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1969 का विधानसभा चुनाव : चरण सिंह की अगुवाई वाले बीकेडी ने लगाया जीत का चौका
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अभिषेक शर्मा
जिले की सियासत चुनाव-दर-चुनाव रंग बदलती रही है। आज हम बात कर रहे हैं यूपी विधानसभा के पांचवें यानि 1969 के चुनाव की। अब से पहले कांग्रेस से छीनकर धार्मिक व जातीय ध्रुवीकरण की मदद से जनसंघ द्वारा तैयार की गई जिले की सियासी जमीन पर बीकेडी ने ऐसी सियासी बिसात बिछाई कि पहले ही चुनाव में अलीगढ़ की चार सीटें जीतकर चौका लगाया।
उस समय अलीगढ़ में ही शामिल हाथरस जनपद में भी एक सीट जीती। खास बात है कि चौ. चरण सिंह की अगुवाई वाले यूपी के अपंजीकृत इस दल ने अलीगढ़ जनपद से अपनी सियासी जमीन उनकी पत्नी गायत्री देवी को चुनाव लड़ाकर तैयार की और इसका संदेश पूरे पश्चिमी यूपी यानि जाटलैंड में गया। कांग्रेस-जनसंघ को इस दल ने तगड़ा झटका दिया। परिणाम ये रहे कि 425 विधानसभा सीट वाले यूपी में कांग्रेस ने 211, जनसंघ ने 49 और बीकेडी ने 98 सीट जीतीं।
7 राष्ट्रीय, 2 राज्य पंजीकृत दलों की मेहनत पर फेरा पानी
इस चुनाव में प्रदेश में 7 राष्ट्रीय पार्टियां क्रमश: जनसंघ, सीपीआई, सीपीएम, कांग्रेस, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, स्वतंत्रता पार्टी पंजीकृत थीं, जबकि 2 राज्य स्तरीय पार्टी फारवर्ड ब्लाक, आरपीआई पंजीकृत थीं। इसके अलावा कुल 17 अपंजीकृत दल थे, जिनमें एक भारतीय क्रांति दल यानि बीकेडी भी शामिल था। अकेले इस दल ने अपने जिले में सभी की मेहनत पर पानी फेर दिया।
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कांग्रेस से नाराज हो चरण सिंह ने बनाया था दल
चौ. चरण सिंह वैसे तो कांग्रेस से सियासत करते थे। यूपी में कांग्रेस के कुछ खेमे थे, जिनमें से चरण सिंह एक खेमे का नेतृत्व करते थे। अलीगढ़ से शिवदान सिंह उन्हीं के खेमे से जुड़े थे, मगर 1962 के चुनाव में टिकटों को लेकर पैदा हुई नाराजगी ने उन्हें कांग्रेस से अलग किया। 1969 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के मोहनलाल गौतम को हराने के लिए अपनी पत्नी को इगलास से चुनाव लड़ाया। अलीगढ़ की इगलास और मुजफ्फरनगर की छपरौली को उन्होंने अपना केंद्र बनाया। इन दोनों सीटों के सहारे पश्चिमी यूपी में किसान, मजदूर, दलित-मुसलिम गठजोड़ तैयार किया और अलीगढ़ सहित पश्चिमी यूपी में कांग्रेस व जनसंघ को तगड़ा नुकसान पहुंचाया। इसी का परिणाम रहा कि अलीगढ़ की चार व हाथरस की एक सीटों पर जीत दर्ज की।
ये रहा अलीगढ़-हाथरस का चुनाव परिणाम
- 98563 मतों वाली हाथरस सीट पर कांग्रेस के प्रेमचंद्र शर्मा 14886 मत पाकर जीते और बीकेडी के किशन प्रसाद 14704 मत पाकर हारे।
- 1 लाख 7 हजार 188 मत वाली सासनी सीट पर कांग्रेस से बगवात कर बीकेडी से टिकट पाने वाले रामप्रसाद देशमुख 21 हजार 91 मत पाकर जीते, जबकि कांग्रेस के नाहर सिंह 15 हजार 142 मत पाकर जीते।
