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लिवेवल सिटी के लि अलीगढ़ आंकलन के लिए चयनित
Updated Sun, 25 Mar 2018 02:03 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ सहित प्रदेश के 14 शहरों का लिवेबिलिटी स्टैंडर्ड के आकलन के लिए चयन हुआ है। इसके अंतर्गत विभागों की सेवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परखा जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि शहर रहने, सुख सुविधाओं और जीवन स्तर क्या है। इसके आकलन को नगर निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
गत दिनाें शासन में ‘यूपी नेडा ट्रेनिंग सेंटर’ देवा रोड लखनऊ में उत्तर प्रदेश के 14 शहरों का ‘लिवेबिलिटी स्टैंडर्ड’ के आकलन के लिए भारत सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा चयन किये जाने पर प्रमुख सचिव नगर विकास उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में एक दिवसीय राज्य स्तरीय वर्कशॉप आयोजित की गई थी।
नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि देश के प्रमुख 116 शहरों के बीच लिवेबिलिटी स्टैंडर्ड की परीक्षा होगी और 116 शहरों में प्रदेश के कुल 14 शहरों को इस परीक्षा में प्रतिभाग के लिए चुना गया है।
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उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश से अलीगढ़, आगरा, मुरादाबाद, रामपुर, रायबरेली, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, झांसी, सहारनपुर, बरेली एवं लखनऊ हैं। देश के प्रमुख शहरों के बीच होने वाली इस परीक्षा में 79 सूचनांक है, जिसमें प्रमुख रूप से सभी विभागों की सेवाओं का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर परखा जाएगा।
कैसे परखा जाएगा लिवेबिलिटी स्टैंडर्ड
निवास और सुख सुविधाओं के आधार पर कौन सा शहर कितना उपयुक्त है, तय किया जाएगा। इसमें प्रशासन के अंतर्गत आने वाले नागरिक सुविधाओं की ऑनलाइन उपलब्धता, ऑनलाइन सुविधाएं प्राप्त करने वालों का प्रतिशत, समयांतर्गत शिकायतों का निस्तारण, लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली, आपरेशन एवं मेंटेनेंस के लिए यूजर चार्जेज, वसूली का प्रतिशत, होटल की स्थिति, शहर में महिला व पुरुष शिक्षा का स्तर, महिला व पुरुषों के बीच साक्षरता, प्राथमिक स्तर पर शिक्षा, प्राथमिक स्तर पर छात्र व अध्यापकों का अनुपात, सुरक्षा और बचाव की दृष्टि से व्यवस्थाएं, सर्विलांस कवर्ड, प्रति लाख आबादी पर क्राइम की दर, महिला और बच्चों के खिलाफ क्राइम की स्थिति, शहर में टैक्स की वसूली,
बेरोजगारी प्रतिशत, पंजीकृत पथ विक्रेताओं की स्थिति, प्रोफेशनल टैक्स की स्थिति, शहर में मलिन बस्ती, ईडब्लूएस का प्रतिशत, शहर में ग्रीन स्पेस, शहर की आबादी के साथ विद्युत कनेक्शन, स्मार्ट मीटर की उपयोगिता, शहर के भौगोलिक रूप के अनुसार शहर में परिवहन की सुविधाएं, शहर में पब्लिक परिवहन की उपयोगिता, साइकिल ट्रैक की स्थिति, यात्रियों की सुविधा के लिए सिस्टम, ध्वनि प्रदूषण का स्तर, पेयजल की स्थिति, पार्किंग आदि के बिंदु शामिल हैं।
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अलीगढ़ सहित प्रदेश के 14 शहरों का लिवेबिलिटी स्टैंडर्ड के आकलन के लिए चयन हुआ है। इसके अंतर्गत विभागों की सेवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परखा जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि शहर रहने, सुख सुविधाओं और जीवन स्तर क्या है। इसके आकलन को नगर निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
गत दिनाें शासन में ‘यूपी नेडा ट्रेनिंग सेंटर’ देवा रोड लखनऊ में उत्तर प्रदेश के 14 शहरों का ‘लिवेबिलिटी स्टैंडर्ड’ के आकलन के लिए भारत सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा चयन किये जाने पर प्रमुख सचिव नगर विकास उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में एक दिवसीय राज्य स्तरीय वर्कशॉप आयोजित की गई थी।
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नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि देश के प्रमुख 116 शहरों के बीच लिवेबिलिटी स्टैंडर्ड की परीक्षा होगी और 116 शहरों में प्रदेश के कुल 14 शहरों को इस परीक्षा में प्रतिभाग के लिए चुना गया है।
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उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश से अलीगढ़, आगरा, मुरादाबाद, रामपुर, रायबरेली, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, झांसी, सहारनपुर, बरेली एवं लखनऊ हैं। देश के प्रमुख शहरों के बीच होने वाली इस परीक्षा में 79 सूचनांक है, जिसमें प्रमुख रूप से सभी विभागों की सेवाओं का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर परखा जाएगा।
कैसे परखा जाएगा लिवेबिलिटी स्टैंडर्ड
निवास और सुख सुविधाओं के आधार पर कौन सा शहर कितना उपयुक्त है, तय किया जाएगा। इसमें प्रशासन के अंतर्गत आने वाले नागरिक सुविधाओं की ऑनलाइन उपलब्धता, ऑनलाइन सुविधाएं प्राप्त करने वालों का प्रतिशत, समयांतर्गत शिकायतों का निस्तारण, लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली, आपरेशन एवं मेंटेनेंस के लिए यूजर चार्जेज, वसूली का प्रतिशत, होटल की स्थिति, शहर में महिला व पुरुष शिक्षा का स्तर, महिला व पुरुषों के बीच साक्षरता, प्राथमिक स्तर पर शिक्षा, प्राथमिक स्तर पर छात्र व अध्यापकों का अनुपात, सुरक्षा और बचाव की दृष्टि से व्यवस्थाएं, सर्विलांस कवर्ड, प्रति लाख आबादी पर क्राइम की दर, महिला और बच्चों के खिलाफ क्राइम की स्थिति, शहर में टैक्स की वसूली,
बेरोजगारी प्रतिशत, पंजीकृत पथ विक्रेताओं की स्थिति, प्रोफेशनल टैक्स की स्थिति, शहर में मलिन बस्ती, ईडब्लूएस का प्रतिशत, शहर में ग्रीन स्पेस, शहर की आबादी के साथ विद्युत कनेक्शन, स्मार्ट मीटर की उपयोगिता, शहर के भौगोलिक रूप के अनुसार शहर में परिवहन की सुविधाएं, शहर में पब्लिक परिवहन की उपयोगिता, साइकिल ट्रैक की स्थिति, यात्रियों की सुविधा के लिए सिस्टम, ध्वनि प्रदूषण का स्तर, पेयजल की स्थिति, पार्किंग आदि के बिंदु शामिल हैं।