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विक्रमशिला ट्रेन से कटकर सास-बहू की मौत
Updated Mon, 16 Oct 2017 01:51 AM IST
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विक्रमशिला से कट कर सास-बहू की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
स्थानीय रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह रेल लाइन पार करते समय सास-बहू की नॉन स्टॉप ट्रेन विक्रमशिला एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई। इस दौरान महिला ने बेटी को पहले ही प्लेटफार्म पर बैठा दिया था। जिससे वह बच गई।
बन्नादेवी के मोहल्ला सराय हकीम निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उसका मौसेरा भाई मनोज निवासी बिलौना डिबाई बुलंदशहर नोएडा में एक फैक्ट्री में काम करता है। रविवार को मनोज की मां यानी उसकी मौसी मालती देवी (55) और मनोज की पत्नी रश्मि (32) करवा चौथ पर 4 साल की बेटी कनक के साथ गई थीं। रविवार को तीनों लोग दादरी स्टेशन से घर आने के लिए अलीगढ़-पलवल पैसेंजर में सवार होकर अलीगढ़ आए। यहां प्लेटफार्म नंबर 5-6 पर रुकी ट्रेन से तीनों उतर गए।
सास मालती और बहू रश्मि अपनी बेटी कनक को लेकर रेलवे ट्रैक पर होते हुए प्लेटफार्म नंबर दो की ओर आ रही थी। रश्मि ने पहले बेटी को प्लेटफार्म पर बैठा दिया और फिर उसके बाद वह सामान लेकर रेलवे ट्रैक पार करने लगी, तभी दिल्ली से आ रही नॉन स्टाप ट्रेन विक्रमशिला की चपेट में आने से सास-बहू की मौत हो गई।
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शवों के टुकडे़ रेलवे ट्रैक तक काफी दूर तक बिखर गए। इस हादसे की जानकारी मिलते ही तत्काल जीआरपी और आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंच गए और शव के टुकडे़ एकत्रित कर वह बच्ची कनक को लेकर थाने आ गए। पुलिस ने बैग की तलाशी ली तो उसमें पहचान पत्र मिला। किसी तरह से पुलिस ने बच्ची कनक से बातचीत कर मनोज का फोन नंबर हासिल कर लिया और हादसे की जानकारी दे दी। मनोज से मिली सूचना पर कुछ ही देर में राजेश अपने परिजनों के साथ रेलवे स्टेशन पर पहुंच गया और उसने शवों की शिनाख्त की। इस हादसे के संबंध में राजेश ने थाना पुलिस को लिखित तहरीर दे दी है। बाद में पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई की।
प्लेटफार्म के बीच जाली होती तो शायद न होता हादसा
अलीगढ़। रेलवे सुरक्षा बल लगातार एनाउंस करके यात्रियों को सचेत करती है कि रेल लाइन पार करते समय हादसा हो सकता है, आप पुल के ऊपर होकर एक से दूसरे प्लेटफार्म पर जाए। इसके बावजूद यात्री बात मानने को तैयार नहीं हैं। अगर यात्री प्लेटफार्म के लिए पुल का प्रयोग करते तो शायद यह हादसा भी न होता।
आरपीएफ के जवान लगातार रेल लाइन पार करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करती है। अगर सितंबर तक के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो करीब 185 लोगों के खिलाफ रेल लाइन पार करने में कार्रवाई की है। बता दें कि प्लेटफार्म नंबर दो-तीन के बीच कुछ साल पहले लोहे की जाली इसलिए लगाई गई थी कि लोग रेलवे ट्रैक को पार न करें। लेकिन बाद में इस लोहे की जाली को हटा दिया गया। जिसके कारण लगातार रेलवे स्टेशन पर हादसे हो रहे हैं। जाली लगाने के संबंध में कई बार जीआरपी और आरपीएफ ने रेलवे अफसराें को पत्र लिखा लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई न हुई।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
स्थानीय रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह रेल लाइन पार करते समय सास-बहू की नॉन स्टॉप ट्रेन विक्रमशिला एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई। इस दौरान महिला ने बेटी को पहले ही प्लेटफार्म पर बैठा दिया था। जिससे वह बच गई।
बन्नादेवी के मोहल्ला सराय हकीम निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उसका मौसेरा भाई मनोज निवासी बिलौना डिबाई बुलंदशहर नोएडा में एक फैक्ट्री में काम करता है। रविवार को मनोज की मां यानी उसकी मौसी मालती देवी (55) और मनोज की पत्नी रश्मि (32) करवा चौथ पर 4 साल की बेटी कनक के साथ गई थीं। रविवार को तीनों लोग दादरी स्टेशन से घर आने के लिए अलीगढ़-पलवल पैसेंजर में सवार होकर अलीगढ़ आए। यहां प्लेटफार्म नंबर 5-6 पर रुकी ट्रेन से तीनों उतर गए।
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सास मालती और बहू रश्मि अपनी बेटी कनक को लेकर रेलवे ट्रैक पर होते हुए प्लेटफार्म नंबर दो की ओर आ रही थी। रश्मि ने पहले बेटी को प्लेटफार्म पर बैठा दिया और फिर उसके बाद वह सामान लेकर रेलवे ट्रैक पार करने लगी, तभी दिल्ली से आ रही नॉन स्टाप ट्रेन विक्रमशिला की चपेट में आने से सास-बहू की मौत हो गई।
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शवों के टुकडे़ रेलवे ट्रैक तक काफी दूर तक बिखर गए। इस हादसे की जानकारी मिलते ही तत्काल जीआरपी और आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंच गए और शव के टुकडे़ एकत्रित कर वह बच्ची कनक को लेकर थाने आ गए। पुलिस ने बैग की तलाशी ली तो उसमें पहचान पत्र मिला। किसी तरह से पुलिस ने बच्ची कनक से बातचीत कर मनोज का फोन नंबर हासिल कर लिया और हादसे की जानकारी दे दी। मनोज से मिली सूचना पर कुछ ही देर में राजेश अपने परिजनों के साथ रेलवे स्टेशन पर पहुंच गया और उसने शवों की शिनाख्त की। इस हादसे के संबंध में राजेश ने थाना पुलिस को लिखित तहरीर दे दी है। बाद में पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई की।
प्लेटफार्म के बीच जाली होती तो शायद न होता हादसा
अलीगढ़। रेलवे सुरक्षा बल लगातार एनाउंस करके यात्रियों को सचेत करती है कि रेल लाइन पार करते समय हादसा हो सकता है, आप पुल के ऊपर होकर एक से दूसरे प्लेटफार्म पर जाए। इसके बावजूद यात्री बात मानने को तैयार नहीं हैं। अगर यात्री प्लेटफार्म के लिए पुल का प्रयोग करते तो शायद यह हादसा भी न होता।
आरपीएफ के जवान लगातार रेल लाइन पार करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करती है। अगर सितंबर तक के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो करीब 185 लोगों के खिलाफ रेल लाइन पार करने में कार्रवाई की है। बता दें कि प्लेटफार्म नंबर दो-तीन के बीच कुछ साल पहले लोहे की जाली इसलिए लगाई गई थी कि लोग रेलवे ट्रैक को पार न करें। लेकिन बाद में इस लोहे की जाली को हटा दिया गया। जिसके कारण लगातार रेलवे स्टेशन पर हादसे हो रहे हैं। जाली लगाने के संबंध में कई बार जीआरपी और आरपीएफ ने रेलवे अफसराें को पत्र लिखा लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई न हुई।