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तीसरी रेल लाइन पर लगेगा ऑटोमेटिक सिग्नल: जीएम रेलवे
Updated Fri, 15 Jun 2018 02:15 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एनसीआर रेलवे के जीएम एमसी चौहान ने एनसीआरपीयू द्वारा किए जा रहे क्षमता वृद्धि और स्पीड वृद्धि के काम की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अलीगढ़-गाजियाबाद खंड की वर्तमान अप लाइन की बाई.डायरेक्शनल ऑटोमेटिक सिग्नल तथा तीसरी लाइन की ऑटोमेटिक सिग्नल का काम तेजी से होगा।
सीटीसी द्वारा कवर 44 स्टेशनों में से मौजूदा नियंत्रण बोर्ड 1 और 2 को कवर करने वाले 29 स्टेशनों को जून में ही इसका क्रियान्वयन होगा। सीटीसी प्रणाली एनसीआर के कानपुर-गाजियाबाद खंड में स्थापित हो रही है। सीटीसी में सिग्नल अलग-अलग स्टेशनों की जगह एक जगह से संचालित हाेंगे।
इस परियोजना को 40 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। जिसमें स्वचालित ट्रेन चार्टिंग, भंडारण तथा ग्राफ का जनरेशन होगा।
इससे लाइन क्षमता में वृद्धि, समय सारणी प्रबंधन, नियंत्रक द्वारा ट्रेन संचालन का प्रत्यक्ष प्रदर्शन और नियंत्रण निर्देशों के संचार में देरी नहीं होगी। स्टेशन पर एक के एक पीछे एक समय में 6 ट्रेनों तक के मूवमेंट के लिए अग्रिम मार्ग सेटिंग की जा सकती है।
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एनसीआर रेलवे के जीएम एमसी चौहान ने एनसीआरपीयू द्वारा किए जा रहे क्षमता वृद्धि और स्पीड वृद्धि के काम की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अलीगढ़-गाजियाबाद खंड की वर्तमान अप लाइन की बाई.डायरेक्शनल ऑटोमेटिक सिग्नल तथा तीसरी लाइन की ऑटोमेटिक सिग्नल का काम तेजी से होगा।
सीटीसी द्वारा कवर 44 स्टेशनों में से मौजूदा नियंत्रण बोर्ड 1 और 2 को कवर करने वाले 29 स्टेशनों को जून में ही इसका क्रियान्वयन होगा। सीटीसी प्रणाली एनसीआर के कानपुर-गाजियाबाद खंड में स्थापित हो रही है। सीटीसी में सिग्नल अलग-अलग स्टेशनों की जगह एक जगह से संचालित हाेंगे।
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इस परियोजना को 40 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। जिसमें स्वचालित ट्रेन चार्टिंग, भंडारण तथा ग्राफ का जनरेशन होगा।
इससे लाइन क्षमता में वृद्धि, समय सारणी प्रबंधन, नियंत्रक द्वारा ट्रेन संचालन का प्रत्यक्ष प्रदर्शन और नियंत्रण निर्देशों के संचार में देरी नहीं होगी। स्टेशन पर एक के एक पीछे एक समय में 6 ट्रेनों तक के मूवमेंट के लिए अग्रिम मार्ग सेटिंग की जा सकती है।
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