फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   खुला एक आलू क्रय केंद्र, खरीद जीरो

खुला एक आलू क्रय केंद्र, खरीद जीरो

Tue, 20 Mar 2018 01:48 AM IST
Updated Tue, 20 Mar 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
खुला एक आलू क्रय केंद्र, खरीद जीरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन


पिछले साल कम दामों के चलते सरकारी आलू क्रय केंद्रों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, वहीं इस बार स्थिति उलट है। जनपद के आलू उत्पादक तहसीलों में चार क्रय केंद्र खोलने की योजना के बावजूद एक सप्ताह पूर्व महज धनीपुर मंडी में क्रय केंद्र खुला है, लेकिन वहां भी खरीद की स्थिति शून्य है।

बाजार में लगभग दोगुने रेट मिलने एवं क्रय केंद्रों पर खरीद मानकों के चलते किसानों ने क्रय केंद्रों से मुंह मोड़ रखा है। किसानों के इस रुख के चलते क्रय केंद्र खोलने के लिए अधिकृत उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ इगलास, अतरौली एवं खैर में नए केंद्र खोलने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहा है। खरीद केंद्र पर मात्र 30 से 50 एमएम मोटाई वाला आलू स्वीकार होता है। गुल्ला व टिर्री आलू की खरीद नहीं होती।
विज्ञापन


शीतगृहों में आलू रखने की होड़
इस सीजन में आलू के अच्छे दाम मिलने से आलू उत्पादक किसानों की बल्ले-बल्ले है। हालांकि ज्यादा मुनाफा कमाने की उम्मीद में किसानों में आलू को शीतगृहों में रखने की होड़ मची है। जनपद में कुल उत्पादन का 65 फीसदी आलू कोल्ड स्टोरों में पहुंच चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नहीं बढ़ा आलू का रकबा
पिछले साल अत्यधिक उत्पादन के बावजूद वाजिब दाम न मिलने और आलू फेंकने की नौबत के चलते इस सीजन में आलू उत्पादन में किसानों ने दिलचस्पी कम ली। इसके चलते आलू का रकबा नहीं बढ़ा। आलू की सबसे उन्नत किस्म मानी जाने वाली 3797, चिप्सोना-1, चिप्सोना-3, चिप्सोना-4 और फ्राईसोना के उत्पादन में भी गिरावट आई। उत्पादन भी उम्मीद से कम हुआ। जिला उद्यान अधिकारी की मानें तो इस बार 7 लाख 20 हजार मीट्रिक टन आलू उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन महज 7.06 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। इस तरह एक बीघे में करीब पांच-छह बोरा कम आलू हुआ है। आलू का रकबा जिले में 27 हजार हेक्टेयर के आसपास ही है।

आलू एक नजर
-कुल रकबा-27 हजार हेक्टेयर
-अनुमानित उत्पादन-7.20 लाख मीट्रिक टन
-वर्तमान में उत्पादन-7.06 लाख मीट्रिक टन
-सरकारी रेट-549 रुपये प्रति क्विंटल
-बाजार रेट-850 से 900 रुपये प्रति क्विंटल
-कोल्ड स्टोरों की संख्या-90
-कोल्डों में कुल भंडारण क्षमता-7 लाख 66 हजार 853 मीट्रिक टन
-कोल्डों का किराया-207 रुपये प्रति क्विंटल
-अन्य मंडलों की तुलना में दस रुपये कम है किराया

नवरात्र का फायदा आढ़ती व फुटकर विक्रेता को
नवरात्र में आलू की खपत में एकाएक बढ़ोत्तरी से आलू के दाम उछल गए हैं। बाजार में अब तक आलू फुटकर में 20 रुपये का ढाई किलो मिल रहा था। नवरात्र आते ही आढ़ती और फुटकर विक्रेताओं की मनमानी के चलते आलू के दाम उछल कर 10 रुपये किलो तक पहुंच गए, लेकिन अन्नदाता को मंडी में अभी भी वही भाव मिल रहा है।

सरकारी स्तर पर आलू के रेटों पर नवरात्र का कोई असर नहीं है। न ही इस मामले में कोई शासनादेश आया है। क्रय केंद्रों पर आलू 549 रुपये प्रति क्विंटल की दर से ही खरीदा जा रहा है।

-विजेंद्र सिंह, मंडी सचिव।

बाजार में ज्यादा दाम मिलने के चलते किसान आलू क्रय केंद्र पर नहीं आ रहे हैं। धनीपुर में खुले एकमात्र क्रय केंद्र में न के बराबर खरीद हुई है। जहां तक मानकों का सवाल है तो क्रय केंद्र पर मात्र 30 से 50 एमएम मोटाई का आलू ही खरीदा जा सकता है। गुल्ला व टिर्री आलू की खरीद नहीं होती है।
- एनके सहानियां, जिला उद्यान अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed