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परखी जाएगी खरीदी गई खेल किटों की गुणवता
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में शासन द्वारा भेजे गए बजट से मानक के अनुरूप खेल किट खरीदी गई हैं या उनकी गुणवत्ता खराब है। इसका सत्यापन किया जाएगा। खेल किट खराब मिलने पर कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इसके लिए शासन ने बीएसए को निर्देश जारी कर दिए हैं। प्राथमिक विद्यालयों के खेल किट के लिए पांच हजार तो उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए दस हजार रुपये पहली बार भेजे गए हैं।
पिछले सत्र में अमर उजाला द्वारा ...तो 50 पैसे साल के खर्च में बनेंगे खेलों के सूरमा शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। जिसके माध्यम से बताया गया कि आखिरकार दो लाख छह हजार बच्चों की खेल प्रतियोगिताओं के लिए एक लाख रुपये के लगभग ही बजट जारी किया गया। जबकि खेल किट के लिए एक भी रुपया नहीं भेजा गया। इस बार शासन ने पहली बार उच्च प्राथमिक विद्यालय को दस हजार तो प्राथमिक विद्यालय को पांच हजार रुपये जारी किए हैं। इन रुपयों से प्रधानाध्यापक खेल किटों को खरीद रहे हैं।
अगर इन खेल किटों की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं निकली तो प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई होगी। अगर सही पाई जाती है तो बच्चे खेल किट का उपभोग कर सकेंगे। इसके संबंध में बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने पत्र जारी कर सभी बीईओ, बीआरसी सहसमन्वयकों तथा न्याय पंचायत सह समन्वयकों को गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए हैं।
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बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में शासन द्वारा भेजे गए बजट से मानक के अनुरूप खेल किट खरीदी गई हैं या उनकी गुणवत्ता खराब है। इसका सत्यापन किया जाएगा। खेल किट खराब मिलने पर कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इसके लिए शासन ने बीएसए को निर्देश जारी कर दिए हैं। प्राथमिक विद्यालयों के खेल किट के लिए पांच हजार तो उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए दस हजार रुपये पहली बार भेजे गए हैं।
पिछले सत्र में अमर उजाला द्वारा ...तो 50 पैसे साल के खर्च में बनेंगे खेलों के सूरमा शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। जिसके माध्यम से बताया गया कि आखिरकार दो लाख छह हजार बच्चों की खेल प्रतियोगिताओं के लिए एक लाख रुपये के लगभग ही बजट जारी किया गया। जबकि खेल किट के लिए एक भी रुपया नहीं भेजा गया। इस बार शासन ने पहली बार उच्च प्राथमिक विद्यालय को दस हजार तो प्राथमिक विद्यालय को पांच हजार रुपये जारी किए हैं। इन रुपयों से प्रधानाध्यापक खेल किटों को खरीद रहे हैं।
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अगर इन खेल किटों की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं निकली तो प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई होगी। अगर सही पाई जाती है तो बच्चे खेल किट का उपभोग कर सकेंगे। इसके संबंध में बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने पत्र जारी कर सभी बीईओ, बीआरसी सहसमन्वयकों तथा न्याय पंचायत सह समन्वयकों को गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए हैं।
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