{"_id":"59fb78794f1c1b86698b91a9","slug":"41509652601-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेजोन कंपनी पर दो लाख का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमेजोन कंपनी पर दो लाख का जुर्माना
Updated Fri, 03 Nov 2017 01:26 AM IST
विज्ञापन
अमेजोन कंपनी पर दो लाख का जुर्माना
ब्यूरो अमर उजाला अलीगढ़।
आन लाइन ट्रेडिंग की विख्यात कंपनी अमेजोन पर दो लाख रुपया जुर्माना लगाया गया है। उनके खिलाफ यह कार्रवाई भ्रामक विज्ञापन का मामला साबित होने पर की गई है।
वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान हरीश कुमार प्रजापति ने बताया कि अमेजोन डाट काम के नाम से मैसर्स अमेजोन सेलर्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड बंगलुरू कंपनी ई पोर्टल पर तरह तरह के उत्पाद ग्राहकों को उपलब्ध कराती है। कंपनी ने 21 सितंबर 2017 को अपने विज्ञापन में डबल बैड शीट की कीमत 399 रुपये प्रकाशित की। जबकि 24 सितंबर 2017 को जारी विज्ञापन में डबल बैड शीट की कीमत 299 रुपये दर्शाई गई। दोनों ही विज्ञापनों में बैडशीट का साइज नहीं दिया गया।
इस वजह से उपभोक्ता के हित में भ्रामक सूचना देने पर कंपनी को नोटिस दिया गया था। जबकि नियमानुसार प्रोडक्ट का साइज सहित शुद्ध मात्रा बताया जाना आवश्यक है। इसे छुपाना दंडनीय अपराध है। कंपनी ने अपनी गलती मानते हुए शमन कराने की प्रार्थना की। इस पर कंपनी पर दो लाख रुपये का शमन शुल्क लगाया गया है। यह कार्रवाई उन्होंने वरिष्ठ निरीक्षक सुंदर सिंह अकेला के साथ संयुक्त रूप से की।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो अमर उजाला अलीगढ़।
आन लाइन ट्रेडिंग की विख्यात कंपनी अमेजोन पर दो लाख रुपया जुर्माना लगाया गया है। उनके खिलाफ यह कार्रवाई भ्रामक विज्ञापन का मामला साबित होने पर की गई है।
वरिष्ठ निरीक्षक विधिक माप विज्ञान हरीश कुमार प्रजापति ने बताया कि अमेजोन डाट काम के नाम से मैसर्स अमेजोन सेलर्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड बंगलुरू कंपनी ई पोर्टल पर तरह तरह के उत्पाद ग्राहकों को उपलब्ध कराती है। कंपनी ने 21 सितंबर 2017 को अपने विज्ञापन में डबल बैड शीट की कीमत 399 रुपये प्रकाशित की। जबकि 24 सितंबर 2017 को जारी विज्ञापन में डबल बैड शीट की कीमत 299 रुपये दर्शाई गई। दोनों ही विज्ञापनों में बैडशीट का साइज नहीं दिया गया।
विज्ञापन
इस वजह से उपभोक्ता के हित में भ्रामक सूचना देने पर कंपनी को नोटिस दिया गया था। जबकि नियमानुसार प्रोडक्ट का साइज सहित शुद्ध मात्रा बताया जाना आवश्यक है। इसे छुपाना दंडनीय अपराध है। कंपनी ने अपनी गलती मानते हुए शमन कराने की प्रार्थना की। इस पर कंपनी पर दो लाख रुपये का शमन शुल्क लगाया गया है। यह कार्रवाई उन्होंने वरिष्ठ निरीक्षक सुंदर सिंह अकेला के साथ संयुक्त रूप से की।
विज्ञापन