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Aligarh: 22 महीने के मासूम को 26 करोड़ के इंजेक्शन का इंतजार, दर-दर भटक रहे मां-बाप
Fri, 14 Feb 2025 12:25 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 14 Feb 2025 12:25 PM IST
सार
नन्हें अंगद को डचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (डीएमडी) बीमारी है। जिसके इलाज के लिए 26 करोड़ रुपये के एक इंजेक्शन की जरूरत है। मदद के लिए मां-बाप दर-दर भटक रहे हैं।
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बेटे अंगद के साथ स्वप्निल खुराना और हरमीत कौर
- फोटो : स्वयं
विस्तार
दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे 22 महीने के बच्चे को 26 करोड़ रुपये का इंजेक्शन लगवाने के लिए उसके माता-पिता प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। यह बच्चा डचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (डीएमडी) नामक गंभीर आनुवांशिक बीमारी से ग्रसित है। जिसमें शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होने लग जाती हैं। इसकी जिंदगी बचाने के लिए एकमात्र उम्मीद एक जीवनरक्षक जीन थेरेपी इंजेक्शन, (डेलैंडिस्ट्रोजीन मोक्सेपरवोवेक आरओकेएल) है, जिसकी कीमत 26 करोड़ रुपये है।
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मूल रूप से जबलपुर मध्यप्रदेश के रहने वाले स्वप्निल खुराना निजी अतंरराष्ट्रीय बैंक में काम करते हैं। वह आईटीआई रोड पर किशोर नगर पर रहते हैं। अलीगढ़ की रहने वाली हरमीत कौर से उनकी शादी दिसंबर 2021 में हुई थी। जब उनके यहां बेटा अंगद पैदा हुआ तो बेहद खुशी का माहौल था। डेढ़ साल तक जब बच्चे के चलने की शुरुआत नहीं हुई तो चिकित्सकों से संपर्क किया गया। जांच के सिलसिले में दंपती बंगलुरु और जबलपुर पहुंचे। यहां पर कई टेस्ट कराने के बाद पता चला कि मामला गंभीर है। बच्चे को डीएमडी नाम की गंभीर बीमारी है। जिसके इलाज के लिए 26 करोड़ रुपये के एक इंजेक्शन की जरूरत है।
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स्वप्निल कहते हैं कि एक महीने तक तो समझ नहीं सके कि करना क्या है। इसके बाद थोड़ी हिम्मत की और लोगों से मदद की गुहार की। लोगों ने क्राउड फंडिंग की सलाह दी। जिसके बाद अब प्रशासन से मदद की गुहार कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारों से मदद की उम्मीद में प्रशासनिक अधिकारियों से अपील कर रहे हैं।
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गेस्ट हाउस में कर्मचारी टरकाते रहे
स्वप्निल और हरमीत 12 फरवरी को अधिकारियों से मिलने नुमाइश गेस्ट हाउस पहुंचे तो कर्मचारी उन्हें टरकाते रहे। बोले अधिकारी व्यस्त हैं। उनसे कहा गया कि अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। उनका जब मैसेज आ जाएगा तब मिलवा दिया जाएगा। कई घंटे तक इंतजार के बाद भी जब मुलाकात नहीं हुई तो स्वप्निल और हरमीत लौट गए।