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साक्ष्यों ने दी गवाही, अपने ने किया रिश्तों का कत्ल
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:19 AM IST
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साक्ष्यों ने दी गवाही.. अपने ने किया रिश्तों का कत्ल
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के विष्णुपुरी इलाके में सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक के कत्ल की कहानी टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाले पारिवारिक विवादों पर आधारित सीरियलों से कम नहीं है। हालांकि पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही साक्ष्यों को देखकर यह अनुमान लगा लिया था कि यह कत्ल किसी अपने ने ही किया है। मगर पुलिस की पेशानी पर बल उस समय दिखाई दिए, जब घर को आने व जाने वाले किसी भी रास्ते पर सीसीटीवी दिखाई नहीं दिए। इसी बीच मुखबिरी की मदद से जब मोहल्ले में पारिवारिक विवाद का जिक्र छिड़ा तो पुलिस उस रिश्ते को तलाशने लगी, जिस विवाद में यह कत्ल हुआ और शाम होते-होते काफी हद तक नामजदगी के बाद तस्वीर साफ हो गई। फिर भी पुलिस अभी यह सोचकर काम कर रही है कि सभी पहलू उजागर हो जाएं। कहीं ऐसा न हो कि बस शक के ही आधार पर किसी को जेल भेज दिया जाए।
अपने से हुई हुज्जत, खून में मिले पैरों के निशां
घटनास्थल पर नजारा कुछ इस तरह था कि जैसे किसी अकेले आए परिचित ने दरवाजा खुलवाया और परिचित आराम से कुंज विहारी के साथ घर के अंदर घुसा चला गया। जिस अंदाज में अंडरवीयर और बनियान में लाश रसोई में पड़ी मिली है, उससे लगता है कि कुंज विहारी इस परिचित के लिए पानी लेने रसोई में गए होंगे। यह भी साफ है कि इस अपने को यह भी खबर रही होगी कि इस वक्त वह घर में अकेले हैं। इसी दौरान उसने मौका पाकर वारदात को अंजाम दिया। चाकू भी रसोई में ही मिल गया होगा। वारदात के दौरान वहां खूब हुज्जत भी हुई होगी। जिस तरह खून बिखरा पड़ा है और खून में कातिल के पैरों के निशान मिले हैं, उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आरोपी अकेला रहा होगा। इसके बाद आराम से आरोपी दरवाजा खुला छोड़कर चला गया।
छोटी बहू ने कराई थी ससुर-पति पर एनसीआर दर्ज
पुलिस जांच में यह बात जब उजागर हुई कि कैंसर पीड़ित छोटी बहू पल्लवी का मायका पक्ष इस बात को लेकर नाराज रहता था कि ससुर व पति पर धन की कमी नहीं है। मगर यह लोग इलाज सही ढंग से नहीं करा रहे। इसकी छानबीन में पता चला कि 11 जून को जब पल्लवी का भाई वैभव अपनी बुआ सीमा के साथ आया था तो एक सप्ताह में देख लेने की धमकी देकर गया था। इस विवाद से के बाद खुद पल्लवी ने अपने पति व ससुर के खिलाफ क्वार्सी थाने में एनसीआर दर्ज कराई थी। जिसमें मारपीट व परेशान करने का आरोप था। पुलिस भी जांच के लिए पहुंची थी। मगर बाद में दोनों पक्षों में पारिवारिक स्तर पर समझौता हो गया था। इस समझौते के बाद ही एक सप्ताह पूर्व पल्लवी मायके घूमने जाने की कहकर गई थी।
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बेटी ने चीख-चीखकर लगाया मोनू पर आरोप
कुंज विहारी के कत्ल की खबर पर शहर की रमेश विहार कॉलोनी में रहने वाली बेटी अर्चना निगम भी रोते बिलखते यहां पहुंच गई। उसने पिता की लाश को देखते ही चीखते हुए अपने भाई शिवेंद्र के साले वैभव उर्फ मोनू पर आरोप लगाना शुरू कर दिया कि मोनू तूने ऐसा क्यों किया। तुझे पिता को मारकर क्या मिल गया। यह सुनते ही पुलिस के कान खड़े हुए, जब पुलिस ने अर्चना से पूछताछ की तो उसने पिछले दिनों हुए विवाद के विषय में विस्तार से जानकारी दी।
दिनदहाड़े कत्ल की कानों कान भनक नहीं
हैरान करने वाली बात है कि एक तरफ पुलिस को पूरी कॉलोनी में कोई सीसीटीवी नहीं मिला। दूसरा तपती दुपहरी में घनी आबादी वाले इलाके में कत्ल हो गया। इस दौरान बुजुर्ग ने चीख पुकार भी मचाई होगी। मगर किसी को कानों कान इस कत्ल की भनक तक नहीं लगी। चार बजे जब कत्ल का शोर मचा और पुलिस पहुंची तो वहां लोग हैरानी जताने लगे। बाद में परिवार में विवाद की बातें उभरकर आने लगीं।
संपत्ति विवाद पर भी नजर
