता मत करिए पापा
यूक्रेन के एक मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की छात्रा फाल्गुनी धीरज ने अपने पापा पंकज धीरज से कहा कि वह बिल्कुल चिंता न करें। सब कुछ ठीक-ठाक है। ईश्वर से प्रार्थना करें, यह संकट के बादल छंट जाए। हालांकि, यूक्रेन में हालात को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ऑफलाइन पढ़ाई के बजाय ऑनलाइन कर दी है।
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ये यूक्रेन में कर रहे पढ़ाई
यूं तो अलीगढ़ जिले से मेडिकल की पढ़ाई तकरीबन 46 बच्चे कर रहे हैं। इनमें माधवी अरोरा एमबीबीएस तृतीय वर्ष, नेअम रशीद एमबीबीएस द्वितीय वर्ष, रितिक शिरोमणि एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष, फाल्गुनी धीरज एमबीबीएस द्वितीय वर्ष, रितिक वार्ष्णेय एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष, सार्थक उपाध्याय एमबीबीएस तृतीय वर्ष आदि शामिल हैं।

भारत का कदम परिपक्व रहा : प्रो. हक
यूक्रेन-रूस के बीच बन रहे युद्ध के आसार पर अंतरराष्ट्रीय संबंधों के जानकार व अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर मोहिब उल हक ने कहा कि जार्जिया और यूक्रेन नाटो का हिस्सा बनना चाहते हैं, जिसे रूस धमकी समझता है। दोनों देशों के बीच बिगड़े हालात के मामले में अब तक भारत का कदम परिपक्व रहा है, क्योंकि पश्चिमी देशों व अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन को भारत नाराज नहीं करना चाहता है। उन्हें लगता है कि इसमें भारत को कुछ सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत थी। अब भी भारत के पास दोनों देशों के बीच संवाद करने की जगह है। भारत में इतनी क्षमता है कि अमेरिका और रूस को एक टेबल पर बैठाकर दोनों के बीच संवाद करा सकता है।

न्यूम राशिद ।

न्यूम राशिद ।- फोटो : CITY OFFICE

ऋत्विक शिरोमणि ।

ऋत्विक शिरोमणि । - फोटो : CITY OFFICE

फाल्गुनी धीरज ।

फाल्गुनी धीरज ।- फोटो : CITY OFFICE

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