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कब्जा मुक्त कराई जगह पर 24 घंटे में उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Wed, 24 May 2017 02:19 AM IST
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एंटी भू माफिया टास्क फोर्स की कार्रवाई अभी बड़े स्तर पर पहुंची भी नहीं है और उस पर सवाल उठने लगे हैं। सोमवार को एसडीएम कोल डा. पंकज वर्मा ने टास्क फोर्स टीम के साथ चिलकौरा गांव में दो बीघा जमीन कब्जा मुक्त कराई थी। उनका कहना था कि जमीन बिजली विभाग की है। 24 घंटे के अंदर ही मंगलवार को बजरंग दल नेता धर्मवीर सिंह ने दावा कर दिया कि उस जमीन पर उनका 30 वर्ष से कब्जा है।
प्रकरण में राजस्व परिषद में सुनवाई चल रही है। परिषद का स्थगन आदेश होने के बाद भी एसडीएम कोल ने एकतरफा कार्रवाई कर दी है। धर्मवीर ने इस प्रकरण में परिषद के कुछ कागज भी पेश किए हैं। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता कर पूरे प्रकरण में अपना पक्ष रखा है। दोनों संगठन के सदस्यों ने ऐलान किया कि अगर उन्हें जिला प्रशासन से इंसाफ नहीं मिला तो वह आंदोलन के लिए विवश होंगे। इस दौरान राम कुमार आर्य, इंद्र पाल सिंह, अभिषेक, धीरज प्रताप सिंह, हिंमाशु भारद्वाज, रोहित कुमार, अनिल कुमार, दिनेश चौहान, मनीष गौतम, धीरज आदि मौजूद रहे।
कब्जा मुक्त कराई गई दो बीघा जमीन बिजली विभाग की है। जिस जमीन पर धर्मवीर दावा कर रहे हैं वह पट्टे की जमीन एक धीमर व्यक्ति की थी। जिसकी मृत्यु के बाद संदिग्ध वसीयत से उस पर कब्जा जमाया गया है। इसमें एडीएम प्रशासन अदालत, कमिश्नर की अदालत से वाद खारिज हो चुका है। अब मामला राजस्व परिषद में है। यही नहीं वह पट्टा भी खारिज हो चुका है। धर्मवीर सिंह को मंगलवार शाम को अपना पक्ष रखने के लिए तहसील में बुलाया था। मैं हरदुआगंज में कानून व्यवस्था का मामला होने से व्यस्त हो गया। बुधवार को उनका पक्ष सुना जाएगा।
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डा. पंकज वर्मा, एसडीएम कोल।
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प्रकरण में राजस्व परिषद में सुनवाई चल रही है। परिषद का स्थगन आदेश होने के बाद भी एसडीएम कोल ने एकतरफा कार्रवाई कर दी है। धर्मवीर ने इस प्रकरण में परिषद के कुछ कागज भी पेश किए हैं। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता कर पूरे प्रकरण में अपना पक्ष रखा है। दोनों संगठन के सदस्यों ने ऐलान किया कि अगर उन्हें जिला प्रशासन से इंसाफ नहीं मिला तो वह आंदोलन के लिए विवश होंगे। इस दौरान राम कुमार आर्य, इंद्र पाल सिंह, अभिषेक, धीरज प्रताप सिंह, हिंमाशु भारद्वाज, रोहित कुमार, अनिल कुमार, दिनेश चौहान, मनीष गौतम, धीरज आदि मौजूद रहे।
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कब्जा मुक्त कराई गई दो बीघा जमीन बिजली विभाग की है। जिस जमीन पर धर्मवीर दावा कर रहे हैं वह पट्टे की जमीन एक धीमर व्यक्ति की थी। जिसकी मृत्यु के बाद संदिग्ध वसीयत से उस पर कब्जा जमाया गया है। इसमें एडीएम प्रशासन अदालत, कमिश्नर की अदालत से वाद खारिज हो चुका है। अब मामला राजस्व परिषद में है। यही नहीं वह पट्टा भी खारिज हो चुका है। धर्मवीर सिंह को मंगलवार शाम को अपना पक्ष रखने के लिए तहसील में बुलाया था। मैं हरदुआगंज में कानून व्यवस्था का मामला होने से व्यस्त हो गया। बुधवार को उनका पक्ष सुना जाएगा।
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डा. पंकज वर्मा, एसडीएम कोल।