Aligarh: आसान कर्ज दिलाने के नाम पर 350 लोगों से ठगी, छह गिरफ्तार, एक आरोपी अलीगढ़ का भी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ग्रेटर नोएडा निवासी विपिन कुमार, गाजियाबाद निवासी हिमांशु शर्मा, कासगंज निवासी पंकज कुमार, एटा निवासी अवनीश कुमार, अलीगढ़ निवासी पुनीत गौतम और दिल्ली निवासी अभिषेक के रूप में हुई है।
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नोएडा पुलिस ने सेक्टर-63 में चलाए जा रहे फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस की टीम ने गिरोह के सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक अलीगढ़ का भी है। छानबीन में फर्जी कॉल सेंटर से कर्ज दिलाने के नाम पर साढ़े तीन सौ से ज्यादा लोगों से ठगी की बात सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 डेस्कटॉप, 20 मोबाइल, तीन कारें और 36 डाटा शीट सहित अन्य सामान बरामद किए हैं। आरोपियों के तीन बैंक खाते में जमा 14.64 लाख रुपये फ्रीज करा दिए गए हैं।
एक आरोपी अलीगढ़ का
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ग्रेटर नोएडा निवासी विपिन कुमार, गाजियाबाद निवासी हिमांशु शर्मा, कासगंज निवासी पंकज कुमार, एटा निवासी अवनीश कुमार, अलीगढ़ निवासी पुनीत गौतम और दिल्ली निवासी अभिषेक के रूप में हुई है। कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस की टीम ने सूचना के आधार पर रविवार को सेक्टर-63 की एक बिल्डिंग में दबिश दी। वहां फाइनेंस हब ग्रुप के नाम से फर्जी कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा था। नोएडा सेंट्रल जोन के एडीसीपी राजीव दीक्षित ने बताया कि लोन दिलाकर ठगी करने वाले गिरोह का सरगना विपिन है।
जालसाज फर्जी कॉल सेंटर से फोन कर लोगों से संपर्क करते थे। लोगों को आसानी से कर्ज दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद पीड़ितों से फाइल चार्ज, अप्रूवल चार्ज रजिस्ट्रेशन फीस समेत अन्य मदों में 20 से 40 हजार रुपये तक वसूलते थे। इसके बाद फाइनेंस हब ग्रुप नाम से फर्जी लेटर तैयार कर पीड़ितों को भेजते थे। इसके साथ ही यहीं पर फर्जी दस्तावेज भी बनाते थे।
गाजियाबाद और फरीदाबाद में खोले थे फर्जी कॉल सेंटर
नोएडा सेंट्रल के एसीपी प्रथम रामकृष्ण तिवारी का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी फर्जीवाड़ा कर चुके हैं। सरगना विपिन पहले जेल जा चुका है। ठगी का 90 फीसदी हिस्सा वह अपने पास रखता था। गिरोह के अन्य आरोपी फर्जी कॉल सेंटर में काम कर चुके हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि एक शहर में छह माह से एक साल तक फर्जीवाड़ा करने के बाद दूसरे शहर में आफिस खोल लेते थे।
ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
गिरोह के जालसाज अलग-अलग वेबसाइट से लोगों का डाटा इकट्ठा करते थे। कॉल सेंटर से इन लोगों को लगातार फोन कर कर्ज के लिए लुभावने ऑफर दिए जाते थे। इसके लिए ये लोग सोशल मीडिया का भी सहारा लेते थे। जो भी इनके झांसे में आता था। उनसे ठगी कर नंबर ब्लॉक कर देते थे। लोन दिलाने के नाम पर कई बार विज्ञापन भी देते थे। कुछ लोग विज्ञापन में दिए संपर्क नंबर के आधार पर इनसे संपर्क करते थे।
शहरों में बना रखे थे एजेंट, कॉल सेंटर कर्मियों को 20 हजार का वेतन
गिरोह के सरगना विपिन ने कई शहरों में एजेंट भी बनाए थे। एजेंट कमिशन के बदले में ग्राहकों की तलाश करते थे। सरगना गिरोह के बदमाशों को को 20 हजार रुपये प्रतिमाह देता था। इसके अलावा सभी को कमीशन दिया जाता था। हाल ही में बीते दिनों एक व्यक्ति ने सेक्टर-63 थाने थाने में मामले की शिकायत की थी।
एक साल से नोएडा में कर रहे थे फर्जीवाड़ा
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी करीब एक साल से सेक्टर-63 की बिल्डिंग में फर्जी कॉल सेंटर का संचालन कर रहे थे। आरोपियों के तीन बैंक खातों में 5.82 लाख, 4.60 लाख रुपये और 4.22 लाख रुपये मिले। इस धनराशि को पुलिस ने फ्रीज करा दिया है। इसके साथ ही अन्य बैंक खातों की जांच की जा रही है।