- 1 लाख 9 हजार 512 मत वाली सिकंदराराऊ सीट पर निर्दल जगदीश गांधी 21881 मत पाकर जीते, जबकि आरपीआई के फरजाद अली 17 हजार 31 मत पाकर हारे।
- 1 लाख 14 हजार 651 मतों वाली गंगीरी सीट पर एसएसपी के अनीसुर्रहमान 16321 मत पाकर जीते, जबकि कांग्रेस के भगवान सिंह 15805 मत पाकर हारे।
- 1 लाख 17 हजार 488 मतों वाली अतरौली सीट पर जनसंघ के कल्याण सिंह 24 हजार 234 मत पाकर जीते, जबकि कांग्रेस के अमर सिंह 23 हजार 696 मत पाकर हारे।
- 99 हजार 950 मतों वाली अलीगढ़ सीट पर कांग्रेस के अहमद लूथ खां 25980 मत पाकर जीते, जबकि बीकेडी के श्रीचंद्र सिंघल 17087 मत पाकर हारे।
- 1 लाख 10 हजार 992 मतों वाली कोल सीट पर 16776 मत पाकर बीकेडी के पूरन चंद्र जीते और कांग्रेस के रमेश चंद्र करन 13528 मत पाकर हारे।
- 1 लाख 5 हजार 395 मतों वाली इगलास सीट पर बीकेडी से ज्ञायत्री देवी 36786 मत पाकर जीतीं, जबकि कांग्रेस के मोहनलाल गौतम 28109 मत पाकर हारे।
- 1 लाख 17 हजार 252 मतों वाली खैर सीट पर बीकेडी के महेंद्र सिंह 38952 मत पाकर जीते, जबकि कांग्रेस के प्यारे लाल 20441 मत पाकर हारे।
- 1 लाख 12 हजार 40 मतों वाली चंडौस सीट पर बीकेडी के महेंद्र सिंह 19984 मत पाकर जीते, जबकि कांग्रेस के राजबहादुर सिंह 10717 मत पाकर हारे।
ये थे विधानसभा सीट वार विधायक
1-हाथरस- प्रेमचंद्र शर्मा
2-सासनी सु.- रामप्रसाद देशमुख
3-सिकंदराराऊ- जगदीश गांधी
4-गंगीरी- अनीसुर्रहमान शेरवानी (अब छर्रा)
5-अतरौली- कल्याण सिंह
6-अलीगढ़- अहमद लूथ खां
7-कोल सु.- पूरनचंद्र
8-इगलास- ज्ञायत्री देवी
9-खैर- महेंद्र सिंह
10-चंडौस- महावीर सिंह (अब बरौली)
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जिले की सियासत चुनाव-दर-चुनाव रंग बदलती रही है। आज हम बात कर रहे हैं यूपी विधानसभा के पांचवें यानि 1969 के चुनाव की। अब से पहले कांग्रेस से छीनकर धार्मिक व जातीय ध्रुवीकरण की मदद से जनसंघ द्वारा तैयार की गई जिले की सियासी जमीन पर बीकेडी ने ऐसी सियासी बिसात बिछाई कि पहले ही चुनाव में अलीगढ़ की चार सीटें जीतकर चौका लगाया।
उस समय अलीगढ़ में ही शामिल हाथरस जनपद में भी एक सीट जीती। खास बात है कि चौ. चरण सिंह की अगुवाई वाले यूपी के अपंजीकृत इस दल ने अलीगढ़ जनपद से अपनी सियासी जमीन उनकी पत्नी गायत्री देवी को चुनाव लड़ाकर तैयार की और इसका संदेश पूरे पश्चिमी यूपी यानि जाटलैंड में गया। कांग्रेस-जनसंघ को इस दल ने तगड़ा झटका दिया। परिणाम ये रहे कि 425 विधानसभा सीट वाले यूपी में कांग्रेस ने 211, जनसंघ ने 49 और बीकेडी ने 98 सीट जीतीं।
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7 राष्ट्रीय, 2 राज्य पंजीकृत दलों की मेहनत पर फेरा पानी
इस चुनाव में प्रदेश में 7 राष्ट्रीय पार्टियां क्रमश: जनसंघ, सीपीआई, सीपीएम, कांग्रेस, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, स्वतंत्रता पार्टी पंजीकृत थीं, जबकि 2 राज्य स्तरीय पार्टी फारवर्ड ब्लाक, आरपीआई पंजीकृत थीं। इसके अलावा कुल 17 अपंजीकृत दल थे, जिनमें एक भारतीय क्रांति दल यानि बीकेडी भी शामिल था। अकेले इस दल ने अपने जिले में सभी की मेहनत पर पानी फेर दिया।
