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एएमयू में स्केटिंग रिंक में मैच के साथ अभ्यास भी
Updated Sun, 18 Mar 2018 02:07 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में स्केटिंग रिंक में रोलर हॉकी मैच के साथ-साथ अब अभ्यास भी होगा। यह दोहरी व्यवस्था देने के मामले में एएमयू देश की पहली सेंट्रल यूनिवर्सिटी होगी।
वक्त के साथ एएमयू का स्केटिंग रिंक भी अपना कलेवर बदलता रहा। पहले यह रिंक जिमभनेजियम में थी, जो वुडन (लकड़ी) की थी। तत्कालीन कुलपति एमए खुसरो ने जिमभनेजियम से बाहर रिंक बनवाई, जिसमें मुजैक चिप लगे थे।
तत्कालीन कुलपति प्रो. पीके अब्दुल अजीज ने रिंक में कोटा स्टोन लगवाया। इसमें तत्कालीन गेम्स कमेटी के सचिव प्रो. तारिक मंसूर की अहम भूमिका रही। अब जबकि वह कुलपति हैं, तो वह रिंक के चारों ओर कोटा स्टोन लगवा रहे हैं। पहले मैच खत्म होने के बाद दूसरी टीमें रिंक पर अभ्यास करती थीं।
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अब ऐसा नहीं होगा। इसमें वक्त भी काफी बचेगा। इंजी. सैफ अनवर ने बताया कि साइड में बन रही 40 मीटर लंबी और दो मीटर चौड़ी रिंक में जूनियर खिलाड़ी अभ्यास कर सकते हैं। स्केटिंग कोच अली अकबर ने बताया कि ऐसी व्यवस्था देश के किसी भी सेंट्रल यूनिवर्सिटी में नहीं है। इस रिंक पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मैच भी हो सकते हैं।
जिमभनेजियम में अब पानी का इंतजाम
जिमभनेजियम क्लब के अध्यक्ष प्रो. मजहर अब्बास ने कहा कि जिमभनेजियम की सूरत बदलने वाली है। बाथरूम का सुंदरीकरण होगा। आरओ पानी का इंतजाम होगा।
बॉल नहीं होंगे पंचर
वालीबाल मैदान में चारों ओर जाली लग गई। जाली न होने से पहले बॉल बाहर चली जाती थी। अक्सर बॉल पंचर हो जाती थी, लेकिन अब पंचर में कमी आएगी।
फुटबॉल मैदान का समतलीकरण
फुटबॉल के मैदान को समतलीकरण किया जा रहा है। घास की जड़ों को निकाला जा रहा है। नई घास रोपी जा रही है। एएमयू में खेलों को लेकर काफी काम हो रहे हैं।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में स्केटिंग रिंक में रोलर हॉकी मैच के साथ-साथ अब अभ्यास भी होगा। यह दोहरी व्यवस्था देने के मामले में एएमयू देश की पहली सेंट्रल यूनिवर्सिटी होगी।
वक्त के साथ एएमयू का स्केटिंग रिंक भी अपना कलेवर बदलता रहा। पहले यह रिंक जिमभनेजियम में थी, जो वुडन (लकड़ी) की थी। तत्कालीन कुलपति एमए खुसरो ने जिमभनेजियम से बाहर रिंक बनवाई, जिसमें मुजैक चिप लगे थे।
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तत्कालीन कुलपति प्रो. पीके अब्दुल अजीज ने रिंक में कोटा स्टोन लगवाया। इसमें तत्कालीन गेम्स कमेटी के सचिव प्रो. तारिक मंसूर की अहम भूमिका रही। अब जबकि वह कुलपति हैं, तो वह रिंक के चारों ओर कोटा स्टोन लगवा रहे हैं। पहले मैच खत्म होने के बाद दूसरी टीमें रिंक पर अभ्यास करती थीं।
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अब ऐसा नहीं होगा। इसमें वक्त भी काफी बचेगा। इंजी. सैफ अनवर ने बताया कि साइड में बन रही 40 मीटर लंबी और दो मीटर चौड़ी रिंक में जूनियर खिलाड़ी अभ्यास कर सकते हैं। स्केटिंग कोच अली अकबर ने बताया कि ऐसी व्यवस्था देश के किसी भी सेंट्रल यूनिवर्सिटी में नहीं है। इस रिंक पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मैच भी हो सकते हैं।
जिमभनेजियम में अब पानी का इंतजाम
जिमभनेजियम क्लब के अध्यक्ष प्रो. मजहर अब्बास ने कहा कि जिमभनेजियम की सूरत बदलने वाली है। बाथरूम का सुंदरीकरण होगा। आरओ पानी का इंतजाम होगा।
बॉल नहीं होंगे पंचर
वालीबाल मैदान में चारों ओर जाली लग गई। जाली न होने से पहले बॉल बाहर चली जाती थी। अक्सर बॉल पंचर हो जाती थी, लेकिन अब पंचर में कमी आएगी।
फुटबॉल मैदान का समतलीकरण
फुटबॉल के मैदान को समतलीकरण किया जा रहा है। घास की जड़ों को निकाला जा रहा है। नई घास रोपी जा रही है। एएमयू में खेलों को लेकर काफी काम हो रहे हैं।