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कोच के आस में खिलाड़ी के कट गए सात महीने
Updated Mon, 08 Oct 2018 02:32 AM IST
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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़। स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों के सात महीने प्रशिक्षकों की आस में कट गए। क्रिकेट, एथलेटिक्स, लॉन टेनिस सहित अन्य खेलों में कोच की तैनाती नहीं हो सकी है। बिना कोच के खिलाड़ी अभ्यास करने को मजबूर हैं।
स्टेडियम में लाखों रुपये की लागत से बने सिंथेटिक लॉन टेनिस कोर्ट पर बिना प्रशिक्षक के खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं, जो तकनीकी पक्ष से अनजान हैं। कमोवेश यही हाल शूटिंग रेंज का भी है। भविष्य के शूटरों का प्रशिक्षक के अभाव में भविष्य अंधकार में है।
जिस क्रिकेट के लिए युवा दीवाने हैं, उसमें भी प्रशिक्षक गायब हैं। सबसे ज्यादा प्रशिक्षु खिलाड़ी एथलेटिक्स के हैं, लेकिन इसमें भी प्रशिक्षक की तैनाती नहीं हो सकी है। इसी तरह हैंडबॉल, वालीबाल, बास्केटबॉल सहित अन्य खेलों में प्रशिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है। इन प्रशिक्षकों की तैनाती अप्रैल में हो जानी चाहिए थी। इस सत्र में प्रशिक्षकों की तैनाती की उम्मीदें भी कम दिख रही हैं। अब प्रशिक्षु खिलाड़ियों को प्रशिक्षक का इंतजार अगले सत्र तक करना होगा। हालांकि, कुश्ती, फुटबॉल, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, वेट लिफ्ंिटग में प्रशिक्षक की तैनाती है, जबकि प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी नसरीन बानो हॉकी विशेषज्ञ हैं और जिला उप क्रीड़ा अधिकारी अश्वनी कुमार त्यागी टेबल टेनिस विशेषज्ञ हैं।
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प्रशिक्षक के न होने से खिलाड़ियों के अभ्यास पर असर पड़ रहा है। जिला खेल प्रोत्साहन समिति के जरिये प्रशिक्षक रखने की कवायद चल रही है। जैसे ही इसमें सफलता मिलती है, वैसे ही प्रशिक्षक की तैनाती कर दी जाएगी।
-नसरीन बानो, प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी
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अलीगढ़। स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों के सात महीने प्रशिक्षकों की आस में कट गए। क्रिकेट, एथलेटिक्स, लॉन टेनिस सहित अन्य खेलों में कोच की तैनाती नहीं हो सकी है। बिना कोच के खिलाड़ी अभ्यास करने को मजबूर हैं।
स्टेडियम में लाखों रुपये की लागत से बने सिंथेटिक लॉन टेनिस कोर्ट पर बिना प्रशिक्षक के खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं, जो तकनीकी पक्ष से अनजान हैं। कमोवेश यही हाल शूटिंग रेंज का भी है। भविष्य के शूटरों का प्रशिक्षक के अभाव में भविष्य अंधकार में है।
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जिस क्रिकेट के लिए युवा दीवाने हैं, उसमें भी प्रशिक्षक गायब हैं। सबसे ज्यादा प्रशिक्षु खिलाड़ी एथलेटिक्स के हैं, लेकिन इसमें भी प्रशिक्षक की तैनाती नहीं हो सकी है। इसी तरह हैंडबॉल, वालीबाल, बास्केटबॉल सहित अन्य खेलों में प्रशिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है। इन प्रशिक्षकों की तैनाती अप्रैल में हो जानी चाहिए थी। इस सत्र में प्रशिक्षकों की तैनाती की उम्मीदें भी कम दिख रही हैं। अब प्रशिक्षु खिलाड़ियों को प्रशिक्षक का इंतजार अगले सत्र तक करना होगा। हालांकि, कुश्ती, फुटबॉल, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, वेट लिफ्ंिटग में प्रशिक्षक की तैनाती है, जबकि प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी नसरीन बानो हॉकी विशेषज्ञ हैं और जिला उप क्रीड़ा अधिकारी अश्वनी कुमार त्यागी टेबल टेनिस विशेषज्ञ हैं।
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प्रशिक्षक के न होने से खिलाड़ियों के अभ्यास पर असर पड़ रहा है। जिला खेल प्रोत्साहन समिति के जरिये प्रशिक्षक रखने की कवायद चल रही है। जैसे ही इसमें सफलता मिलती है, वैसे ही प्रशिक्षक की तैनाती कर दी जाएगी।
-नसरीन बानो, प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी