फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   40 फीसदी ही दे रहे हैं मीटर से बिल

40 फीसदी ही दे रहे हैं मीटर से बिल

Thu, 21 Feb 2019 01:58 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Feb 2019 01:58 AM IST
विज्ञापन
40 फीसदी ही दे रहे हैं मीटर से बिल
दीपक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन


जिले में मात्र 39 से 40 फीसदी उपभोक्ता ही मीटर में आई रीडिंग के आधार पर बिजली का बिल चुकाते हैं। यह बात ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (सीईईडब्ल्यू) के एक सर्वेक्षण में सामने आई है। यह सर्वेक्षण प्रदेश के 10 जिलों में करवाया गया था, इनमें अलीगढ़ भी शामिल है।


ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद ने इनिशिएटिव फार सस्टेनेबल एनर्जी पालिसी (आईएसईपी) के सहयोग से यह सर्वेक्षण अलीगढ़, आंबेडकर नगर, बांदा, बदायूं, कौशांबी, मऊ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर और सुल्तानपुर कराया था।
विज्ञापन



इसमें प्रदेश के 90 गांवों और शहरी क्षेत्र के 90 वार्डों के 1800 परिवारों को शामिल किया गया था। प्रदेश में बिजली की आपूर्ति करने वाली पांच कंपनियों में से चार कंपनियां इन जिलों में बिजली की आपूर्ति करती हैं। नगरीय विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता एसके चौधरी कहते हैं कि समय-समय पर बिलिंग, खपत और ऊर्जा बचत की स्थिति को लेकर सर्वे कराए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



शहरी इलाके में तो सभी के यहां पर मीटर लगे हैं। ग्रामीण इलाकों में बिना मीटर के बिलिंग की स्थिति अधिक है। इसमें उपभोक्ता से एक फिक्स चार्ज ले लिया जाता है। दूसरी ओर रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने सौभाग्य योजना के तहत प्रदेश में शत प्रतिशत विद्युतीकरण की घोषणा की है। ऐसे में नया कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ता खराब मीटर, व्यवस्था, बिल मिलने में अनियमितता और बकाए की वसूली सही तरीके से नहीं होने के कारण बिजली वितरण कंपनियों पर ज्यादा वित्तीय बोझ बढ़ा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed