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समझौता नहीं मानूंगा, चाहे मुझे हटवा दो
Updated Mon, 28 Aug 2017 01:08 AM IST
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समझौता नहीं मानूंगा, चाहे मुझे हटवा दो
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
महानगर के सरायगढ़ी बन्नादेवी इलाके में व्यापारी नेता के भाई के पड़ोसी से विवाद में समझौते की जिद ने निवर्तमान मेयर और बन्नादेवी कोतवाल ने ऐसी तू-तू, मैं-मैं कराई कि कोतवाल ने यहां तक धमकी दे दी कि वह समझौता नहीं मानेंगे। चाहे उन्हें सूबे के किसी जिले में भिजवा दें। बाद में निवर्तमान मेयर ने एसएसपी को फोन पर वाकया बताया, तब एसएसपी के हस्तक्षेप पर समझौता कराकर दोनों पक्षों को छोड़ा गया।
शनिवार रात व्यापारी नेता अन्नू बीड़ी के भाई का पड़ोसी से विवाद होने पर बात थाने तक पहुंची और दोनों ओर से तहरीर दे दी गई। बात चूंकि व्यापारी समाज से और पड़ोसियों से जुड़ी थी। इसलिए समाज के लोगों ने समझौता करा दिया।
इस पर सुबह होते-होते दोनों पक्ष राजी हो गए और रविवार सुबह निवर्तमान महापौर शकुंतला भारती व भाजयुमो नेता विनय वार्ष्णेय आदि थाने पहुंच गए। दोनों पक्षों की ओर से हुए समझौते के पत्र कोतवाल को दिया तो वह यह सुनते ही कहने लगे समझौता मंजूर नहीं होगा।
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अब तो मुकदमा दर्ज हो चुका है। इस पर निवर्तमान मेयर ने जोर दिया तो इस पर कोतवाल कहने लगे कि आप चाहें तो मेरा ट्रांसफर करवा दें। यह देख भाजपाई हैरत में पड़ गए। इस दौरान इंस्पेक्टर समझौते की बात कम और ट्रांसफर की बात ज्यादा करने लगे। इस पर निवर्तमान मेयर ने एसएसपी को फोन मिलाया और एसएसपी को पूरा वाकया बताया।
बाद में एसएसपी के हस्तक्षेप पर समझौता तय हुआ और पुलिस ने दोनों पक्षों को छोड़ दिया। इस पर निवर्तमान मेयर ने इतना ही कहा है कि हमारे स्तर से समझौते की बात रखते ही कोतवाल का व्यवहार एकदम से उखड़ गया था। इसलिए एसएसपी महोदय से तत्काल बात करनी पड़ी।
- यह दोनों पक्ष दो दिन से झगड़ा कर रहे थे। अगर मुकदमा दर्ज न करता और झगड़ा ज्यादा तूल पकड़ लेता तो फिर भी मेरे सिर पर बात आती कि पुलिस क्या कर रही है। रहा सवाल मेयर साहिबा का तो उनका व्यवहार गलत था। इस विषय में अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
-जितेंद्र दीखित इंस्पेक्टर बन्नादेवी
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
महानगर के सरायगढ़ी बन्नादेवी इलाके में व्यापारी नेता के भाई के पड़ोसी से विवाद में समझौते की जिद ने निवर्तमान मेयर और बन्नादेवी कोतवाल ने ऐसी तू-तू, मैं-मैं कराई कि कोतवाल ने यहां तक धमकी दे दी कि वह समझौता नहीं मानेंगे। चाहे उन्हें सूबे के किसी जिले में भिजवा दें। बाद में निवर्तमान मेयर ने एसएसपी को फोन पर वाकया बताया, तब एसएसपी के हस्तक्षेप पर समझौता कराकर दोनों पक्षों को छोड़ा गया।
शनिवार रात व्यापारी नेता अन्नू बीड़ी के भाई का पड़ोसी से विवाद होने पर बात थाने तक पहुंची और दोनों ओर से तहरीर दे दी गई। बात चूंकि व्यापारी समाज से और पड़ोसियों से जुड़ी थी। इसलिए समाज के लोगों ने समझौता करा दिया।
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इस पर सुबह होते-होते दोनों पक्ष राजी हो गए और रविवार सुबह निवर्तमान महापौर शकुंतला भारती व भाजयुमो नेता विनय वार्ष्णेय आदि थाने पहुंच गए। दोनों पक्षों की ओर से हुए समझौते के पत्र कोतवाल को दिया तो वह यह सुनते ही कहने लगे समझौता मंजूर नहीं होगा।
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अब तो मुकदमा दर्ज हो चुका है। इस पर निवर्तमान मेयर ने जोर दिया तो इस पर कोतवाल कहने लगे कि आप चाहें तो मेरा ट्रांसफर करवा दें। यह देख भाजपाई हैरत में पड़ गए। इस दौरान इंस्पेक्टर समझौते की बात कम और ट्रांसफर की बात ज्यादा करने लगे। इस पर निवर्तमान मेयर ने एसएसपी को फोन मिलाया और एसएसपी को पूरा वाकया बताया।
बाद में एसएसपी के हस्तक्षेप पर समझौता तय हुआ और पुलिस ने दोनों पक्षों को छोड़ दिया। इस पर निवर्तमान मेयर ने इतना ही कहा है कि हमारे स्तर से समझौते की बात रखते ही कोतवाल का व्यवहार एकदम से उखड़ गया था। इसलिए एसएसपी महोदय से तत्काल बात करनी पड़ी।
- यह दोनों पक्ष दो दिन से झगड़ा कर रहे थे। अगर मुकदमा दर्ज न करता और झगड़ा ज्यादा तूल पकड़ लेता तो फिर भी मेरे सिर पर बात आती कि पुलिस क्या कर रही है। रहा सवाल मेयर साहिबा का तो उनका व्यवहार गलत था। इस विषय में अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
-जितेंद्र दीखित इंस्पेक्टर बन्नादेवी