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कौन बना गया पांच किमी सड़क, पता नहीं
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महंगाई के युग में कोई एक रुपया बेवजह खर्च करने से पहले कई बार सोचता है, लेकिन ऊपरी गंगा नहर की दांयी पटरी की सड़क इस धारणा को चुनौती देती नजर आती है।
इस पटरी की 25 किलोमीटर की सड़क में से पांच किलोमीटर कोई अंजान व्यक्ति बना गया और विभागीय अफसर सोते रहे। विधायक बरौली के दौरे में पोल खुलने पर विभाग इस कार्य को श्रमदान घोषित कर अपनी खाल बचाने में जुट गया है। यही नहीं कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था के खिलाफ जवां थाने में तहरीर भी दे दी गई है।
सिंचाई विभाग द्वारा अपर गंगा कैनाल की सुमेरा से हरदुआगंज होते हुये नानऊ तक 25 किमी की पटरी पर सड़क निर्माण का कार्य उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया है। ग्रामीणों द्वारा बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह को फोन कर अवगत कराया गया कि सड़क का निर्माण कार्य घटिया स्तर का किया जा रहा है।
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सूचना पर विधायक सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके उपाध्याय, अधिशासी अभियंता देवकरन, सहायक अभियन्ता गिर्राज सिंह को लेकर मौके पर पहुंचे। कार्य स्थल पर लगभग 4 किमी सड़क का निर्माण कर दिया गया था। सड़क की वास्तविक चौड़ाई 3 मीटर से अधिक थी। किन्तु वर्तमान में सड़क का निर्माण 2.85 मीटर किया गया था।
सड़क का निर्माण मानक के अनुरूप नहीं था। कार्य स्थल पर पड़ी सामग्री बेहद घटिया थी। मौके पर कोई भी मशीनरी व कर्मचारी उपस्थित नहीं था। विधायक ने जब अधीक्षण अभियंता से कार्य के संबंध में पूछा तो उन्होंने बताया कि ठेकेदार का अभी तक कोई अनुबंध नहीं हुआ है। उसकी माताजी की तबियत खराब है। बगैर अनुबंध सड़क निर्माण किसने किया है इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी।
मुकदमा दर्ज कर कार्य को श्रमदान घोषित करने के निर्देश
बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह ने थानाध्यक्ष जवां को बुलाकर सहायक अभियंता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिये। सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता वीके राठी को फोन पर सारी स्थिति से अवगत कराते हुये कराये गये निर्माण कार्य को श्रमदान घोषित करने के लिए कहा। प्रमुख अभियंता ने अपने अधीनस्थों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिये।
20 वर्ष पूर्व भी हुआ था इस सड़क का निर्माण
विधायक ने बताया कि इन सड़कों का निर्माण लगभग 20 वर्ष पूर्व किया गया था। तब से इन सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई थी। इन सड़कों की मरम्मत के लिए उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह से मुलाकात कर धनराशि जारी कराई है। नहर की पटरी का रास्ता प्रमुख मार्ग है। मरम्मत में गुणवत्ता से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जायेगा और इस प्रकरण में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।
-सिंचाई विभाग की तहरीर में साफ लिखा है कि बिना अनुबंध के किसी ने सड़क बना दी है और कोई भुगतान न ले जाए। फिलहाल इस तहरीर का जीडी में तस्करा इंद्राज कर जांच कराई जा रही है, जो भी न्याय संगत होगा, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।-सुनील कुमार सिंह एसओ जवां
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महंगाई के युग में कोई एक रुपया बेवजह खर्च करने से पहले कई बार सोचता है, लेकिन ऊपरी गंगा नहर की दांयी पटरी की सड़क इस धारणा को चुनौती देती नजर आती है।
इस पटरी की 25 किलोमीटर की सड़क में से पांच किलोमीटर कोई अंजान व्यक्ति बना गया और विभागीय अफसर सोते रहे। विधायक बरौली के दौरे में पोल खुलने पर विभाग इस कार्य को श्रमदान घोषित कर अपनी खाल बचाने में जुट गया है। यही नहीं कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था के खिलाफ जवां थाने में तहरीर भी दे दी गई है।
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सिंचाई विभाग द्वारा अपर गंगा कैनाल की सुमेरा से हरदुआगंज होते हुये नानऊ तक 25 किमी की पटरी पर सड़क निर्माण का कार्य उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया है। ग्रामीणों द्वारा बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह को फोन कर अवगत कराया गया कि सड़क का निर्माण कार्य घटिया स्तर का किया जा रहा है।
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सूचना पर विधायक सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके उपाध्याय, अधिशासी अभियंता देवकरन, सहायक अभियन्ता गिर्राज सिंह को लेकर मौके पर पहुंचे। कार्य स्थल पर लगभग 4 किमी सड़क का निर्माण कर दिया गया था। सड़क की वास्तविक चौड़ाई 3 मीटर से अधिक थी। किन्तु वर्तमान में सड़क का निर्माण 2.85 मीटर किया गया था।
सड़क का निर्माण मानक के अनुरूप नहीं था। कार्य स्थल पर पड़ी सामग्री बेहद घटिया थी। मौके पर कोई भी मशीनरी व कर्मचारी उपस्थित नहीं था। विधायक ने जब अधीक्षण अभियंता से कार्य के संबंध में पूछा तो उन्होंने बताया कि ठेकेदार का अभी तक कोई अनुबंध नहीं हुआ है। उसकी माताजी की तबियत खराब है। बगैर अनुबंध सड़क निर्माण किसने किया है इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी।
मुकदमा दर्ज कर कार्य को श्रमदान घोषित करने के निर्देश
बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह ने थानाध्यक्ष जवां को बुलाकर सहायक अभियंता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिये। सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता वीके राठी को फोन पर सारी स्थिति से अवगत कराते हुये कराये गये निर्माण कार्य को श्रमदान घोषित करने के लिए कहा। प्रमुख अभियंता ने अपने अधीनस्थों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिये।
20 वर्ष पूर्व भी हुआ था इस सड़क का निर्माण
विधायक ने बताया कि इन सड़कों का निर्माण लगभग 20 वर्ष पूर्व किया गया था। तब से इन सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई थी। इन सड़कों की मरम्मत के लिए उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह से मुलाकात कर धनराशि जारी कराई है। नहर की पटरी का रास्ता प्रमुख मार्ग है। मरम्मत में गुणवत्ता से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जायेगा और इस प्रकरण में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।
-सिंचाई विभाग की तहरीर में साफ लिखा है कि बिना अनुबंध के किसी ने सड़क बना दी है और कोई भुगतान न ले जाए। फिलहाल इस तहरीर का जीडी में तस्करा इंद्राज कर जांच कराई जा रही है, जो भी न्याय संगत होगा, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।-सुनील कुमार सिंह एसओ जवां