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हरदुआगंज पावर हाउस की यूनिट पर रेलवे और शासन के बीच फंसी
Updated Fri, 31 Aug 2018 02:24 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
हरदुआगंज तापीय परियोजना की नई बन रही यूनिट के लिए जमीन के एक हिस्से पर रेलवे के दावेे के बाद जमीन की नापजोख शुरू हो गई है। जानकारों के अनुसार यह जमीन रेलवे की हुई तो रेलवे से जमीन मांगी भी जा सकती है। अथवा परियोजना स्थल के आसपास विस्तार की संभावना तलाशी जा सकती है। हालांकि यूनिट का निर्माण कर रही कंपनी तोशीबा के अधिकारियों ने इस स्थिति से स्वयं को अलग करते हुए कहा है कि यह रेलवे और यूपी सरकार के बीच का मामला है। इससे कंपनी का कोई लेना देना नहीं है।
हरदुआगंज थर्मल पावर जिसे कासिमपुर पावर हाउस के नाम से भी जाना जाता है, यहां पर 610 मेगावाट क्षमता की यूनिट थी। सन 2015 में सपा सरकार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 630 मेगावाट क्षमता की नई यूनिट की आधारशिला रखी और काम शुरू हुआ। यूनिट बनाने की जिम्मेदारी जापान की तोशीबा कंपनी को दी गई। काम शुरू हुआ तो पहले स्थानीय लोगों को गिरते भूजल स्तर की समस्या से जूझना पड़ा।
जब कंपनी ने वहां बोरिंग आदि करा दी, तो अब बताया गया है कि निर्माण स्थल पर 132 मीटर अंदर तक रेलवे ने अपनी जमीन होने का दावा कर दिया है। यह क्षेत्र अलीगढ़ और चंदौसी ब्रांच लाइन के आसपास का है, इसलिए यहां पर गत दिवस मुरादाबाद रेलवे क्षेत्र के अधिकारी जमीन को देखने आए। इसके बाद नापजोख का काम शुरू हुआ है। इसमें कई दिन लग सकते हैं।
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‘जो मामला है वह रेलवे और यूपी सरकार के बीच का है। जमीन पर स्वामित्व को लेकर बात आई है। जहां तक नई यूनिट के निर्माण की बात है तो निर्माण कार्य चल रहा है। उस पर कोई प्रभाव नहीं है। हमें तो जमीन जो दी जाएगी उसी पर निर्माण करेंगे। उसकी उपलब्धता राज्य सरकार कराएगी।’ - अमिताभ गांगुली, महाप्रबंधक (सिविल) तोशीबा।
नई यूनिट के लिए मिक्सिंग प्लांट को बंद किया
रेलवे के जमीन पर दावे के बाद कासिमपुर पावर हाउस में निर्माणाधीन यूनिट के लिए तैयार हो रहे कंक्रीट के काम को बंद कर दिया है। यहां पर खड़ा मिक्सर बंद है। बताया गया है कि माप पूरी होने तक मिक्सिंग का काम बंद रहेगा। यूनिट का और मैकेनिकल काम चलता रहेगा।
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हरदुआगंज तापीय परियोजना की नई बन रही यूनिट के लिए जमीन के एक हिस्से पर रेलवे के दावेे के बाद जमीन की नापजोख शुरू हो गई है। जानकारों के अनुसार यह जमीन रेलवे की हुई तो रेलवे से जमीन मांगी भी जा सकती है। अथवा परियोजना स्थल के आसपास विस्तार की संभावना तलाशी जा सकती है। हालांकि यूनिट का निर्माण कर रही कंपनी तोशीबा के अधिकारियों ने इस स्थिति से स्वयं को अलग करते हुए कहा है कि यह रेलवे और यूपी सरकार के बीच का मामला है। इससे कंपनी का कोई लेना देना नहीं है।
हरदुआगंज थर्मल पावर जिसे कासिमपुर पावर हाउस के नाम से भी जाना जाता है, यहां पर 610 मेगावाट क्षमता की यूनिट थी। सन 2015 में सपा सरकार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 630 मेगावाट क्षमता की नई यूनिट की आधारशिला रखी और काम शुरू हुआ। यूनिट बनाने की जिम्मेदारी जापान की तोशीबा कंपनी को दी गई। काम शुरू हुआ तो पहले स्थानीय लोगों को गिरते भूजल स्तर की समस्या से जूझना पड़ा।
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जब कंपनी ने वहां बोरिंग आदि करा दी, तो अब बताया गया है कि निर्माण स्थल पर 132 मीटर अंदर तक रेलवे ने अपनी जमीन होने का दावा कर दिया है। यह क्षेत्र अलीगढ़ और चंदौसी ब्रांच लाइन के आसपास का है, इसलिए यहां पर गत दिवस मुरादाबाद रेलवे क्षेत्र के अधिकारी जमीन को देखने आए। इसके बाद नापजोख का काम शुरू हुआ है। इसमें कई दिन लग सकते हैं।
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‘जो मामला है वह रेलवे और यूपी सरकार के बीच का है। जमीन पर स्वामित्व को लेकर बात आई है। जहां तक नई यूनिट के निर्माण की बात है तो निर्माण कार्य चल रहा है। उस पर कोई प्रभाव नहीं है। हमें तो जमीन जो दी जाएगी उसी पर निर्माण करेंगे। उसकी उपलब्धता राज्य सरकार कराएगी।’ - अमिताभ गांगुली, महाप्रबंधक (सिविल) तोशीबा।
नई यूनिट के लिए मिक्सिंग प्लांट को बंद किया
रेलवे के जमीन पर दावे के बाद कासिमपुर पावर हाउस में निर्माणाधीन यूनिट के लिए तैयार हो रहे कंक्रीट के काम को बंद कर दिया है। यहां पर खड़ा मिक्सर बंद है। बताया गया है कि माप पूरी होने तक मिक्सिंग का काम बंद रहेगा। यूनिट का और मैकेनिकल काम चलता रहेगा।