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अलीगढ़ में गंगा ने बढ़ाई भाजपा की टेंशन
Updated Sat, 11 Nov 2017 02:22 AM IST
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गंगा ने बढ़ाई भाजपा की टेंशन, समाज के रुख पर नजर
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
नगर निगम चुनाव में मेयर सीट पर वार्ष्णेय समाज के चार प्रत्याशियों के उतरने से बढ़ी भाजपा की टेंशन शुक्रवार को कुछ कम तो हुई, लेकिन खत्म नहीं हुई। तीन प्रत्याशियों ने नाम वापस लिया तो एक मैदान में डटे हैं।
नाम वापसी के बाद समाज से अब एकमात्र प्रत्याशी प्रदीप गंगा मैदान में डटे हैं। संगीता वार्ष्णेय भाजपा के खेमे में चली गई हैं, तो पर्चा वापस लेने वाले हरिकिशन वार्ष्णेय बैट्री ने प्रदीप का समर्थन करने की बात कही है। सुधीश वार्ष्णेय भी नाम वापस ले चुके हैं।
दरअसल, जब भाजपा ने टिकट नहीं दिया तो मेयर पद के लिए वार्ष्णेय समाज के चार प्रत्याशी व्यापारी नेता प्रदीप गंगा, हरिकिशन वार्ष्णेय, संगीता वार्ष्णेय एवं सुधीश वार्ष्णेय मैदान में उतरे। सुधीश ने कांग्रेस से भी टिकट लेने का प्रयास किया था लेकिन वहां मधुकर शर्मा बाजी मार गए। ऐसे में निर्दलीय रहे सुधीश भी पीछे हट गए।
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चूंकि वार्ष्णेय समाज भाजपा का समर्थक माना जाता है और उसके वोट भाजपा प्रत्याशी की जीत में निर्णायक साबित हुए हैं, इसी वजह से टिकट नहीं मिलने से पूरा समाज नाराज था। वहीं भाजपा का तर्क था कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में वार्ष्णेय समाज के संजीव राजा खड़े हुए थे और जीत कर विधायक बने।
उस वक्त अग्रवाल समाज को समझा बुझा कर एकजुट किया गया था। अंदरखाने ये भी तय हुआ था कि आगे होने वाले मेयर के चुनाव में अग्रवाल समाज को तवज्जो दी जाएगी। इसीलिए अग्रवाल समाज से राजीव अग्रवाल बाजी मार ले गए।
भाजपा द्वारा अलीगढ़ समेत वार्ष्णेय समाज के बाहुल्य वाले जिलों में मेयर अथवा चेयरमैन का टिकट न दिए जाने सेेे समाज के कद्दावर लोग नाराज थे। नामांकन के बाद से ही तीन प्रत्याशियों को बैठाकर एकमात्र व्यक्ति को चुनाव लड़ाने की बात कही जा रही थी। वही हो भी रहा है। लेकिन पूर्व के इतिहास को देखते हुए यह दावे किसी के गले नहीं उतर रहे थे।
प्रदीप गंगा का दावा है कि उन्हें समाज ने खड़ा किया है। नाम वापस लेने वाले हरिकिशन वार्ष्णेय ने भी प्रदीप को समाज के निर्णय के अनुरूप समर्थन देने की बात कही है, लेकिन अभी भी समाज की एकजुटता भविष्य के गर्भ में है। फिलहाल चर्चाओं का बाजार गरम है।
गंगा बोले.. भाजपा नेपथ्य में, टक्कर फुरकान से
वार्ष्णेय समाज के निर्दलीय मेयर प्रत्याशी प्रदीप गंगा ने दावा किया है कि समाज पूरी तरह एकजुट है और भाजपा को सबक सिखाने के लिए तैयार है। समाज ने एकमत से मुझे मेयर प्रत्याशी चुना है। उन्होंने दावा किया कि समाज के एक लाख वोटर हमेशा से भाजपा की जीत में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। उनके मेरे पक्ष में आने से भाजपा मेयर प्रत्याशी का चुनाव अभियान लड़खड़ा गया है।
मेरी टक्कर अब केवल बसपा प्रत्याशी फुरकान अहमद से है। अन्य सभी पीछे रह गए हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सायं वह श्री वार्ष्णेय मंदिर दर्शन के लिए गए थे। वहां समाज के करीब 500 लोगों ने स्वागत करते हुए पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया है। समाज की एक दो दिन में बैठक होगी। इसमें चुनावी अभियान को परवान चढ़ाने पर विचार विमर्श किया जाएगा।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
