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मंच में स्पार्क साजिश नहीं लापरवाही का परिणाम, एसपीजी बनाएगी नजीर

Tue, 16 Apr 2019 01:54 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2019 01:54 AM IST
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मंच में स्पार्क साजिश नहीं लापरवाही का परिणाम, एसपीजी बनाएगी नजीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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पीएम मोदी के मंच पर उनकी और सीएम की मौजूदगी में स्पार्क किसी साजिश का हिस्सा नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का परिणाम रहा। आईबी, एसपीजी, जिला पुलिस सहित समस्त सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र करते हुए शासन, गृह मंत्रालय और पीएमओ को अपनी रिपोर्ट भेज दी है और संकेत हैं कि अलीगढ़ की इस लापरवाही का जिक्र पीएम की सुरक्षा एडवाइजरी में नजीर के रूप में किया जाएगा।

ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही मोदी के किसी मंच पर न हो। सीधे-सीधे कहा गया है कि वायरिंग में ज्वाइंट थे तो उन्हें टेप से नहीं चिपकाया जाना था, बल्कि कनेक्टर लगाए जाते और इस वायरिंग को पाइप लाइन के अंदर या जमीन में दबाकर कपड़े के सहारे से निकाला जाता तो शायद यह हादसा कतई न होता।
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पुलिस व फायर जांच में पाया गया कि जिस स्थान पर प्वाइंट था, वहां 6 इंच व्यास में ही कपड़ा जला है। अगर रैली से पहले सुबह मंच के कपड़े पर चारों ओर अगिभनरोधक घोल का छिड़काव नहीं किया जाता तो आग ज्यादा पकड़ सकता था। वह तो घोल ने आग को रोका और नजर पड़ते ही 5 सेकेंड में स्पार्क को नियंत्रित कर उस लाइन की पावर सप्लाई कट कर दी गई। इसके बाद सब कुछ सामान्य हो गया।
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फायर जांच में पाया गया कि मंच पर 5-5 टन के कुल आठ एसी लगे हुए थे, जिनमें से तीन एसी एक साइड में थे। जिनके लिए थ्री-फेस के तीन वायर और चौथा अर्थ वायर जा रहा था। इसी में घटना के पिन प्वाइंट पर ज्वाइंट था, जिसके बार-बार हिलने और लोगों के इधर उधर जाने के कारण ज्वाइंट में स्पार्क हो गया।

वहीं यह लोड अधिक होने के कारण कमजोर वायर गरमी पकड़ गया था, जिसके ज्वाइंट में टेप लगे होने के कारण स्पार्क हो गया। इन तमाम तथ्यों को जांच रिपोर्ट में शामिल करते हुए फायर सर्विस के सीएफओ विवेक शर्मा, एसएसपी आकाश कुलहरि, रैली स्थल पर मौजूद आईबी अधिकारियों, एसपीजी एडीजी आलोक शर्मा व डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने अपनी-अपनी रिपोर्ट शासन, गृह मंत्रालय व पीएमओ को भेज दी है। वहीं मामले में लापरवाह पाए गए ठेकेदार व इतनी तमाम कमजोरियों/लापरवाहियों के बावजूद एनओसी देने वाले विद्युत सुरक्षा अधिकारियों को दोषी ठहराया गया है।

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- मामले में हमारी ओर से रिपोर्ट गृह विभाग, डीजीपी मुख्यालय व आईबी आदि के स्तर से पीएमओ को रिपोर्ट भेज दी गई है। यह कोई साजिश नहीं, गंभीर लापरवाही है। लापरवाही करने वालों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उनकी गिरफ्तारी व जांच आदि की जाएगी। - डॉ.प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी

-- जांच में लापरवाही ---
कपड़े के सहारे पाइप में या जमीन में दबाकर निकाली जाती वायरिंग
वायरिंग के ज्वाइंट में कनेक्टर होता तो शायद नहीं होता यहां स्पार्क
ज्वाइंटों पर टेप लगाकर कपड़े के सहारे से ही निकाली थी वायरिंग
6 इंच व्यास में वायरिंग से सटा हुआ कपड़ा ही जला था स्पार्क से
सुबह अग्निरोधक घोल डालने के कारण आग नहीं पकड़ी थी ज्यादा
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