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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से लिखित में नहीं मिला है नोटिस
Updated Sat, 07 Jul 2018 01:52 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष प्रो. राम शंकर कठेरिया ने एएमयू से पूछा था कि किस आधार पर एससी, एसटी एवं ओबीसी का आरक्षण रोक रखें है। इसके साथ ही यह भी कहा था कि एएमयू अल्पसंख्यक संस्थान है तो उसका साक्ष्य दिखाएं।
एएमयू प्रशासन द्वारा इस मामले में विधिक सलाहकार से राय लिया जा रहा है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि आयोग के अध्यक्ष ने मौखिक रूप से सवाल पूछा था। अभी तक लिखित में उनसे सवाल नहीं पूछा गया है।
दूसरी ओर उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग द्वारा लिखित में नोटिस देकर एएमयू से जवाब मांगा गया है। अभी तक संभावना यही जतायी जा रही है कि एएमयू की ओर से जवाब दिया गया तो उसमें इस बात का उल्लेख किया जाएगा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
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एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई कहते है कि विधिक सलाहकार की राय के बाद ही आगे की कार्यवाही होगी।
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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष प्रो. राम शंकर कठेरिया ने एएमयू से पूछा था कि किस आधार पर एससी, एसटी एवं ओबीसी का आरक्षण रोक रखें है। इसके साथ ही यह भी कहा था कि एएमयू अल्पसंख्यक संस्थान है तो उसका साक्ष्य दिखाएं।
एएमयू प्रशासन द्वारा इस मामले में विधिक सलाहकार से राय लिया जा रहा है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि आयोग के अध्यक्ष ने मौखिक रूप से सवाल पूछा था। अभी तक लिखित में उनसे सवाल नहीं पूछा गया है।
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दूसरी ओर उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग द्वारा लिखित में नोटिस देकर एएमयू से जवाब मांगा गया है। अभी तक संभावना यही जतायी जा रही है कि एएमयू की ओर से जवाब दिया गया तो उसमें इस बात का उल्लेख किया जाएगा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
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एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई कहते है कि विधिक सलाहकार की राय के बाद ही आगे की कार्यवाही होगी।