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रेडियो फ्रीक्विवेंसी से होगा दर्द का उपचार
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:24 PM IST
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रेडियो फ्रीक्वेंसी तकनीक से होगा दर्द का उपचार
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के पेन क्लीनिक में क्रोनिक पीठ दर्द और सर्वाइकल पेन का अब रेडियोफ्रीक्वेंसी एबलेशन द्वारा उपचार होगा।
इंग्लैंड की लीड्स यूनिवर्सिटी से इंटरवेंशनल पेन मैनेजमेंट में प्रशिक्षण हासिल कर लौटे एनेसथीसियालोजी विभाग के प्रोफेसर एवं प्रमुख दर्द रोग विशेषज्ञ डॉ. हम्माद उस्मानी ने बताया कि रेडियो फ्रीक्वेंसी तकनीक में इंजेक्शन द्वारा नसों को सुन्न करके बिना चीरा लगाये दर्द का उपचार किया जाता है।
उन्होंने बताया कि जेएन मेडिकल कॉलेज के पेन क्लीनिक में रेडियो फ्रीक्वेंसी मशीन की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे रोगी जिनके पीठ व गर्दन के ज्वाइंट्स खराब हो गये हैं और जिसके चलते क्रोनिक दर्द से ग्रस्त हैं।
इस तकनीक की मदद से उनकी पीड़ा की नसों का उपचार किया जाएगा। कोर्स के दौरान डॉ. उस्मानी ने इंट्रोक्टेबिल न्यूरोपैथिक पेन से ग्रस्त रोगियों में रीढ़ की हड्डी के स्टीमूलेटर्स को नए तरीके से उत्पन्न करने में भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
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इस कोर्स का संचालन लंदन व अन्य यूरोपियन देशों के अनुभवी चिकित्सकों द्वारा किया गया।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के पेन क्लीनिक में क्रोनिक पीठ दर्द और सर्वाइकल पेन का अब रेडियोफ्रीक्वेंसी एबलेशन द्वारा उपचार होगा।
इंग्लैंड की लीड्स यूनिवर्सिटी से इंटरवेंशनल पेन मैनेजमेंट में प्रशिक्षण हासिल कर लौटे एनेसथीसियालोजी विभाग के प्रोफेसर एवं प्रमुख दर्द रोग विशेषज्ञ डॉ. हम्माद उस्मानी ने बताया कि रेडियो फ्रीक्वेंसी तकनीक में इंजेक्शन द्वारा नसों को सुन्न करके बिना चीरा लगाये दर्द का उपचार किया जाता है।
उन्होंने बताया कि जेएन मेडिकल कॉलेज के पेन क्लीनिक में रेडियो फ्रीक्वेंसी मशीन की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे रोगी जिनके पीठ व गर्दन के ज्वाइंट्स खराब हो गये हैं और जिसके चलते क्रोनिक दर्द से ग्रस्त हैं।
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इस तकनीक की मदद से उनकी पीड़ा की नसों का उपचार किया जाएगा। कोर्स के दौरान डॉ. उस्मानी ने इंट्रोक्टेबिल न्यूरोपैथिक पेन से ग्रस्त रोगियों में रीढ़ की हड्डी के स्टीमूलेटर्स को नए तरीके से उत्पन्न करने में भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
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इस कोर्स का संचालन लंदन व अन्य यूरोपियन देशों के अनुभवी चिकित्सकों द्वारा किया गया।