{"_id":"59bee7634f1c1bb2688b51b7","slug":"41505683299-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम और कोर्ट के आदेश हवा में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम और कोर्ट के आदेश हवा में
Updated Mon, 18 Sep 2017 02:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएम और कोर्ट के आदेश हवा में
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
पुलिस मुख्यमंत्री व कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं कर रही है। यहां तक कि मुख्यमंत्री को आनलाइन की गई शिकायत पर भी सीओ स्तर के अधिकारी ने झूठी रिपोर्ट भेजकर मामले का निस्तारण दिखा दिया। अकराबाद क्षेत्र के इस मामले में फिर से मुख्यमंत्री को शिकायत हुई है।
थाना अकराबाद के गांव एदलपुर निवासी सुरेश चंद शर्मा के अनुसार उनके पड़ोसी ने गली में अतिक्रमण कर रखा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो उसने एसडीएम कोल के कोर्ट में मुकदमा दायर कराया।
यहां 11 साल बाद कोर्ट ने पुलिस को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। कोर्ट के निर्देश के बाद भी पुलिस अतिक्रमण हटाने नहीं पहुंची। जब उसने मुख्यमंत्री से ऑनलाइन शिकायत की। मुख्यमंत्री के यहां से कार्रवाई के लिए पुलिस के पास पत्र आया।
विज्ञापन
आरोप है कि सीओ बरला ने आफिस में ही बैठकर रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करा दिया। इतना ही नहीं एसएसपी को भेजी आख्या में सीओ ने दोनों पक्षों में समझौता तक दिखा दिया। पीड़ित को इसकी जानकारी हुई तो उसने पुन: शिकायत की है। साथ ही मामले की जांच किसी ईमानदार अधिकारी से कराने की मांग की है।
विज्ञापन
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
पुलिस मुख्यमंत्री व कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं कर रही है। यहां तक कि मुख्यमंत्री को आनलाइन की गई शिकायत पर भी सीओ स्तर के अधिकारी ने झूठी रिपोर्ट भेजकर मामले का निस्तारण दिखा दिया। अकराबाद क्षेत्र के इस मामले में फिर से मुख्यमंत्री को शिकायत हुई है।
थाना अकराबाद के गांव एदलपुर निवासी सुरेश चंद शर्मा के अनुसार उनके पड़ोसी ने गली में अतिक्रमण कर रखा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो उसने एसडीएम कोल के कोर्ट में मुकदमा दायर कराया।
विज्ञापन
यहां 11 साल बाद कोर्ट ने पुलिस को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। कोर्ट के निर्देश के बाद भी पुलिस अतिक्रमण हटाने नहीं पहुंची। जब उसने मुख्यमंत्री से ऑनलाइन शिकायत की। मुख्यमंत्री के यहां से कार्रवाई के लिए पुलिस के पास पत्र आया।
विज्ञापन
आरोप है कि सीओ बरला ने आफिस में ही बैठकर रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करा दिया। इतना ही नहीं एसएसपी को भेजी आख्या में सीओ ने दोनों पक्षों में समझौता तक दिखा दिया। पीड़ित को इसकी जानकारी हुई तो उसने पुन: शिकायत की है। साथ ही मामले की जांच किसी ईमानदार अधिकारी से कराने की मांग की है।