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कांग्रेस से नाराज हो चरण सिंह ने बनाया था दल
चौ. चरण सिंह वैसे तो कांग्रेस से सियासत करते थे। यूपी में कांग्रेस के कुछ खेमे थे, जिनमें से चरण सिंह एक खेमे का नेतृत्व करते थे। अलीगढ़ से शिवदान सिंह उन्हीं के खेमे से जुड़े थे, मगर 1962 के चुनाव में टिकटों को लेकर पैदा हुई नाराजगी ने उन्हें कांग्रेस से अलग किया। 1969 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के मोहनलाल गौतम को हराने के लिए अपनी पत्नी को इगलास से चुनाव लड़ाया। अलीगढ़ की इगलास और मुजफ्फरनगर की छपरौली को उन्होंने अपना केंद्र बनाया। इन दोनों सीटों के सहारे पश्चिमी यूपी में किसान, मजदूर, दलित-मुसलिम गठजोड़ तैयार किया और अलीगढ़ सहित पश्चिमी यूपी में कांग्रेस व जनसंघ को तगड़ा नुकसान पहुंचाया। इसी का परिणाम रहा कि अलीगढ़ की चार व हाथरस की एक सीटों पर जीत दर्ज की।
ये रहा अलीगढ़-हाथरस का चुनाव परिणाम
- 98563 मतों वाली हाथरस सीट पर कांग्रेस के प्रेमचंद्र शर्मा 14886 मत पाकर जीते और बीकेडी के किशन प्रसाद 14704 मत पाकर हारे।
- 1 लाख 7 हजार 188 मत वाली सासनी सीट पर कांग्रेस से बगवात कर बीकेडी से टिकट पाने वाले रामप्रसाद देशमुख 21 हजार 91 मत पाकर जीते, जबकि कांग्रेस के नाहर सिंह 15 हजार 142 मत पाकर जीते।
- 1 लाख 9 हजार 512 मत वाली सिकंदराराऊ सीट पर निर्दल जगदीश गांधी 21881 मत पाकर जीते, जबकि आरपीआई के फरजाद अली 17 हजार 31 मत पाकर हारे।
- 1 लाख 14 हजार 651 मतों वाली गंगीरी सीट पर एसएसपी के अनीसुर्रहमान 16321 मत पाकर जीते, जबकि कांग्रेस के भगवान सिंह 15805 मत पाकर हारे।
- 1 लाख 17 हजार 488 मतों वाली अतरौली सीट पर जनसंघ के कल्याण सिंह 24 हजार 234 मत पाकर जीते, जबकि कांग्रेस के अमर सिंह 23 हजार 696 मत पाकर हारे।
- 99 हजार 950 मतों वाली अलीगढ़ सीट पर कांग्रेस के अहमद लूथ खां 25980 मत पाकर जीते, जबकि बीकेडी के श्रीचंद्र सिंघल 17087 मत पाकर हारे।
- 1 लाख 10 हजार 992 मतों वाली कोल सीट पर 16776 मत पाकर बीकेडी के पूरन चंद्र जीते और कांग्रेस के रमेश चंद्र करन 13528 मत पाकर हारे।
- 1 लाख 5 हजार 395 मतों वाली इगलास सीट पर बीकेडी से ज्ञायत्री देवी 36786 मत पाकर जीतीं, जबकि कांग्रेस के मोहनलाल गौतम 28109 मत पाकर हारे।
- 1 लाख 17 हजार 252 मतों वाली खैर सीट पर बीकेडी के महेंद्र सिंह 38952 मत पाकर जीते, जबकि कांग्रेस के प्यारे लाल 20441 मत पाकर हारे।
- 1 लाख 12 हजार 40 मतों वाली चंडौस सीट पर बीकेडी के महेंद्र सिंह 19984 मत पाकर जीते, जबकि कांग्रेस के राजबहादुर सिंह 10717 मत पाकर हारे।
ये थे विधानसभा सीट वार विधायक
1-हाथरस- प्रेमचंद्र शर्मा
2-सासनी सु.- रामप्रसाद देशमुख
3-सिकंदराराऊ- जगदीश गांधी
4-गंगीरी- अनीसुर्रहमान शेरवानी (अब छर्रा)
5-अतरौली- कल्याण सिंह
6-अलीगढ़- अहमद लूथ खां
7-कोल सु.- पूरनचंद्र
8-इगलास- ज्ञायत्री देवी
9-खैर- महेंद्र सिंह
10-चंडौस- महावीर सिंह (अब बरौली)