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चोरी के आरोपी फोरमैन को ही सौंप दी ऑयल फिल्टर चोरी की जांच
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
सारसौल स्थित वर्कशॉप से बसों में लगने वाले आयल फिल्टर चोरी होने के मामले में एक ओर परिवहन निगम के अधिकारियों ने फोरमैन से जवाब मांगा है वहीं इस मामले की जांच भी उन्हें ही सौंप दी है।
हां यह अलग बात है कि लगातार तीसरी बार उनका जवाब संतोषपूर्ण न होने पर एआरएम ने वापिस कर दिया। लेकिन चोरी के आरोपी को ही मामले की जांच सौंपने को लेकर वर्कशॉप में चर्चाओं का दौर है।
15 जनवरी को बुद्ध विहार वर्कशॉप में काम करने वाला एक प्राइवेट कर्मचारी अपनी ड्यूटी खत्म करके घर जा रहा था। गेट पर मौजूद चौकीदार ने उसे रोका और शक होने पर उसका बैग चेक किया तो उसके बैग से तीन हजार रुपये कीमत के दो ऑयल फिल्टर बरामद हुए।
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युवक ने ऑयल फिल्टर फोनमैन द्वारा देना स्वीकार किया। गेट पर मौजूद कर्मचारियों ने भी देखा कि फोरमैन ने युवक को मौका देखकर भगा दिया। इस मामले की शिकायत चौकीदार ने एआरएम बुद्ध विहार से की।
बुद्ध विहार एआरएम ने फोरमैन से जवाब मांगा, एक सप्ताह तक जवाब न देने पर उसे रिमांडर भेजा। रिमांडर पर फोरमैन ने जवाब तो दिया, लेकिन वह संतोषपूर्ण नहीं था। इस पर एआरएम ने उससे पुन: जवाब मांगा है।
साथ ही ऑयल फिल्टर किसके नाम पर स्टोर से लिए गए, युवक पिछले कितने समय से इस काम में लगा हुआ था। इस सब मामले की जांच परिवहन निगम के अधिकारियों ने फोरमैन को ही सौंपी है। अब इस मामले में कितनी निष्पक्ष जांच और कार्यवाही होगी यह वर्कशॉप में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इसे जांच देना नहीं कहते हैं, चूंकि वर्कशॉप में स्टोर होता है और फोरमैन की देखरेख में ही उसके अंदर से सामान निकलता है। इसलिए एआरएम ने उनसे जानकारी मांगी होगी। यदि उचित जानकारी नहीं मिलेगी तो मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- एसके यादव, कार्यवाहक क्षेत्रीय प्रबंधक/सेवा प्रबंधक
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सारसौल स्थित वर्कशॉप से बसों में लगने वाले आयल फिल्टर चोरी होने के मामले में एक ओर परिवहन निगम के अधिकारियों ने फोरमैन से जवाब मांगा है वहीं इस मामले की जांच भी उन्हें ही सौंप दी है।
हां यह अलग बात है कि लगातार तीसरी बार उनका जवाब संतोषपूर्ण न होने पर एआरएम ने वापिस कर दिया। लेकिन चोरी के आरोपी को ही मामले की जांच सौंपने को लेकर वर्कशॉप में चर्चाओं का दौर है।
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15 जनवरी को बुद्ध विहार वर्कशॉप में काम करने वाला एक प्राइवेट कर्मचारी अपनी ड्यूटी खत्म करके घर जा रहा था। गेट पर मौजूद चौकीदार ने उसे रोका और शक होने पर उसका बैग चेक किया तो उसके बैग से तीन हजार रुपये कीमत के दो ऑयल फिल्टर बरामद हुए।
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युवक ने ऑयल फिल्टर फोनमैन द्वारा देना स्वीकार किया। गेट पर मौजूद कर्मचारियों ने भी देखा कि फोरमैन ने युवक को मौका देखकर भगा दिया। इस मामले की शिकायत चौकीदार ने एआरएम बुद्ध विहार से की।
बुद्ध विहार एआरएम ने फोरमैन से जवाब मांगा, एक सप्ताह तक जवाब न देने पर उसे रिमांडर भेजा। रिमांडर पर फोरमैन ने जवाब तो दिया, लेकिन वह संतोषपूर्ण नहीं था। इस पर एआरएम ने उससे पुन: जवाब मांगा है।
साथ ही ऑयल फिल्टर किसके नाम पर स्टोर से लिए गए, युवक पिछले कितने समय से इस काम में लगा हुआ था। इस सब मामले की जांच परिवहन निगम के अधिकारियों ने फोरमैन को ही सौंपी है। अब इस मामले में कितनी निष्पक्ष जांच और कार्यवाही होगी यह वर्कशॉप में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इसे जांच देना नहीं कहते हैं, चूंकि वर्कशॉप में स्टोर होता है और फोरमैन की देखरेख में ही उसके अंदर से सामान निकलता है। इसलिए एआरएम ने उनसे जानकारी मांगी होगी। यदि उचित जानकारी नहीं मिलेगी तो मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- एसके यादव, कार्यवाहक क्षेत्रीय प्रबंधक/सेवा प्रबंधक