फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   अलीगढ़ के एनआरआई के संग लखनऊ से 27 लाख का फ्राड

अलीगढ़ के एनआरआई के संग लखनऊ से 27 लाख का फ्राड

Wed, 28 Jun 2017 01:23 AM IST
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:23 AM IST
विज्ञापन
अलीगढ़ के एनआरआई के संग लखनऊ से 27 लाख का फ्राड
अलीगढ़ के एनआरआई के संग लखनऊ से 27 लाख का फ्राड
विज्ञापन


ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

अब तक एटीएम बदलकर खाते से रुपये निकालने के फ्राड सुने होंगे। मगर अब यहां फर्जी खाताधारक बनकर चेक की मदद से 27 लाख पार कर लिए गए। यह फ्राड हुआ है कुवैत में नौकरी करने वाले एनआरआई के संग।

पीड़ित के खाते से फर्जी चेक के आधार पर 27 लाख रुपये निकाल लिए गए और इसकी सूचना उसके मोबाइल पर भी नहीं आई। पीड़ित जब बैंक पहुंचा तो उसे खाते से नकदी गायब होने की खबर लगी। खास बात है कि एनआरआई का खाता बैंक ऑफ बड़ौदा मलखान नगर में है और यह फ्राड लखनऊ स्थित मुख्यालय से हुआ है। पीड़ित ने बैंक मैनेजर समेत चार लोगों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन



सिविल लाइंस के इकबाल बाग के मकान नंबर 3/104 निवासी अकमल अहमद खान पुत्र इकबाल अहमद खान कुवैत में नौकरी करते हैं। उनका 16 नवंबर 2010 से मलखान नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में एनआरआई खाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


20 जून 2017 को जब वह बैंक रुपये निकालने के लिए पहुंचे तो उन्हें जानकारी हुई कि 13 जून को विजय वीरेंद्र यादव नाम के व्यक्ति के खाते में फर्जी चेक के माध्यम से आठ लाख 15 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। इसके अगले दिन फर्जी चेक के माध्यम से ही नौ लाख 72 हजार रुपये पवन कमा मोहनलाल जैन नाम के खाते में ट्रांसफर किए गए। 16 जून को विजय वीरेंद्र यादव के खाते में नौ लाख 72 हजार सात सौ बीस रुपये ट्रांसफर हुए।

उसने जब खाता खुलवाया था तब अपना मोबाइल नंबर खाते में दर्ज कराया था और उस पर बैंक से होने वाले लेनदेन का मैसेज भी आता था, लेकिन इस निकासी का उसके मोबाइल पर कोई मैसेज नहीं आया। बल्कि उसके एकाउंट विवरण में मोबाइल नंबर भी बदल दिया गया है। कुल मिलाकर पता चला है कि किसी ने खुद को अकमल अहमद बताकर फर्जी चेकबुक की मदद से यह फ्राड किया है।

आरोप है कि यह बैंक कर्मियों की मदद से हुआ है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने विजय वीरेंद्र यादव, पवन कमा मोहनलाल जैन, बैंक के मैनेजर समेत अज्ञात बैंक कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है।


पुलिस व बैंक अधिकारियों ने इस मामले में अब तक की जांच में पाया है कि अकमल अहमद को जारी फर्जी चेक की हस्ताक्षर युक्त हूबहू प्रति लखनऊ स्थित मुख्यालय में दाखिल की गई और वहीं से यह चेक क्लीयर हुए हैं। बैंक प्रबंधन के अनुसार अब यह बात समझ नहीं आ रही कि लखनऊ में कौन व्यक्ति ऐसा कर सकता है। इसके लिए पुलिस जांच जारी है। हां, इतना जरूर है कि अकमल के विषय में सभी जानकारियां रखने वाला इस फ्राड में शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed