Aligarh News: रिंग रोड, जिस पर चल रही सियासत, 2017 स्मार्ट सिटी सर्वे में उसे बताया था शहर की सबसे बड़ी जरूरत
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार शहर का सबसे बड़ा औद्योगिक आस्थान तालानगरी में है। आने वाले समय में धनीपुर हवाईअड्डा विकसित होने जा रहा है। इन दोनों को जोडऩे के लिए इस मार्ग को रिंग रोड के रूप में विकसित किया जाना जरूरी है। ताकि माल की आवाजाही आसानी से हो सके और व्यापार से जुड़े लोगों की आवाजाही आसान हो।
विस्तार
अलीगढ़ की जिस ओजोन-सांगवान सिटी की सड़क को लेकर इन दिनों शहर की सियासत सुर्खियों में है। उस सड़क को लेकर 2017 से पहले स्मार्ट सिटी के सर्वे में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि यह रिंग रोड इस शहर की सबसे बड़ी जरूरत है। इसके निर्माण से शहर के विकास व कारोबार को पंख लगेंगे। तालानगरी सीधे एयरपोर्ट से जुड़ेगी और रामघाट-जीटी रोड आस में जुड़ेंगे। इससे इतर शहर में हर दिन इस मार्ग से आने वाले एक लाख वाहनों का बोझ कम होगा। मगर उस सर्वे के अनुसार आज तक सड़क निर्माण तो नहीं हो सका। हां, उस पर सियासी विवाद जरूर शुरू हो गया है।
सर्वे रिपोर्ट में रिंग रोड के ये गिनाए थे फायदे
व्यापार और निर्यात में होगा सुधार
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार शहर का सबसे बड़ा औद्योगिक आस्थान तालानगरी में है। आने वाले समय में धनीपुर हवाईअड्डा विकसित होने जा रहा है। इन दोनों को जोडऩे के लिए इस मार्ग को रिंग रोड के रूप में विकसित किया जाना जरूरी है। ताकि माल की आवाजाही आसानी से हो सके और व्यापार से जुड़े लोगों की आवाजाही आसान हो। इससे तालानगरी के विकास को रास्ता खुलेगा। इस मार्ग के जरिये तालानगरी के कारोबारी बोनेर से सीधे जीटी रोड बाईपास के जरिये डिफेंस कॉरिडोर से भी जुड़ेंगे।
जरूरत पर वैकल्पिक मार्ग
शहर में अक्सर जरूरत पर डायवर्जन लागू किया जाता है। उस समय में इस मार्ग से वाहन निकालना तय होता है। मगर बहुत मुश्किल होती है। उस दशा में वाहन अतरौली या हरदुआगंज से इधर उधर निकाले जाते हैं। चूंकि हर दिन इन दोनों मार्गों के जरिये शहर में एक लाख वाहनों की आवाजाही है। इसलिए ये बोझ कम होगा और डायवर्जन पर बड़ी राहत देगा।
शहरी विकास और आर्थिक विकास
कहीं भी नई सड़क शहरी विकास व आर्थिक विकास को बढ़ावा देती है। सर्वे में इस बात का उल्लेख करते हुए इस मार्ग के विकसित होने पर नए उद्यम विकसित होने के संकेत दिए गए थे। जिससे आर्थिक विकास की बात कही गई थी।
आरटीआई में उस समय एडीए एप्रूव थीं ओजोन-सांगवान सिटी
जिस समय के सर्वे की बात आज चर्चाओं में है। उसी समय की एक आरटीआई को भी चर्चाओं में लाया गया है। उस आटीआई में उस समय तत्कालीन एडीए वीसी ने जवाब दिया था कि छह किमी की यह सड़क 60 मीटर तक चौड़ी है। इस मार्ग पर सिर्फ अभी तक ओजोन व सांगवान सिटी के निर्माणाधीन भवनों के नक्शे पास हुए हैं।
यह रिंग रोड शहर की महायोजना व स्मार्ट सिटी के सर्वे का हिस्सा रहा है। इसमें हमारे निजी लाभ से ज्यादा शहर के लाभ की बात कही गई है। इसमें सियासत की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।-प्रवीन मंगला, एमडी, ओजोन सिटी