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5 दिन में जेएन मेडिकल कॉलेज में 11 से अधिक मौंते
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:52 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के दरवाजे सिर्फ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्याल (एएमयू) के छात्र या कर्मचारियों के लिए 24 घंटे खुले हुए हैं। गरीब मरीजों को गंभीर अवस्था में यह कहकर लौटा दिया जा रहा है कि इस समय रेजीडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर हैं। पिछले पांच दिन की हड़ताल की वजह से 11 से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है।
29 मार्च से जारी हड़ताल सोमवार को भी था। सोमवार को चंद्र प्रकाश नामक मरीज की मौत हो गई। दुर्घटना में घायल चंद्र प्रकाश (40 वर्ष) को 6-7 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि जेएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक इसका कारण हड़ताल को नहीं मान रहे हैं।
इस हड़ताल में इमरजेंसी की सेवाएं केवल एएमयू छात्रों एवं कर्मचारियों के लिए ही जारी है। गंभीर मरीजों को गेट के बाहर से ही हड़ताल की बात कहकर लौटा दिया जाता है। ऑपरेशन एवं अन्य दूसरे कार्य भी नहीं हो रहे है।
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जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के दरवाजे सिर्फ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्याल (एएमयू) के छात्र या कर्मचारियों के लिए 24 घंटे खुले हुए हैं। गरीब मरीजों को गंभीर अवस्था में यह कहकर लौटा दिया जा रहा है कि इस समय रेजीडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर हैं। पिछले पांच दिन की हड़ताल की वजह से 11 से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है।
29 मार्च से जारी हड़ताल सोमवार को भी था। सोमवार को चंद्र प्रकाश नामक मरीज की मौत हो गई। दुर्घटना में घायल चंद्र प्रकाश (40 वर्ष) को 6-7 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि जेएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक इसका कारण हड़ताल को नहीं मान रहे हैं।
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इस हड़ताल में इमरजेंसी की सेवाएं केवल एएमयू छात्रों एवं कर्मचारियों के लिए ही जारी है। गंभीर मरीजों को गेट के बाहर से ही हड़ताल की बात कहकर लौटा दिया जाता है। ऑपरेशन एवं अन्य दूसरे कार्य भी नहीं हो रहे है।
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