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टाइगर जिंदा है के चक्कर में हंगामा
Updated Thu, 19 Apr 2018 02:15 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
सलमान खान की फिल्म टाइगर जिंदा है समय से न चलने के कारण छात्रों ने कैनेडी हॉल में हंगामा काटा। इसकी वजह से कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित भी हुआ।
एएमयू फिल्म क्लब के तत्वावधान में फिल्म साज का आयोजन कैनेडी हॉल में किया गया है। तीसरे दिन फिल्म टाइगर जिंदा है को लेकर हंगामा हो गया। दरअसल टाइगर जिंदा है की स्क्रीनिंग का समय 3.30 बजे निर्धारित था।
उसके पहले करीब 20 फिल्मों की स्क्रीनिंग होनी थी। तकनीकी खराबी के कारण फिल्म स्क्रीनिंग का शेडयूल गड़बड़ा गया। दूसरी तरफ निर्धारित समय 3.30 बजे तक काफी संख्या में सलमान खान के प्रशंसक हॉल में पहुंच गए थे।
विलंब होने पर शोर करने लगे। कुर्सियों पर खड़े होकर टाइगर-टाइगर चिल्लाना शुरू कर दिया। वहीं कुछ युवक मंच तक पहुंच गए। अफरातफरी के दौरान कुछ छात्र-छात्रा कैनेडी हॉल से बाहर आ गए। कुछ समय के लिए स्क्रीनिंग भी बाधित हुई। हालांकि कुछ समय बाद टाइगर जिंदा है की स्क्रीनिंग शुरू होने पर दर्शक शांत हुए।
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फिल्म रेड कॉरिडोर की सराहना
फिल्म साज के तीसरे दिन कैनेडी आडिटोरियम में दर्शकों ने फिल्म रेड कॉरिडोर को खूब सराहा। एएमयू जन संचार विभाग की छात्राओं शेपर खानम एवं समृद्धि भाल द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक सैनिक और नक्सली के तनाव को पर्दे पर दर्शाती है। स्क्रीनिंग के बाद छात्राओं ने बताया कि कठिन विषय चुनने का कारण उनका महिला होना है। कारण जरूरी नहीं है कि महिला होने के नाते महिलाओं से जुड़े मुद्दे पर ही वह कार्य करें। राष्ट्रीय स्तर पर नक्सलवाद भी गंभीर विषय है। फिल्म में सैनिक और नक्सली एक-दूसरे की विचारधारा का पक्ष लेते हुए बहस करते हैं। दोनो किरदारों के बीच चल रहे डॉयलॉग्स को लोगों ने काफी पसंद किया। नक्सली के किरदार में शाह फराज को दर्शकों ने काफी पसंद भी किया। उनकी टीम में असिस्टेंट डायरेक्टर की भूमिका में केतन दीक्षित, पंकज चौहान व अक्षय उपमन्यू थे।
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सलमान खान की फिल्म टाइगर जिंदा है समय से न चलने के कारण छात्रों ने कैनेडी हॉल में हंगामा काटा। इसकी वजह से कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित भी हुआ।
एएमयू फिल्म क्लब के तत्वावधान में फिल्म साज का आयोजन कैनेडी हॉल में किया गया है। तीसरे दिन फिल्म टाइगर जिंदा है को लेकर हंगामा हो गया। दरअसल टाइगर जिंदा है की स्क्रीनिंग का समय 3.30 बजे निर्धारित था।
उसके पहले करीब 20 फिल्मों की स्क्रीनिंग होनी थी। तकनीकी खराबी के कारण फिल्म स्क्रीनिंग का शेडयूल गड़बड़ा गया। दूसरी तरफ निर्धारित समय 3.30 बजे तक काफी संख्या में सलमान खान के प्रशंसक हॉल में पहुंच गए थे।
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विलंब होने पर शोर करने लगे। कुर्सियों पर खड़े होकर टाइगर-टाइगर चिल्लाना शुरू कर दिया। वहीं कुछ युवक मंच तक पहुंच गए। अफरातफरी के दौरान कुछ छात्र-छात्रा कैनेडी हॉल से बाहर आ गए। कुछ समय के लिए स्क्रीनिंग भी बाधित हुई। हालांकि कुछ समय बाद टाइगर जिंदा है की स्क्रीनिंग शुरू होने पर दर्शक शांत हुए।
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फिल्म रेड कॉरिडोर की सराहना
फिल्म साज के तीसरे दिन कैनेडी आडिटोरियम में दर्शकों ने फिल्म रेड कॉरिडोर को खूब सराहा। एएमयू जन संचार विभाग की छात्राओं शेपर खानम एवं समृद्धि भाल द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक सैनिक और नक्सली के तनाव को पर्दे पर दर्शाती है। स्क्रीनिंग के बाद छात्राओं ने बताया कि कठिन विषय चुनने का कारण उनका महिला होना है। कारण जरूरी नहीं है कि महिला होने के नाते महिलाओं से जुड़े मुद्दे पर ही वह कार्य करें। राष्ट्रीय स्तर पर नक्सलवाद भी गंभीर विषय है। फिल्म में सैनिक और नक्सली एक-दूसरे की विचारधारा का पक्ष लेते हुए बहस करते हैं। दोनो किरदारों के बीच चल रहे डॉयलॉग्स को लोगों ने काफी पसंद किया। नक्सली के किरदार में शाह फराज को दर्शकों ने काफी पसंद भी किया। उनकी टीम में असिस्टेंट डायरेक्टर की भूमिका में केतन दीक्षित, पंकज चौहान व अक्षय उपमन्यू थे।