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बदलने के पहले दुनिया को समझना जरूरी
Updated Mon, 12 Mar 2018 02:28 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
साहित्यकार अखिलेश ने कहा कि लेखक दुनिया बदल सकता है, लेकिन दुनिया बदलने से पहले उसे समझना जरूरी है।
अखिलेश एएमयू सीईसी के यूनिवर्सिटी डिबेटिंग एंड लिटरेरी क्लब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव के आखिरी दिन एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इंसान जितना जानता है, वह काफी नहीं है। उसे और जानने के प्रयास में लगा रहना चाहिए। उपन्यासकार एवं आलोचक चंद्रहास चौधरी ने कहा कि साहित्य हमें सीमाओं से बाहर जाकर सोचने एवं कुछ करने की आजादी देता है।
यह हमें समय, परिवार एवं समाज की बेड़ियों को तोड़कर बाहर ले जाता है। एएमयू अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. आसिफ सिद्दीकी ने कहा कि साहित्य को परिभाषित करना मुश्किल है।
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यह इंसान का बनाया हुआ है, इसलिए इसमें हमेशा बेहतरी की संभावना रहती है। सीईसी के समन्वयक प्रो. एमए शीरानी ने बताया कि तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ 9 मार्च को किया गया।
इसमें छात्र-छात्राओं को कई बेहतरीन साहित्यिक हस्तियों को सुनने का मौका मिला। इस अवसर पर सचिव सरजील उस्मानी, स्नोवी राही, कैफ सिद्दीकी, जैनब फातिमा, उरूसा अनवर, आयशा फातिमा, अनुपम, फहीम, अफरीन फातिमा आदि मौजूद थे।
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साहित्यकार अखिलेश ने कहा कि लेखक दुनिया बदल सकता है, लेकिन दुनिया बदलने से पहले उसे समझना जरूरी है।
अखिलेश एएमयू सीईसी के यूनिवर्सिटी डिबेटिंग एंड लिटरेरी क्लब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव के आखिरी दिन एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इंसान जितना जानता है, वह काफी नहीं है। उसे और जानने के प्रयास में लगा रहना चाहिए। उपन्यासकार एवं आलोचक चंद्रहास चौधरी ने कहा कि साहित्य हमें सीमाओं से बाहर जाकर सोचने एवं कुछ करने की आजादी देता है।
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यह हमें समय, परिवार एवं समाज की बेड़ियों को तोड़कर बाहर ले जाता है। एएमयू अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. आसिफ सिद्दीकी ने कहा कि साहित्य को परिभाषित करना मुश्किल है।
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यह इंसान का बनाया हुआ है, इसलिए इसमें हमेशा बेहतरी की संभावना रहती है। सीईसी के समन्वयक प्रो. एमए शीरानी ने बताया कि तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ 9 मार्च को किया गया।
इसमें छात्र-छात्राओं को कई बेहतरीन साहित्यिक हस्तियों को सुनने का मौका मिला। इस अवसर पर सचिव सरजील उस्मानी, स्नोवी राही, कैफ सिद्दीकी, जैनब फातिमा, उरूसा अनवर, आयशा फातिमा, अनुपम, फहीम, अफरीन फातिमा आदि मौजूद थे।