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गंगा जमुनी तहजीब के नाम पर आंखों में धूल झोंक रहे एएमयू के छात्र नेता
Updated Fri, 23 Nov 2018 01:27 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, उपाध्यक्ष हमजा सूफियान एवं सचिव हुजैफा आमिर के बयान पर सांसद प्रतिनिधि एवं भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संदीप चाणक्य ने पलटवार किया है। उनका कहना है कि एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष गंगा जमुनी तहजीब के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। यहां सचमुच में गंगा जमुना तहजीब होती तो 98 साल में छात्र संघ के महत्वपूर्ण पदों पर दूसरे धर्म के लोग भी आसीन होते।
एएमयू ड्रामा क्लब द्वारा विवादित नक्शा लगाए जाने पर सांसद सतीश गौतम ने कहा था कि एएमयू तालिबानी मानसिकता से चल रहा है। इसके जवाब में अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने कहा था कि लगता है कि सांसद सतीश गौतम का मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया है और वह चाहते है कि उनका इलाज किसी अच्छे डॉक्टर से हो।
उन्होेंने यह भी कहा था कि एएमयू गंगा जमुनी तहजीब की जिंदा मिसाल है और यहां हिंदू-मुस्लिम एकता को प्रमोट किया जाता है। संदीप चाणक्य ने कहा है कि गंगा जमुनी तहजीब की बात करने वाले लोग पाकिस्तान के जनक जिन्ना की तस्वीर सीने से लगाए हुए हैं। एएमयू कोे सहयोग करने वाले राजा महेंद्र प्रताप एवं किशनदास को याद नहीं रखते। एएमयू के छात्र नेता पहले अपने दिमाग का इलाज जेएन मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग में करा लें। सचिव हुजैफा आमिर कहते है कि एएमयू में देश विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाता है।
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सचिव बताए कि आतंकवादी संगठन सिमी की स्थापना कहां हई थी। आतंकवादी अब्दुल मन्नान वानी के मारे जाने पर किसने नमाज ए जनाजा पढ़ने की कोशिश की थी। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष के घर पर पुलिस कुर्की वारंट लेकर क्यों जा रही है। एएमयू अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है, बावजूद इसके एससी, एसटी एवं ओबीसी को आरक्षण न देकर तालिबानी मानसिकता का परिचय क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उपाध्यक्ष हमजा सूफियान का ज्ञान बेहद संकुचित एवं सीमित है। उनकी हैसियत नहीं है कि वह टिकट कटने या मिलने की बात करें। उन्होंने कहा कि सांसद का उद्देश्य एएमयू की छवि को धूमिल करना नहीं बल्कि उसको धूमिल होने से बचाना है।
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एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, उपाध्यक्ष हमजा सूफियान एवं सचिव हुजैफा आमिर के बयान पर सांसद प्रतिनिधि एवं भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संदीप चाणक्य ने पलटवार किया है। उनका कहना है कि एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष गंगा जमुनी तहजीब के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। यहां सचमुच में गंगा जमुना तहजीब होती तो 98 साल में छात्र संघ के महत्वपूर्ण पदों पर दूसरे धर्म के लोग भी आसीन होते।
एएमयू ड्रामा क्लब द्वारा विवादित नक्शा लगाए जाने पर सांसद सतीश गौतम ने कहा था कि एएमयू तालिबानी मानसिकता से चल रहा है। इसके जवाब में अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने कहा था कि लगता है कि सांसद सतीश गौतम का मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया है और वह चाहते है कि उनका इलाज किसी अच्छे डॉक्टर से हो।
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उन्होेंने यह भी कहा था कि एएमयू गंगा जमुनी तहजीब की जिंदा मिसाल है और यहां हिंदू-मुस्लिम एकता को प्रमोट किया जाता है। संदीप चाणक्य ने कहा है कि गंगा जमुनी तहजीब की बात करने वाले लोग पाकिस्तान के जनक जिन्ना की तस्वीर सीने से लगाए हुए हैं। एएमयू कोे सहयोग करने वाले राजा महेंद्र प्रताप एवं किशनदास को याद नहीं रखते। एएमयू के छात्र नेता पहले अपने दिमाग का इलाज जेएन मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग में करा लें। सचिव हुजैफा आमिर कहते है कि एएमयू में देश विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाता है।
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सचिव बताए कि आतंकवादी संगठन सिमी की स्थापना कहां हई थी। आतंकवादी अब्दुल मन्नान वानी के मारे जाने पर किसने नमाज ए जनाजा पढ़ने की कोशिश की थी। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष के घर पर पुलिस कुर्की वारंट लेकर क्यों जा रही है। एएमयू अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है, बावजूद इसके एससी, एसटी एवं ओबीसी को आरक्षण न देकर तालिबानी मानसिकता का परिचय क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उपाध्यक्ष हमजा सूफियान का ज्ञान बेहद संकुचित एवं सीमित है। उनकी हैसियत नहीं है कि वह टिकट कटने या मिलने की बात करें। उन्होंने कहा कि सांसद का उद्देश्य एएमयू की छवि को धूमिल करना नहीं बल्कि उसको धूमिल होने से बचाना है।
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