सीओ तृतीय राजीव सिंह बताते हैं कि दोपहर में घटना के बाद खबर पर खुर्जा से शाम को छोटा बेटा शिवेंद्र लौटकर आया, जिसने अपने साले व बुआ सास के खिलाफ यह कहते हुए तहरीर दी है कि वैभव ने धमकी दी थी और बुआ सास का इस विवाद में दखल रहता था। इसलिये अंदेशा है कि उन्हीं ने हत्या की है। इस पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मगर साथ में परिवार के संपत्ति विवाद सहित अन्य पहलुओं पर भी ध्यान रखा जा रहा है।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के विष्णुपुरी इलाके में सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक के कत्ल की कहानी टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाले पारिवारिक विवादों पर आधारित सीरियलों से कम नहीं है। हालांकि पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही साक्ष्यों को देखकर यह अनुमान लगा लिया था कि यह कत्ल किसी अपने ने ही किया है। मगर पुलिस की पेशानी पर बल उस समय दिखाई दिए, जब घर को आने व जाने वाले किसी भी रास्ते पर सीसीटीवी दिखाई नहीं दिए। इसी बीच मुखबिरी की मदद से जब मोहल्ले में पारिवारिक विवाद का जिक्र छिड़ा तो पुलिस उस रिश्ते को तलाशने लगी, जिस विवाद में यह कत्ल हुआ और शाम होते-होते काफी हद तक नामजदगी के बाद तस्वीर साफ हो गई। फिर भी पुलिस अभी यह सोचकर काम कर रही है कि सभी पहलू उजागर हो जाएं। कहीं ऐसा न हो कि बस शक के ही आधार पर किसी को जेल भेज दिया जाए।
अपने से हुई हुज्जत, खून में मिले पैरों के निशां
घटनास्थल पर नजारा कुछ इस तरह था कि जैसे किसी अकेले आए परिचित ने दरवाजा खुलवाया और परिचित आराम से कुंज विहारी के साथ घर के अंदर घुसा चला गया। जिस अंदाज में अंडरवीयर और बनियान में लाश रसोई में पड़ी मिली है, उससे लगता है कि कुंज विहारी इस परिचित के लिए पानी लेने रसोई में गए होंगे। यह भी साफ है कि इस अपने को यह भी खबर रही होगी कि इस वक्त वह घर में अकेले हैं। इसी दौरान उसने मौका पाकर वारदात को अंजाम दिया। चाकू भी रसोई में ही मिल गया होगा। वारदात के दौरान वहां खूब हुज्जत भी हुई होगी। जिस तरह खून बिखरा पड़ा है और खून में कातिल के पैरों के निशान मिले हैं, उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आरोपी अकेला रहा होगा। इसके बाद आराम से आरोपी दरवाजा खुला छोड़कर चला गया।
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छोटी बहू ने कराई थी ससुर-पति पर एनसीआर दर्ज
पुलिस जांच में यह बात जब उजागर हुई कि कैंसर पीड़ित छोटी बहू पल्लवी का मायका पक्ष इस बात को लेकर नाराज रहता था कि ससुर व पति पर धन की कमी नहीं है। मगर यह लोग इलाज सही ढंग से नहीं करा रहे। इसकी छानबीन में पता चला कि 11 जून को जब पल्लवी का भाई वैभव अपनी बुआ सीमा के साथ आया था तो एक सप्ताह में देख लेने की धमकी देकर गया था। इस विवाद से के बाद खुद पल्लवी ने अपने पति व ससुर के खिलाफ क्वार्सी थाने में एनसीआर दर्ज कराई थी। जिसमें मारपीट व परेशान करने का आरोप था। पुलिस भी जांच के लिए पहुंची थी। मगर बाद में दोनों पक्षों में पारिवारिक स्तर पर समझौता हो गया था। इस समझौते के बाद ही एक सप्ताह पूर्व पल्लवी मायके घूमने जाने की कहकर गई थी।
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बेटी ने चीख-चीखकर लगाया मोनू पर आरोप
कुंज विहारी के कत्ल की खबर पर शहर की रमेश विहार कॉलोनी में रहने वाली बेटी अर्चना निगम भी रोते बिलखते यहां पहुंच गई। उसने पिता की लाश को देखते ही चीखते हुए अपने भाई शिवेंद्र के साले वैभव उर्फ मोनू पर आरोप लगाना शुरू कर दिया कि मोनू तूने ऐसा क्यों किया। तुझे पिता को मारकर क्या मिल गया। यह सुनते ही पुलिस के कान खड़े हुए, जब पुलिस ने अर्चना से पूछताछ की तो उसने पिछले दिनों हुए विवाद के विषय में विस्तार से जानकारी दी।
दिनदहाड़े कत्ल की कानों कान भनक नहीं
हैरान करने वाली बात है कि एक तरफ पुलिस को पूरी कॉलोनी में कोई सीसीटीवी नहीं मिला। दूसरा तपती दुपहरी में घनी आबादी वाले इलाके में कत्ल हो गया। इस दौरान बुजुर्ग ने चीख पुकार भी मचाई होगी। मगर किसी को कानों कान इस कत्ल की भनक तक नहीं लगी। चार बजे जब कत्ल का शोर मचा और पुलिस पहुंची तो वहां लोग हैरानी जताने लगे। बाद में परिवार में विवाद की बातें उभरकर आने लगीं।
संपत्ति विवाद पर भी नजर
सीओ तृतीय राजीव सिंह बताते हैं कि दोपहर में घटना के बाद खबर पर खुर्जा से शाम को छोटा बेटा शिवेंद्र लौटकर आया, जिसने अपने साले व बुआ सास के खिलाफ यह कहते हुए तहरीर दी है कि वैभव ने धमकी दी थी और बुआ सास का इस विवाद में दखल रहता था। इसलिये अंदेशा है कि उन्हीं ने हत्या की है। इस पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मगर साथ में परिवार के संपत्ति विवाद सहित अन्य पहलुओं पर भी ध्यान रखा जा रहा है।