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समर्थित डायरेक्टर हारे तो पल्ला झाड़ा
Updated Tue, 30 Jan 2018 02:16 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
करीब चार महीने बाद होने वाले सहकारी बैंक के चेयरमैन पद के चुनाव से पूर्व इन दिनों निचले स्तर की क्षेत्रीय सहकारी समितियों के डायरेक्टरों के चुनाव चल रहे हैं। सोमवार को विधानसभा इगलास में क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड सहारा कलां में हुए चुनाव में सुखपाल सिंह को धर्मेंद्र शर्मा ने 32 वोटों के अंतर से हरा दिया।
हारे प्रत्याशी सुखपाल सिंह को सहकारी बैंक की चेयरमैन की भाजपा समर्थित प्रत्याशी उमेश कुमारी समर्थित बताया जा रहा है। यह भी पता चला है कि चेयरमैन प्रत्याशी के भाई इस चुनाव में हारे प्रत्याशी के एजेंट थे। हालांकि चेयरमैन प्रत्याशी ने इससे इंकार किया है।
उन्होंने हारे प्रत्याशी को पहचानने यहां तक कि नाम तक जानने से इंकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैं सुखपाल को नहीं जानती। उनके हारने न हारने से मेरे चुनावी अभियान पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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चेयरमैन का चुनाव तो अभी चार माह बाद है। अभी तो सहकारिता की सबसे निचले स्तर की 111 समितियों का चुनाव चल रहा है। इसके बाद कई अन्य स्तरों पर चुनाव होगा। तब कही जाकर चेयरमैन पद के चुनाव की तस्वीर साफ होगी। मैंने तो अभी तक अपना चुनाव अभियान शुरू तक नहीं किया है। ऐसे में मेरे अभियान पर इस चुनाव का क्या असर होना है।
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करीब चार महीने बाद होने वाले सहकारी बैंक के चेयरमैन पद के चुनाव से पूर्व इन दिनों निचले स्तर की क्षेत्रीय सहकारी समितियों के डायरेक्टरों के चुनाव चल रहे हैं। सोमवार को विधानसभा इगलास में क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड सहारा कलां में हुए चुनाव में सुखपाल सिंह को धर्मेंद्र शर्मा ने 32 वोटों के अंतर से हरा दिया।
हारे प्रत्याशी सुखपाल सिंह को सहकारी बैंक की चेयरमैन की भाजपा समर्थित प्रत्याशी उमेश कुमारी समर्थित बताया जा रहा है। यह भी पता चला है कि चेयरमैन प्रत्याशी के भाई इस चुनाव में हारे प्रत्याशी के एजेंट थे। हालांकि चेयरमैन प्रत्याशी ने इससे इंकार किया है।
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उन्होंने हारे प्रत्याशी को पहचानने यहां तक कि नाम तक जानने से इंकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैं सुखपाल को नहीं जानती। उनके हारने न हारने से मेरे चुनावी अभियान पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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चेयरमैन का चुनाव तो अभी चार माह बाद है। अभी तो सहकारिता की सबसे निचले स्तर की 111 समितियों का चुनाव चल रहा है। इसके बाद कई अन्य स्तरों पर चुनाव होगा। तब कही जाकर चेयरमैन पद के चुनाव की तस्वीर साफ होगी। मैंने तो अभी तक अपना चुनाव अभियान शुरू तक नहीं किया है। ऐसे में मेरे अभियान पर इस चुनाव का क्या असर होना है।