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जैद शेरवानी के निलंबन के लिए रेजीडेंट डॉक्टश्रों का शांति मार्च

Tue, 03 Apr 2018 01:52 AM IST
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:52 AM IST
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जैद शेरवानी के निलंबन के लिए रेजीडेंट डॉक्टश्रों का शांति मार्च
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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एएमयू छात्र संघ के कैबिनेट सदस्य जैद शेरवानी एवं जेएन मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा प्रभारी के निलंबन की मांग को लेकर जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने परिसर में शांति मार्च निकाला और जिला प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजा।

कैबिनेट सदस्य जैद शेरवानी पर जेएन मेडिकल कॉलेज की महिला रेजीडेंट डॉक्टर के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा है। इसके विरोध में रेजीडेंट डॉक्टर 29 मार्च से हड़ताल पर हैं।
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दोपहर में जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी से एएमयू सर्किल तक रेजीडेंट डॉक्टरों द्वारा शांति मार्च का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में महिला डॉक्टर भी शामिल हुईं।
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आरडीए अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला आजमी, उपाध्यक्ष डॉ. दीपक अग्रवाल आदि ने कहा कि वे लोग हड़ताल पर नहीं हैं, बल्कि सिर्फ कार्य बहिष्कार किया है। मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ मौजूद है।वहीं महिला डॉक्टरों ने कहा कि जब तक वे लोग अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी, काम पर नहीं जाएंगी।

शेरवानी पहन कर गुंडागर्दी एवं दलाली करते हैं छात्र नेता
रेजीडेंट डॉक्टरों के निशाने पर कैबिनेट सदस्य जैद शेरवानी एवं अन्य छात्र नेता भी रहे। डॉक्टरों ने कहा कि शेरवानी पहन लेने से कोई नेता नहीं हो जाता। जैद शेरवानी जैसे लोग शेरवानी के हकदार नहीं हैं। उन्हें शेरवानी का अहसास होता तो महिला चिकित्सक के साथ बदसलूकी नहीं करते।

बाब-ए-सैयद पर आरडीए नेताओं ने कहा कि कई छात्र नेता शेरवानी पहन कर गुंडागर्दी एवं दलाली करते हैं। वसूली के लिए छात्रावास का निर्माण कार्य रुकवाते हैं एवं पेट्रोल पंप बंद कराते हैं। वहीं एक आरडीए नेता ने कहा कि आज छात्र संघ के पदाधिकारी गरीबों के इलाज की बात कर रहे हैं।


जैद शेरवानी एवं अन्य नेता कभी भी किसी गरीब को लेकर उपचार कराने नहीं पहुंचे। जैद शेरवानी जिसको लेकर आए थे, वह न तो छात्रा थी और न ही गरीब। वह उनकी संबंधी थी। आरडीए नेताओं ने कहा कि बहुत संघर्ष के बाद उनकी एफआईआर थाने में दर्ज हुई है।
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