नगर निगम चुनाव में मेयर सीट पर वार्ष्णेय समाज के चार प्रत्याशियों के उतरने से बढ़ी भाजपा की टेंशन शुक्रवार को कुछ कम तो हुई, लेकिन खत्म नहीं हुई। तीन प्रत्याशियों ने नाम वापस लिया तो एक मैदान में डटे हैं।
नाम वापसी के बाद समाज से अब एकमात्र प्रत्याशी प्रदीप गंगा मैदान में डटे हैं। संगीता वार्ष्णेय भाजपा के खेमे में चली गई हैं, तो पर्चा वापस लेने वाले हरिकिशन वार्ष्णेय बैट्री ने प्रदीप का समर्थन करने की बात कही है। सुधीश वार्ष्णेय भी नाम वापस ले चुके हैं।
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दरअसल, जब भाजपा ने टिकट नहीं दिया तो मेयर पद के लिए वार्ष्णेय समाज के चार प्रत्याशी व्यापारी नेता प्रदीप गंगा, हरिकिशन वार्ष्णेय, संगीता वार्ष्णेय एवं सुधीश वार्ष्णेय मैदान में उतरे। सुधीश ने कांग्रेस से भी टिकट लेने का प्रयास किया था लेकिन वहां मधुकर शर्मा बाजी मार गए। ऐसे में निर्दलीय रहे सुधीश भी पीछे हट गए।
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चूंकि वार्ष्णेय समाज भाजपा का समर्थक माना जाता है और उसके वोट भाजपा प्रत्याशी की जीत में निर्णायक साबित हुए हैं, इसी वजह से टिकट नहीं मिलने से पूरा समाज नाराज था। वहीं भाजपा का तर्क था कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में वार्ष्णेय समाज के संजीव राजा खड़े हुए थे और जीत कर विधायक बने।
उस वक्त अग्रवाल समाज को समझा बुझा कर एकजुट किया गया था। अंदरखाने ये भी तय हुआ था कि आगे होने वाले मेयर के चुनाव में अग्रवाल समाज को तवज्जो दी जाएगी। इसीलिए अग्रवाल समाज से राजीव अग्रवाल बाजी मार ले गए।
भाजपा द्वारा अलीगढ़ समेत वार्ष्णेय समाज के बाहुल्य वाले जिलों में मेयर अथवा चेयरमैन का टिकट न दिए जाने सेेे समाज के कद्दावर लोग नाराज थे। नामांकन के बाद से ही तीन प्रत्याशियों को बैठाकर एकमात्र व्यक्ति को चुनाव लड़ाने की बात कही जा रही थी। वही हो भी रहा है। लेकिन पूर्व के इतिहास को देखते हुए यह दावे किसी के गले नहीं उतर रहे थे।
प्रदीप गंगा का दावा है कि उन्हें समाज ने खड़ा किया है। नाम वापस लेने वाले हरिकिशन वार्ष्णेय ने भी प्रदीप को समाज के निर्णय के अनुरूप समर्थन देने की बात कही है, लेकिन अभी भी समाज की एकजुटता भविष्य के गर्भ में है। फिलहाल चर्चाओं का बाजार गरम है।
गंगा बोले.. भाजपा नेपथ्य में, टक्कर फुरकान से
वार्ष्णेय समाज के निर्दलीय मेयर प्रत्याशी प्रदीप गंगा ने दावा किया है कि समाज पूरी तरह एकजुट है और भाजपा को सबक सिखाने के लिए तैयार है। समाज ने एकमत से मुझे मेयर प्रत्याशी चुना है। उन्होंने दावा किया कि समाज के एक लाख वोटर हमेशा से भाजपा की जीत में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। उनके मेरे पक्ष में आने से भाजपा मेयर प्रत्याशी का चुनाव अभियान लड़खड़ा गया है।
मेरी टक्कर अब केवल बसपा प्रत्याशी फुरकान अहमद से है। अन्य सभी पीछे रह गए हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सायं वह श्री वार्ष्णेय मंदिर दर्शन के लिए गए थे। वहां समाज के करीब 500 लोगों ने स्वागत करते हुए पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया है। समाज की एक दो दिन में बैठक होगी। इसमें चुनावी अभियान को परवान चढ़ाने पर विचार विमर्श किया जाएगा।