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कला प्रदर्शनी का शुभारंभ
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:54 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
राज्य ललित कला अकादमी उप्र व डीएस कॉलेज में ‘कला आचार्य’ दो दिवसीय कला प्रदर्शनी लगी। प्रदर्शनी का शुभारंभ एडीएम सिटी एसबी सिंह, कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष महेश नंदन अग्रवाल, सचिव राजीव अग्रवाल अनु, प्राचार्य डॉ. हेम प्रकाश ने किया। शनिवार को भी कला प्रेमी कला कृति निहारेंगे।
शुक्रवार को एडीएम सिटी ने सभागार में दीवार पर लगी कलाकृतियों का अवलोकन किया। उन्होंने इस आयोजन के पहल की सराहाना की। सचिव ने कॉलेज में स्थायी कला वीथिका बनाने को कहा। इस दौरान पत्रिका का विमोचन किया गया।
प्रदर्शनी में अलीगढ़, आगरा, एटा, कासगंज, मैनपुरी, हाथरस, खैर, टप्पल, माट के 80 कला आचार्यों की कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं। अतिथियों का स्वागत कला प्रदर्शनी की संयोजिका डॉ. सुनीता गुप्ता ने किया।
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इस मौके पर उमेश चंद्रा, अनुपम कुमारी, डॉ. सुभाष चौधरी, डॉ. रेनू सिंघल, डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. ज्योत्सना रघुवंशी, डॉ. अतुल मित्तल, डॉ. शुभनेश गोयल, डॉ. एसए जाफर, डॉ. ईश्वरचंद्र गुप्ता, निशा माहौर, चरनजीत सिंह, प्रताप सिंह, उमेश, मुकेश पासवान आदि मौजूद रहे।
कैनवस पर उभारी मानवीय संवेदना
कॉलेज के सभागार की दीवारों पर टंगी कलाकृतियों में संवेदनाओं की कूची से मानवीय दर्द के रंग को कला शिक्षकों ने भरा था। हर कृति अलग थी, लेकिन इनका भाव समान था। कला शिक्षकों ने कल्पनाओं के रंग से मानवीय संवेदना को आमजन के समक्ष रखा। वाटर कलर, पेन इंक, एकरीलिक कलर आदि से कृति का सृजन किया गया था। अंजू प्रियंका कॉलेज सासनी की शिक्षिका सीमा की कृति पेड़ में बने घोंसले और पक्षी की थी। इसी तरह डॉ. वसीम मुश्ताक की ‘एक चाय’ की कृति भी पसंद की गई।
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राज्य ललित कला अकादमी उप्र व डीएस कॉलेज में ‘कला आचार्य’ दो दिवसीय कला प्रदर्शनी लगी। प्रदर्शनी का शुभारंभ एडीएम सिटी एसबी सिंह, कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष महेश नंदन अग्रवाल, सचिव राजीव अग्रवाल अनु, प्राचार्य डॉ. हेम प्रकाश ने किया। शनिवार को भी कला प्रेमी कला कृति निहारेंगे।
शुक्रवार को एडीएम सिटी ने सभागार में दीवार पर लगी कलाकृतियों का अवलोकन किया। उन्होंने इस आयोजन के पहल की सराहाना की। सचिव ने कॉलेज में स्थायी कला वीथिका बनाने को कहा। इस दौरान पत्रिका का विमोचन किया गया।
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प्रदर्शनी में अलीगढ़, आगरा, एटा, कासगंज, मैनपुरी, हाथरस, खैर, टप्पल, माट के 80 कला आचार्यों की कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं। अतिथियों का स्वागत कला प्रदर्शनी की संयोजिका डॉ. सुनीता गुप्ता ने किया।
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इस मौके पर उमेश चंद्रा, अनुपम कुमारी, डॉ. सुभाष चौधरी, डॉ. रेनू सिंघल, डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. ज्योत्सना रघुवंशी, डॉ. अतुल मित्तल, डॉ. शुभनेश गोयल, डॉ. एसए जाफर, डॉ. ईश्वरचंद्र गुप्ता, निशा माहौर, चरनजीत सिंह, प्रताप सिंह, उमेश, मुकेश पासवान आदि मौजूद रहे।
कैनवस पर उभारी मानवीय संवेदना
कॉलेज के सभागार की दीवारों पर टंगी कलाकृतियों में संवेदनाओं की कूची से मानवीय दर्द के रंग को कला शिक्षकों ने भरा था। हर कृति अलग थी, लेकिन इनका भाव समान था। कला शिक्षकों ने कल्पनाओं के रंग से मानवीय संवेदना को आमजन के समक्ष रखा। वाटर कलर, पेन इंक, एकरीलिक कलर आदि से कृति का सृजन किया गया था। अंजू प्रियंका कॉलेज सासनी की शिक्षिका सीमा की कृति पेड़ में बने घोंसले और पक्षी की थी। इसी तरह डॉ. वसीम मुश्ताक की ‘एक चाय’ की कृति भी पसंद की गई।