फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   मां सरस्वती का पूजन कर विद्या व कला का मांगा गया वरदान

मां सरस्वती का पूजन कर विद्या व कला का मांगा गया वरदान

Mon, 11 Feb 2019 02:10 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Feb 2019 02:10 AM IST
विज्ञापन
मां सरस्वती का पूजन कर विद्या व कला का मांगा गया वरदान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़।
विज्ञापन

शहर से लेकर देहात क्षेत्र में रविवार को परंपरागत तरीकों से बसंत पंचमी मनाई गई। इस दौरान शहर में कई कार्यक्रम आयोजित कर सामाजिक संगठनों, राजनैतिक संगठनों व अन्य संस्थाओं ने विद्या की देवी सरस्वती का पूजन कर ज्ञान का वरदान मांगा। इसके साथ ही कई स्थानों पर तो स्टॉल लगाकर भंडारे का प्रसाद भी वितरित किया गया। वहीं अन्य आयोजनों में बसंत की मल्हार के साथ राधा-कृष्ण, ब्रज के गीत गाए गए।

इन कार्यक्रमों में अधिकांश महिलाओं तथा पुरुषों ने पीले कपड़े पहनकर बसंत ऋतु आगमन का स्वागत करते हुए बसंत उत्सव मनाया। कार्यक्रमों में जहां बसंत के गीत व मल्हारों का गायन हुआ। वहीं महिलाओं तथा पुरुषों ने नृत्य भी किया। कई जगह हवन का भी आयोजन किया गया। रविवार होने के कारण अधिकांश विद्यालयों में बसंत पंचमी का उत्सव शनिवार को ही मना लिया गया था।
विज्ञापन


खैर रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में वैदिक मंत्रों के बीच डॉ. गोपाल स्वरूप पचौरी, सुभाष शर्मा ने हवन संपन्न कराया। इस मौके पर प्रधानाचार्य डॉ. सूर्य प्रकाश मौजूद रहे। इस दौरान यहां विद्यालय की हस्तलिखित पत्रिका सृजन के द्वितीय संस्करण का विमोचन भी किया गया। ओउम श्री साईं सेवा समिति व साईं महिला सभा द्वारा द्वारिकामाई रघुवीरपुरी पर बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में परिक्रमा महोत्सव के दूसरे दिन मां सरस्वती का दुग्धाभिषेक किया गया। इसके बाद पीले मीठे चावल का भंडारा आयोजित हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


मौके पर योगेश कुमार शर्मा, मुकेश अग्रवाल, नवीन गोयल, जियालाल शर्मा, महेश चंद्र शर्मा, प्रमोद गुप्ता, भूपेंद्र गुप्ता, चिराग अरोरा, मौजूद, मुकुल बंसल, दीपक, दिनेश सारस्वत, सचिन भटनागर आदि मौजूद थे। रुचि एडवरटाईजर ने कार्यालय में पूजा अर्चना कर प्रसाद का वितरण किया। इस मौके पर योगेश भारद्वाज, प्रहलाद अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, सौरभ शर्मा, कुलदीप शर्मा, मोहन कुमार आदि थे। आगरा रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम में राजेंद्र कुमार, प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार शर्मा, डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, योगेश कुमार गुप्ता, इंद्र कुमार, रामप्रकाश, चंद्रपाल सिंह मौजूद रहे।


किलकारी प्ले वे स्कूल में आयोजित पूजा के तहत गायत्री पाठ व शांति पाठ का आयोजन हुआ। इस मौके पर डॉ. विवेक बंसल, प्रधानाचार्या विपाशा मुखर्जी, प्रेरणा खड़े, चंदना बनर्जी, पूनम खन्ना, अरुणा दीक्षित, नेहा शर्मा, ज्योति चौहान, अदीबा अंजुम, अनामिका, अंतरा सिंह, शीतल शर्मा आदि मौजूद रहे। दुर्गावाड़ी सम्मिलनी मंदिर प्रांगण में बंगाली समाज के लोगों ने मा सरस्वती की पूजा कर विद्या और कला का दान मांगा। इसके बाद आयोजित भंडारे में प्रसाद का वितरण हुआ।

