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आधी अधूरी तैयारियों के चलते नुमाइश की चमक फीकी

Wed, 16 Jan 2019 02:06 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jan 2019 02:06 AM IST
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आधी अधूरी तैयारियों के चलते नुमाइश की चमक फीकी
डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
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एतिहासिक राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के दर्शक इस बार टूटी व जर्जर सड़कों से गुजरेंगे। पीडब्लूडी ने इसका इंतजाम कर दिया है। विभाग ने गांधी मूर्ति से लेकर नुमाइश के अंदरूनी हिस्से की सड़कें इस कदर घटिया गुणवत्ता से बनाई हैं कि वे उद्घाटन से पहले ही उखड़ने लगी है। कही कही तो सड़क ही अधूरी छोड़ दी गई है। लाल ताल में अब तक पानी नहीं भरा गया है तो अतिक्रमण समेत अन्य समस्याओं के चलते नुमाइश का मजा किरकिरा होने की प्रबल संभावना बनी हुई है।


100 साल से भी ज्यादा पुरानी राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी का इंतजार हर साल सभी को रहता है। नुमाइश के शौकीन इसका पूरे साल इंतजार करते हैं। नुमाइश प्रशासन पूरी शिद्दत से इसकी व्यवस्थाएं करता है। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नजर रही नही आ रहा है। नुमाइश के बाजारों के अंदरूनी हिस्सों की सड़के बनी जरूर हैं, लेकिन चाहे भीड़भाड़ वाला हुल्लड़ बाजार हो, सुरमा बाजार, फुव्वारा, गांधी मूर्ति सड़क अथवा अन्य अंदरूनी सड़कें, सभी बनते ही उखड़ने लगी हैं। नुमाइश गेस्ट हाउस की ओर आने वाली सड़क तो बनाने की जहमत तक नहीं उठाई गई है।बताते चलें कि इन अंदरूनी हिस्सों की सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्लूडी को चार लाख रुपये से करने की जिम्मेदारी दी गई है। विभागीय अधिकारियों ने कार्य पूर्ण दिखा दिया है और अब पेमेंट के चक्कर में हैं।
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अन्य अनियमितताएं
- लाल ताल में अब तक पानी भरने की कोशिश तक नहीं।
- लाल ताल भरने में लगता है तीन से चार दिन का समय
- नुमाइश के गेटों पर पुताई मटमैले रंग की हुई है, वह भी बेतरतीबी से।
- पक्की दुकानों पर मात्र छजली निकालने की होती है अनुमति
- परंतु दुकानदारों ने दो से ढ़ाई फुट आगे तक निकाली हैं दुकानें
- भीड़ बढ़ने पर ग्राहक एवं शौकीनों का आवागमन होगा मुश्किल
- जेल रोड एवं जीटी रोड पर दुकानों का अतिक्रमण अब तक नहीं हटा
- हुल्लड़ बाजार समेत कई अन्य बाजारों में एक से दो फुट तक के गड्ढे
- नालियों की खुदाई तक नहीं हुई, बरसात हुई तो जलभराव बनेगा मुसीबत
- नुमाइश स्थल पर सफाई की स्थिति स्तरीय नहीं है।
- कृषि कक्ष एवं औद्योगिक कक्ष का निर्माण अब तक पूर्ण नहीं।
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