{"_id":"5bb52d80867a557f365c38a0","slug":"181538600320-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर की गंदगी फैला रही है संक्रामक रोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर की गंदगी फैला रही है संक्रामक रोग
Updated Thu, 04 Oct 2018 02:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़।
संक्रामक रोगों के फैलने में शहर की गंदगी बहुत ही इजाफा कर रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टरों ने आगाह किया है कि बहुत छोटे बच्चों को ज्यादा बाहर न रखें। क्योंकि शहर की हवा में फैले माइक्रोफाइन जर्म सांस के साथ शिशु के फेफड़े में जाकर संक्रमण पैदा कर रहे हैं। उन्हें आसानी से बीमार कर रहे हैं। क्योंकि शिशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है, इसलिए वह संक्रमण का आसनी से शिकार हो जाते हैं। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस ने भी बच्चों को शहर की प्रदूषित हवा और गंदगी से जितना संभव हो उतने बचाव की सलाह दी है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन अलीगढ़ शाखा के मीडिया प्रभारी और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप बंसल कहते हैं कि इस समय उनके पास बीमार बच्चों की बहुत ज्यादा भीड़ आ रही है। शहर की गंदगी हवा में भी वायरस घोल रही है। जो बच्चों के लिए बेहद खतरनाक हैं। इसीलिए वह अपने यहां पर आने वाले बच्चों के परिजनों को सलाह दे रहे हैं कि शहर के भीड़ भाड़ वाले इलाकों में बच्चों को ले जाने से बचें। दूसरी ओर जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान कहती हैं कि इस समय उनके यहां पर ओपीडी में रिकार्ड संख्या में मरीज आ रहे हैं। गत दिनों में एक दिन में 700 मरीज तक आए हैं। यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। उन्होंने कहा कि इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है कि अस्पताल के बाहर ही कूड़े का ढेर है। यहां आने वाले मरीजों को ही पहले कूड़े के ढेर से होकर गुजरना पड़ता है।
संक्रामक रोगों के फैलने में शहर की गंदगी बहुत ही इजाफा कर रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टरों ने आगाह किया है कि बहुत छोटे बच्चों को ज्यादा बाहर न रखें। क्योंकि शहर की हवा में फैले माइक्रोफाइन जर्म सांस के साथ शिशु के फेफड़े में जाकर संक्रमण पैदा कर रहे हैं। उन्हें आसानी से बीमार कर रहे हैं। क्योंकि शिशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है, इसलिए वह संक्रमण का आसनी से शिकार हो जाते हैं। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस ने भी बच्चों को शहर की प्रदूषित हवा और गंदगी से जितना संभव हो उतने बचाव की सलाह दी है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन अलीगढ़ शाखा के मीडिया प्रभारी और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप बंसल कहते हैं कि इस समय उनके पास बीमार बच्चों की बहुत ज्यादा भीड़ आ रही है। शहर की गंदगी हवा में भी वायरस घोल रही है। जो बच्चों के लिए बेहद खतरनाक हैं। इसीलिए वह अपने यहां पर आने वाले बच्चों के परिजनों को सलाह दे रहे हैं कि शहर के भीड़ भाड़ वाले इलाकों में बच्चों को ले जाने से बचें। दूसरी ओर जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान कहती हैं कि इस समय उनके यहां पर ओपीडी में रिकार्ड संख्या में मरीज आ रहे हैं। गत दिनों में एक दिन में 700 मरीज तक आए हैं। यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। उन्होंने कहा कि इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है कि अस्पताल के बाहर ही कूड़े का ढेर है। यहां आने वाले मरीजों को ही पहले कूड़े के ढेर से होकर गुजरना पड़ता है।
विज्ञापन