इस मौके पर गीता दत्ता, कविता राय, चंद्रशेखर चटर्जी, पुलोक मुखर्जी, संजय मुखर्जी, बाबू मोइत्रा, तापस बनर्जी थे। संस्कार भारती संस्था ने अचलताल स्थित बजरंग मार्केट में मा सरस्वती की प्रतिमा का पूजन कर बसंत उत्सव मनाया। यहां आयोजित भजन संध्या में राजाराम मित्र, अनिल नवरंग, सीए संजय गोयल, एड. अनिल राज गुप्ता, पं. हरिशंकर शर्मा, भुवनेश आधुनिक, अटल वार्ष्णेय, नितिन वार्ष्णेय, विपिन राजाजी, चंद्रभूषण शर्मा, उमा वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे। कुटुंब प्रबोधन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा विश्वकर्मा नगर में बसंत उत्सव, परिवार मिलन व भजन संध्या का आयोजन किया।

मौके पर गोपाल अग्रवाल परख, ललित, अजय कुमार, महेश कुमार, अमित कुमार बैटरी वाले, सजल कुमार, बंटी सिंह, आदित्य कुमार सिंह, देवेंद्र गुप्ता, दिनेश शास्त्री, कपिल, ओम प्रकाश, निधीश, जितेंद्र शर्मा, रितु अग्रवाल, पूनम वार्ष्णेय, गिरधारी गोयल, सुमित गोटेवाल आदि थे। डीएस कालेज के प्यारेलाल सभागार में आयोजित हवन पूजन के सात वेद-वेदांग पर अतिथियों ने अपने-अपने संबोधन रखे। इस मौके पर डॉ. द्वारिकानाथ त्रिपाठी, डॉ. रामप्रकाश वर्णी, डॉ. पूनम जैन, डॉ. शिवानी गुप्ता, योगेश्वर पांडेय, राजीव शुक्ल, श्यामाचरण उपाध्याय, गौरव, सृष्टि, पूजा आदि थे। जयगंज स्थित स्कूल नंबर 35 से दौलताबाद मेला निकाला गया।

इस दौरान निकली शोभायात्रा का उद्घाटन मोती सिंह यादव, छोटेलाल यादव, केवल यादव, प्रमोद यादव ने फीता काटकर किया। यह मेला सासनीगेट चौराहे, मथुरा रोड होते हुए दौलताबाद देवी मंदिर पर समाप्त हुआ। इस शोभायात्रा में चल रही झांकियों को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।


होलिका दहन के लिए गाढ़े गए डांड़ा
अलीगढ़। बसंत पंचमी से जहां ब्रज में होली की शुरूआत हो जाती है। उसी प्रकार बसंत पंचमी का दिन डांड़ा गाढ़ने की परंपरा भी बहुत पुरानी चली आ रही है। सरल शब्दों में कहें तो होलिका को चौराहे, तिराहों पर स्थापित किया जाता है। लेकिन रविवार सुबह शहर के एक आध चौराहे पर ही डांड़ा गाढ़ा गया। जबकि देहात क्षेत्र में अधिकांश स्थानों पर पूर्व परंपरा के अनुसार डांड़ा गाढ़ा गया।

इससे पूर्व होलिका स्थापित वाले स्थान पर विधि विधान से होलिका की पूजा अर्चना की गई। इस संबंध में श्रीगुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि बसंत पंचमी से होली के उत्सव की तैयारियों की शुरुआत प्रारंभ हो जाती है।


उत्तर भारत में बसंत पंचमी से फाग सुनना प्रारंभ हो जाता है। जो फाल्गुन पूर्णिमा तक चलता है। साथ ही होलिका की लकड़ी एकत्रित करना भी प्रारंभ हो जाता है। इसी दिन से मथुरा वृंदावन और ब्रज क्षेत्र में होलिका दहन होता है, वहां डांड़ा (खूंटा) गाढ़ने की परंपरा भी इसी दिन की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed