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चुनौतियों भरे दौर से गुजर रही यूनिवर्सिटी : प्रो. तारिक
Updated Sun, 02 Sep 2018 02:36 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि यूनिवर्सिटी मौजूदा वक्त में चुनौतियों भरे दौर से गुजर रही है, इसलिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों व कर्मचारियों की एकजुटता की जरूरत है। वह एकजुट होकर यूनिवर्सिटी को अपना सहयोग दें। शनिवार को प्रो. मंसूर नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के दौरान एएमयू के कैनेडी हॉल में शिक्षकों व गैर शैक्षिक कर्मचारियों से मुखातिब थे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा-दीक्षा व शोध किसी भी विश्वविद्यालय के शैक्षणिक तंत्र के दो मूल तत्व होते हैं। इनमें लगातार सुधार और उन्हें समय की आवश्यकताओं के अनुसार करना आवश्यक है। कोई भी विश्वविद्यालय अपने शोध व पेटेंट के लिए जाना जाता है। शिक्षकों की जिम्मेदारी होती है कि वह छात्रों का सही दिशा में मार्गदर्शन करें तो छात्रों का भी यह दायित्व है कि वह ज्ञान की तलाश करने वाले बनें, सीखें व शोध कार्य करें।
हम अपने पाठ्यक्रम का नवीनीकरण करें। उद्योग व शिक्षा की वर्तमान आवश्यकता से उसे परिचित करें। शिक्षकों को सेमेस्टर की समाप्ति पर एक रिपोर्ट तैयार करनी है, जिसमें हर कोर्स की बड़ी उपलब्धियां व कमियों को रेखांकित किया जाएगा।
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कुलपति ने कहा कि जो परामर्श दिए जाएं, उनमें पाठ्यक्रम के सुधार, व्याख्यान के लिए इन्नोवेटिव तरीकों का प्रयोग शिक्षा दीक्षा में डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रयोग, क्लास रूम में नवीनतम विषयों पर वाद-विवाद, वास्तविक जीवन की समस्याओं पर आधारित केस स्टडीज व सपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने के प्रस्ताव विशेष रूप से शामिल हों। प्रस्तावित योजनाओं व प्रयासों को लागू करने और इस शिक्षा सत्र में उसके प्रभाव का विश्लेषण करें। शिक्षक केवल क्लास रूम में पढ़ाने के लिए नहीं हैं, बल्कि उनकी भूमिका इससे बढ़कर है उन्हें छात्रों के बौद्धिक विकास के साथ उनको प्रशिक्षण प्रदान करना है।
कुलपति ने कहा कि हमारे लिए यह एक अवसर है। मूक्स (एमओओसीएस) के लिए उच्च स्तरीय ईकोंनटेंट तैयार करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता दे रहा है। इस पर कार्य करने से जहां एक ओर आर्थिक सहायता मिलेगी तो दूसरी ओर एएमयू की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज, वीमेंस कॉलेज, विधि संकाय व तिब्बिया कॉलेज में शिक्षकों के लिए नए चैंबर बनाए जा रहे हैं।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि यूनिवर्सिटी मौजूदा वक्त में चुनौतियों भरे दौर से गुजर रही है, इसलिए सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों व कर्मचारियों की एकजुटता की जरूरत है। वह एकजुट होकर यूनिवर्सिटी को अपना सहयोग दें। शनिवार को प्रो. मंसूर नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के दौरान एएमयू के कैनेडी हॉल में शिक्षकों व गैर शैक्षिक कर्मचारियों से मुखातिब थे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा-दीक्षा व शोध किसी भी विश्वविद्यालय के शैक्षणिक तंत्र के दो मूल तत्व होते हैं। इनमें लगातार सुधार और उन्हें समय की आवश्यकताओं के अनुसार करना आवश्यक है। कोई भी विश्वविद्यालय अपने शोध व पेटेंट के लिए जाना जाता है। शिक्षकों की जिम्मेदारी होती है कि वह छात्रों का सही दिशा में मार्गदर्शन करें तो छात्रों का भी यह दायित्व है कि वह ज्ञान की तलाश करने वाले बनें, सीखें व शोध कार्य करें।
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हम अपने पाठ्यक्रम का नवीनीकरण करें। उद्योग व शिक्षा की वर्तमान आवश्यकता से उसे परिचित करें। शिक्षकों को सेमेस्टर की समाप्ति पर एक रिपोर्ट तैयार करनी है, जिसमें हर कोर्स की बड़ी उपलब्धियां व कमियों को रेखांकित किया जाएगा।
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कुलपति ने कहा कि जो परामर्श दिए जाएं, उनमें पाठ्यक्रम के सुधार, व्याख्यान के लिए इन्नोवेटिव तरीकों का प्रयोग शिक्षा दीक्षा में डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रयोग, क्लास रूम में नवीनतम विषयों पर वाद-विवाद, वास्तविक जीवन की समस्याओं पर आधारित केस स्टडीज व सपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने के प्रस्ताव विशेष रूप से शामिल हों। प्रस्तावित योजनाओं व प्रयासों को लागू करने और इस शिक्षा सत्र में उसके प्रभाव का विश्लेषण करें। शिक्षक केवल क्लास रूम में पढ़ाने के लिए नहीं हैं, बल्कि उनकी भूमिका इससे बढ़कर है उन्हें छात्रों के बौद्धिक विकास के साथ उनको प्रशिक्षण प्रदान करना है।
कुलपति ने कहा कि हमारे लिए यह एक अवसर है। मूक्स (एमओओसीएस) के लिए उच्च स्तरीय ईकोंनटेंट तैयार करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता दे रहा है। इस पर कार्य करने से जहां एक ओर आर्थिक सहायता मिलेगी तो दूसरी ओर एएमयू की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज, वीमेंस कॉलेज, विधि संकाय व तिब्बिया कॉलेज में शिक्षकों के लिए नए चैंबर बनाए जा रहे हैं।