जहरीली शराब कांड: 29 मुकदमे सुने जाएंगे एडीजे आठ कोर्ट में, डीजीसी सहित चार अभियोजन अधिवक्ता भी नियत
27 मई 2021 की देर शाम लोधा के गांव करसुआ से जहरीली शराब कांड का मामला सामने आया। जहां से देर रात एक मौत की खबर आई। सुबह होते होते जहरीली शराब ने जिले में मौत का तांडव मचाना शुरू कर दिया। पुलिस रिपोर्ट में पोस्टमार्टम के अनुसार जरूर जिलेभर में एक सप्ताह तक चले क्रम में मौतों की संख्या 106 रही।
विस्तार
देश-प्रदेश में लंबे समय तक सुर्खियों में रहे अलीगढ़ जिले के बहुचर्चित जहरीली शराब कांड के मुकदमों की सुनवाई के लिए एक अदालत तय कर दी गई है। डीजीसी के अनुरोध को स्वीकारते हुए जिला जज स्तर से इसके लिए एडीजे-आठ की अदालत नियत की गई है।
इस आदेश के बाद अलग-अलग अदालतों में विचाराधीन शराब कांड के सभी मुकदमे एडीजे-आठ की अदालत में भेजे जा रहे हैं। वहीं डीजीसी स्तर से स्वयं सहित चार अभियोजन अधिवक्ता भी इन मुकदमों में पैरवी के लिए नियत कर दिए हैं। जो अपनी-अपनी अदालतों के मुकदमों के साथ शराब कांड के मुकदमों की पैरवी करेंगे।
जिले में 27 मई 2021 की देर शाम लोधा के गांव करसुआ से जहरीली शराब कांड का मामला सामने आया। जहां से देर रात एक मौत की खबर आई। सुबह होते होते जहरीली शराब ने जिले में मौत का तांडव मचाना शुरू कर दिया। पुलिस रिपोर्ट में पोस्टमार्टम के अनुसार जरूर जिलेभर में एक सप्ताह तक चले क्रम में मौतों की संख्या 106 रही। मगर 126 से अधिक मौत जिले में हुईं। इनमें कुछ मौत ऐसी थीं, जिनके शवों के पोस्टमार्टम नहीं हुए।
पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए और कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारियां कीं। सभी मुकदमों में न्यायालयों में ट्रायल चल रहा है। इस कांड में कुल 33 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 29 मुकदमे अलग अलग तीन न्यायालयों में विचाराधीन हैं। जिनमें से कुछ गवाही में और कुछ गवाही पूरी होने के बाद बहस आदि की स्थिति में हैं। अलग-अलग अदालतों में होने के कारण और गवाहों आदि के समय से न आ पाने के कारण आज तक एक भी मुकदमा निर्णय की स्थिति में नहीं आया। इसे लेकर पुलिस प्रशासन के स्तर पर शासन से लगातार मॉनीटरिंग में सवाल जवाब किए जा रहे हैं। जिसे लेकर तय किया गया है कि सभी मुकदमे किसी एक न्यायालय में लाकर उनका ट्रायल तेजी सेे पूरा कराया जाए।
इसी क्रम में डीजीसी स्तर से जिला जज के समक्ष यह लिखित अनुरोध किया गया। इसके आधार पर जिला जज की ओर से यह आदेश जारी किया गया है। जिसमें सभी मुकदमे एडीजे आठ में सुनवाई के लिए भेजा जाना तय हुआ है। वहीं डीजीसी स्तर से इन सभी मुकदमों की पैरवी के लिए खुद डीजीसी, एडीजीसी अमर सिंह तोमर, कुलदीप तोमर, सुधांशु अग्रवाल को नियत किया है। ये अपनी अदालतों के साथ-साथ इन मुकदमों की पैरवी भी करेंगे।
जहरीली शराब कांड से जुड़े 29 मुख्य मुकदमे तीन न्यायालयों में विचाराधीन थे। जिनमें मुख्य माफिया से जुड़े 21 मुकदमे शासन स्तर से चिह्नित हैं। इन्हें एक अदालत में लाने के संबंध में पत्रावली तैयार कर जिला जज से अनुरोध किया गया था। जिला जज ने सभी मुकदमों को एडीजे आठ की अदालत में सुनवाई के लिए भेजने का आदेश किया है। यह आदेश आने के साथ चार अभियोजन अधिवक्ता भी नियत किए गए हैं। अब सभी मुकदमों में जल्द ट्रायल कराने के साथ आरोपियों को सजा कराने की कवायद होगी।-चौ.जितेंद्र सिंह, डीजीसी फौजदारी
इन गांवों में हुईं मौतें
इस कांड में गांव करसुआ, रायट, अंडला, जवां, हैवतपुर, फतेह नगरिया, नंदपुर पला, पचपेड़ा, सांगोर, कौरह रुस्तमपुर, छेरत, शादीपुर, जट्टारी, रोहेरा, दरकन नगरिया, चंदनिया, धनीपुर, शीशियापाड़ा, महुआखेड़ा आदि में मौत हुईं। इस कांड में जिन 80 आरोपियों को जेल भेजा गया, उनके विषय में प्रदेश स्तर पर आबकारी ने ब्लैक लिस्ट सूची जारी की है। ये सभी लोग अब देश-प्रदेश में कहीं भी आबकारी लाइसेंस आवेदन नहीं कर सकते और न बतौर सेल्समैन नौकरी कर सकते हैं।
खास बातें
- 33 मुकदमे इस कांड में दर्ज हुए
- 88 आरोपी जेल भेजे
- 12 लोगों को माफिया किया गया दर्ज
- 80 लोगों की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई
- 74 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई हुई
- 75 करोड़ से अधिक की संपत्ति भी जब्त
- 82 दुकानों के लाइसेंस भी निरस्त किए
- 03 तीन बड़ी व कई शराब फैक्टरी जब्त